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विश्व योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय ने बताई 'पॉज, ब्रीद, रीकनेक्ट' ध्यान तकनीक

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विश्व योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय ने बताई 'पॉज, ब्रीद, रीकनेक्ट' ध्यान तकनीक

सारांश

विश्व योग दिवस से ठीक पहले आयुष मंत्रालय ने 'पॉज, ब्रीद, रीकनेक्ट' तकनीक के ज़रिए ध्यान को सबके लिए सुलभ बनाने की कोशिश की है — बस पाँच मिनट, एक शांत कोना, और सांस पर ध्यान। शहरी तनाव के बीच यह सरल संदेश बड़े काम का हो सकता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 8 जून 2025 को 'पॉज, ब्रीद, रीकनेक्ट' ध्यान तकनीक साझा की।
तकनीक में ज्ञान मुद्रा , सांस पर एकाग्रता और आज्ञा चक्र पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
प्रतिदिन कम से कम 5 मिनट के अभ्यास से तनाव में कमी और नींद में सुधार संभव — विशेषज्ञों के अनुसार।
यह अभियान विश्व योग दिवस (21 जून) की तैयारी के तहत चलाया जा रहा है।
तकनीक शुरुआती और अनुभवी — दोनों स्तर के अभ्यासकर्ताओं के लिए उपयुक्त बताई गई है।

आयुष मंत्रालय ने 8 जून 2025 को विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर एक सरल और प्रभावी ध्यान तकनीक साझा की है, जिसे 'पॉज, ब्रीद, रीकनेक्ट' नाम दिया गया है — अर्थात् रुकें, सांस लें और स्वयं से पुनः जुड़ें। मंत्रालय का यह अभियान उन लाखों भारतीयों को लक्षित करता है जो आधुनिक जीवन की भागदौड़ में मानसिक शांति खोज रहे हैं।

मंत्रालय का संदेश और उद्देश्य

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस के निकट आने के साथ नागरिकों को योग और ध्यान को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करने की मुहिम तेज़ कर दी है। मंत्रालय लगातार नए योगासनों और उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी साझा कर रहा है। इस बार का केंद्र बिंदु है — ध्यान, जिसे विशेषज्ञ मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की आधारशिला मानते हैं।

ध्यान तकनीक: चरण-दर-चरण विधि

मंत्रालय द्वारा बताई गई ध्यान विधि शुरुआती अभ्यासकर्ताओं के लिए भी सुलभ है। सबसे पहले किसी शांत और आरामदायक स्थान पर ध्यान मुद्रा में बैठें और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। दोनों हाथों को जाँघों पर ज्ञान मुद्रा (अंगूठे और तर्जनी को मिलाकर) में रखें।

इसके बाद धीरे-धीरे आँखें बंद करें और चेहरे को हल्का ऊपर उठाएँ। सामान्य गति से सांस लेते-छोड़ते रहें और सबसे पहले अपना पूरा ध्यान केवल सांस पर केंद्रित करें। फिर ध्यान को आज्ञा चक्र (दोनों भौंहों के मध्य बिंदु) पर स्थिर करें। इस अवस्था में कम से कम पाँच मिनट या जितनी देर सहज अनुभव हो, बने रहें।

अभ्यास समाप्त करने के लिए ध्यान को धीरे-धीरे सांस की ओर वापस लाएँ और फिर आसपास के परिवेश की ओर। योग विशेषज्ञों के अनुसार यह क्रम मन को झटके से बाहर लाने की बजाय सहज रूप से सामान्य स्थिति में लौटाता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

योग विशेषज्ञों का कहना है कि ध्यान मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन स्थापित करने का सबसे सुलभ उपाय है। उनके अनुसार, व्यस्त दिनचर्या में भी प्रतिदिन केवल कुछ मिनटों की सचेत सांस और ध्यान अभ्यास से जीवन में स्पष्टता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है। नियमित अभ्यास से तनाव में कमी, नींद की गुणवत्ता में सुधार और मानसिक अशांति का निवारण होता है — ऐसा विशेषज्ञ बताते हैं।

आम जनता पर असर

यह तकनीक विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो ध्यान में नए हैं या जिनके पास समय की कमी है। मंत्रालय का तर्क है कि योग और ध्यान केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं — ये मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी उतने ही अनिवार्य हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी भारत में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

आगे की राह

विश्व योग दिवस (21 जून) के करीब आते ही मंत्रालय के इस तरह के जागरूकता अभियान और तेज़ होने की संभावना है। विशेषज्ञ नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि इस तकनीक को एक बार आज़माएँ और धीरे-धीरे इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या ये सोशल मीडिया पोस्ट केवल योग दिवस तक सीमित रहेंगी या इनके पीछे कोई दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य ढाँचा भी है। भारत में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भारी कमी को देखते हुए, ध्यान जैसी निःशुल्क और सुलभ तकनीकों का प्रचार-प्रसार निस्संदेह सराहनीय है। परंतु बिना अनुवर्ती संसाधनों — जैसे प्रशिक्षित प्रशिक्षकों तक पहुँच या डिजिटल कार्यक्रमों — के, ये संदेश अल्पकालिक जागरूकता से आगे नहीं जा पाते। मंत्रालय को चाहिए कि वह इन तकनीकों को एक व्यापक मानसिक स्वास्थ्य नीति से जोड़े।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'पॉज, ब्रीद, रीकनेक्ट' ध्यान तकनीक क्या है?
यह आयुष मंत्रालय द्वारा साझा की गई एक सरल ध्यान विधि है जिसमें शांत बैठकर सांस पर ध्यान केंद्रित किया जाता है और फिर आज्ञा चक्र पर मन को स्थिर किया जाता है। इसका उद्देश्य दैनिक तनाव को कम करना और मानसिक शांति प्राप्त करना है।
इस ध्यान तकनीक को कैसे करें?
ध्यान मुद्रा में बैठें, रीढ़ सीधी रखें, हाथों को जाँघों पर ज्ञान मुद्रा में रखें और आँखें बंद कर सांस पर ध्यान दें। फिर ध्यान को भौंहों के बीच आज्ञा चक्र पर ले जाएँ और कम से कम पाँच मिनट इसी अवस्था में रहें।
यह तकनीक किसके लिए उपयुक्त है?
यह तकनीक ध्यान के शुरुआती और अनुभवी — दोनों स्तर के अभ्यासकर्ताओं के लिए उपयुक्त बताई गई है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो व्यस्त दिनचर्या में मानसिक शांति खोज रहे हैं।
नियमित ध्यान अभ्यास से क्या फ़ायदे होते हैं?
योग विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित ध्यान से तनाव कम होता है, नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और मानसिक अशांति दूर होती है। यह एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन स्थापित करने में भी सहायक है।
आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस से पहले यह अभियान क्यों चला रहा है?
21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस की तैयारी में आयुष मंत्रालय नागरिकों को योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित कर रहा है। मंत्रालय का लक्ष्य शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है।
राष्ट्र प्रेस
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