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योगासन से पहले आयुष मंत्रालय के ये ज़रूरी नियम जानें, अभ्यास होगा सुरक्षित और असरदार

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योगासन से पहले आयुष मंत्रालय के ये ज़रूरी नियम जानें, अभ्यास होगा सुरक्षित और असरदार

सारांश

आयुष मंत्रालय ने योगाभ्यास को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं — स्वच्छता से लेकर उचित कपड़ों तक, और पुरानी बीमारी या गर्भावस्था में विशेषज्ञ-सलाह तक। ये नियम करोड़ों योग-अभ्यासकर्ताओं के लिए एक ज़रूरी अनुस्मारक हैं।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 5 अक्टूबर 2026 को योगाभ्यास से पहले अपनाने योग्य दिशा-निर्देश साझा किए।
अभ्यास के लिए शांत, कम-शोर वाला वातावरण और शारीरिक-मानसिक स्वच्छता आवश्यक है।
योग से पहले शौच और हल्के ढीले सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
पुरानी बीमारी, हृदय समस्या वाले व्यक्तियों को योगासन से पहले चिकित्सक या योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान केवल योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही अभ्यास करें।

आयुष मंत्रालय ने 5 अक्टूबर 2026 को योगाभ्यास से पहले अपनाए जाने वाले आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए हैं, जिनका उद्देश्य योग को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और सुविधाजनक बनाना है। मंत्रालय के अनुसार, योग का पूरा लाभ तभी मिलता है जब आसनों के साथ-साथ अभ्यास से पहले की तैयारियों पर भी ध्यान दिया जाए।

स्वच्छता और वातावरण का महत्व

मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में शारीरिक और मानसिक स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। योग केवल शरीर की सफाई तक सीमित नहीं है — अभ्यास स्थल का वातावरण भी शांत और व्यवधान-मुक्त होना चाहिए। ऐसी जगह का चुनाव करें जहाँ शोर-शराबा न्यूनतम हो, ताकि अभ्यासकर्ता अपना ध्यान पूरी तरह योग पर केंद्रित कर सके।

अभ्यास से पहले शरीर और मन की तैयारी

योगाभ्यास शुरू करने से पहले शरीर और मन दोनों को शांत और विश्रामशील अवस्था में होना चाहिए। मंत्रालय के अनुसार, अत्यधिक थकान या जल्दबाजी की स्थिति में योग करने से बचना उचित है। अभ्यास से पूर्व शौच अवश्य करना चाहिए, जिससे पेट हल्का रहे और आसनों के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उचित कपड़े और सामग्री का चुनाव

योग के दौरान हल्के और ढीले सूती वस्त्र पहनना अनुशंसित है, जो शरीर की गतिविधियों में बाधा न डालें। आसन करने के लिए योग मैट, दरी, मोटे कपड़े या मुड़े हुए कंबल का उपयोग किया जा सकता है। इससे ज़मीन पर बैठने में सुविधा रहती है और चोट का जोखिम भी कम होता है।

विशेष स्वास्थ्य परिस्थितियों में सावधानी

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि योग हर व्यक्ति के लिए एकसमान नहीं होता। जिन व्यक्तियों को पुरानी बीमारी, लगातार शारीरिक दर्द या हृदय संबंधी समस्या हो, उन्हें योगासन शुरू करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या प्रमाणित योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। अभ्यासकर्ता को अपनी शारीरिक क्षमता के अनुरूप ही आसनों का चयन करना चाहिए।

गर्भावस्था में योग के लिए विशेष निर्देश

गर्भावस्था के दौरान योगाभ्यास को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इस अवस्था में केवल योग विशेषज्ञ की देखरेख और सलाह के आधार पर ही उचित अभ्यास करना चाहिए। स्वयं से किसी भी कठिन आसन का प्रयास इस दौरान उचित नहीं माना जाता।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में योग की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ रही है और लाखों लोग रोज़ाना अभ्यास करते हैं। मंत्रालय के ये दिशा-निर्देश न केवल शुरुआती अभ्यासकर्ताओं के लिए उपयोगी हैं, बल्कि अनुभवी योगियों को भी सुरक्षित अभ्यास की याद दिलाते हैं। आने वाले समय में मंत्रालय की ओर से ऐसे और मार्गदर्शक दस्तावेज़ जारी किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत में योग की बढ़ती अनियमित लोकप्रियता को देखते हुए इनकी प्रासंगिकता बढ़ जाती है — जहाँ कई लोग बिना किसी प्रशिक्षण के कठिन आसन करने का प्रयास करते हैं। गौरतलब है कि मंत्रालय की यह पहल उन लाखों अभ्यासकर्ताओं के लिए खास मायने रखती है जो ऑनलाइन वीडियो देखकर बिना विशेषज्ञ मार्गदर्शन के योग करते हैं। हृदय रोगियों और गर्भवती महिलाओं को दी गई विशेष चेतावनी ज़रूरी है, पर असली सवाल यह है कि ये दिशा-निर्देश ज़मीनी स्तर तक कैसे पहुँचेंगे — जब तक इन्हें स्थानीय भाषाओं में व्यापक रूप से प्रचारित नहीं किया जाता, इनका प्रभाव सीमित रहेगा।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष मंत्रालय ने योगासन से पहले कौन-कौन से नियम बताए हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार योगाभ्यास से पहले शारीरिक और मानसिक स्वच्छता, शांत वातावरण का चुनाव, शौच, हल्के सूती कपड़े और योग मैट या दरी का उपयोग ज़रूरी है। इसके अलावा थकान या जल्दबाजी की स्थिति में अभ्यास से बचने की भी सलाह दी गई है।
क्या बीमार व्यक्ति योग कर सकते हैं?
पुरानी बीमारी, लगातार शारीरिक दर्द या हृदय संबंधी समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों को योगासन शुरू करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या प्रमाणित योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही आसनों का चयन करना उचित है।
गर्भावस्था के दौरान योग करना सुरक्षित है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार गर्भावस्था के दौरान योग विशेषज्ञ की सलाह और देखरेख में ही अभ्यास करना चाहिए। इस अवस्था में स्वयं से कठिन आसन आज़माना उचित नहीं है।
योगाभ्यास के लिए किस तरह के कपड़े पहनने चाहिए?
मंत्रालय ने हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है, जो शरीर की गतिविधियों में बाधा न डालें। आसन करते समय योग मैट, दरी या मुड़े हुए कंबल का उपयोग करना सुविधाजनक और सुरक्षित रहता है।
योग के लिए कैसा वातावरण सबसे उपयुक्त माना जाता है?
आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार योग हमेशा ऐसी जगह पर करना चाहिए जहाँ शोर-शराबा कम हो और मन को शांत रखना आसान हो। अभ्यास स्थल साफ़-सुथरा और व्यवधान-मुक्त होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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