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गलत योग से शरीर को नुकसान: आयुष मंत्रालय की 5 ज़रूरी सावधानियाँ जो हर अभ्यासकर्ता को जाननी चाहिए

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गलत योग से शरीर को नुकसान: आयुष मंत्रालय की 5 ज़रूरी सावधानियाँ जो हर अभ्यासकर्ता को जाननी चाहिए

सारांश

योग लाभकारी है — पर केवल तब जब सही तरीके से किया जाए। आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बिना विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में और गलत तकनीक से योग करना शरीर को नुकसान पहुँचा सकता है। सूर्योदय पर अभ्यास, भोजन के 2-3 घंटे बाद, और क्षमता के अनुसार आसन — ये पाँच सावधानियाँ हर अभ्यासकर्ता के लिए ज़रूरी हैं।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय के अनुसार, गलत तकनीक से किया गया योग मांसपेशियों में खिंचाव और चोट का कारण बन सकता है।
शुरुआती अभ्यासकर्ताओं को किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ या थेरेपिस्ट की देखरेख में योग सीखना चाहिए।
योगासन का सर्वोत्तम समय सूर्योदय है; भोजन के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद ही अभ्यास करें।
शुरुआत हमेशा हल्के आसनों — ताड़ासन , कटी चक्रासन , शशांक भुजंग गति — से करनी चाहिए।
पुरानी बीमारी या जोड़ों का दर्द होने पर प्रशिक्षित ट्रेनर व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार अभ्यास तय करते हैं।
कोई भी दुष्प्रभाव या परेशानी महसूस होने पर तुरंत इंस्ट्रक्टर या थेरेपिस्ट को सूचित करें।

आयुष मंत्रालय के विशेषज्ञों के अनुसार, बिना उचित मार्गदर्शन या गलत तकनीक से किया गया योगाभ्यास शरीर को लाभ पहुँचाने की बजाय गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2026 को योग शुरू करने वाले नए अभ्यासकर्ताओं के लिए पाँच महत्वपूर्ण सावधानियाँ जारी की हैं, जिनका पालन करने पर ही योग का पूर्ण लाभ मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि शरीर, मन और श्वास के समन्वय की एक समग्र साधना है।

जागरूकता के साथ करें योगाभ्यास

योगासन का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब अभ्यासकर्ता पूरी सजगता और ध्यान के साथ अभ्यास करे। आयुष मंत्रालय के अनुसार, शरीर की क्षमता का सम्मान करते हुए धीरे-धीरे अभ्यास करने से मांसपेशियों में खिंचाव और झटके जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। जब अभ्यासकर्ता पूर्ण सजगता के साथ योग करते हैं, तो इसके लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं।

योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में करें शुरुआत

विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि शुरुआती अभ्यासकर्ताओं को किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ या थेरेपिस्ट की देखरेख में ही योग सीखना चाहिए। एक्सपर्ट की निगरानी में अभ्यास करने से सही शारीरिक मुद्रा (पॉश्चर) और श्वास की तकनीक समझने में मदद मिलती है। गौरतलब है कि यदि किसी अभ्यासकर्ता को पुरानी बीमारी, जोड़ों का दर्द या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो प्रशिक्षित ट्रेनर उनकी शारीरिक स्थिति के अनुसार उपयुक्त अभ्यास तय करते हैं।

योग करने का सही तरीका और समय

आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग करने का सर्वोत्तम समय सूर्योदय है, हालाँकि सूर्यास्त के बाद भी इसे किया जा सकता है। विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि योगासन भोजन के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद ही करना चाहिए। योग को शुद्ध शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि शरीर, मन और श्वास के तालमेल की प्रक्रिया मानना आवश्यक है।

शारीरिक क्षमता के अनुसार करें अभ्यास

अभ्यासकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा हल्के और सामान्य आसनों — जैसे ताड़ासन, कटी चक्रासन या शशांक भुजंग गति — से शुरुआत करें। धीरे-धीरे अभ्यास की तीव्रता और जटिलता बढ़ाना, शरीर को आघात से बचाने का सबसे सुरक्षित तरीका है। किसी भी प्रकार की परेशानी या दुष्प्रभाव महसूस होने पर तुरंत अपने प्रशिक्षक या थेरेपिस्ट को सूचित करना आवश्यक है।

स्वतंत्र अभ्यास की ओर बढ़ें — चरणबद्ध तरीके से

जब अभ्यासकर्ता को बेसिक आसनों की पर्याप्त समझ हो जाए, तभी उन्हें धीरे-धीरे स्वतंत्र अभ्यास की ओर बढ़ना चाहिए। मंत्रालय के अनुसार, योग सीखना केवल किसी को देखकर या निर्देश पढ़कर नहीं होता — इसके लिए व्यावहारिक और व्यक्तिगत मार्गदर्शन आवश्यक है। सही नींव के साथ शुरू किया गया स्वतंत्र अभ्यास दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे अक्सर महज़ फिटनेस रूटीन में तब्दील कर दिया जाता है — जहाँ गति है, पर सजगता नहीं। मंत्रालय की गाइडलाइन ज़रूरी है, पर असली सवाल यह है कि क्या सरकारी सलाह उन लाखों लोगों तक पहुँच पाएगी जो यूट्यूब वीडियो देखकर जटिल आसन करने की कोशिश करते हैं।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गलत तरीके से योग करने से क्या नुकसान हो सकता है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, गलत तकनीक या बिना जानकारी के योग करने से मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में दर्द और शारीरिक चोट लग सकती है। इसीलिए शुरुआती अभ्यासकर्ताओं को किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास शुरू करना चाहिए।
योग करने का सबसे सही समय कौन सा है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग करने का सर्वोत्तम समय सूर्योदय है। हालाँकि सूर्यास्त के बाद भी अभ्यास किया जा सकता है, लेकिन किसी भी समय योग भोजन के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद ही करना चाहिए।
नए योग अभ्यासकर्ताओं को किन आसनों से शुरुआत करनी चाहिए?
विशेषज्ञों की सलाह है कि शुरुआती अभ्यासकर्ता हमेशा हल्के और सामान्य आसनों — जैसे ताड़ासन, कटी चक्रासन या शशांक भुजंग गति — से शुरुआत करें। धीरे-धीरे शरीर की क्षमता बढ़ने पर ही अधिक जटिल आसनों की ओर बढ़ें।
पुरानी बीमारी या जोड़ों के दर्द में योग करना सही है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, पुरानी बीमारी, जोड़ों का दर्द या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में प्रशिक्षित ट्रेनर या थेरेपिस्ट की देखरेख में ही योग करना चाहिए। ट्रेनर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति के अनुसार उपयुक्त आसन तय करते हैं, जिससे नुकसान का जोखिम कम होता है।
क्या घर पर अकेले योग करना सुरक्षित है?
विशेषज्ञों के अनुसार, पहले किसी योग एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में बेसिक आसनों की सही समझ विकसित करना जरूरी है। जब अभ्यासकर्ता को सही तकनीक और श्वास की विधि का पर्याप्त ज्ञान हो जाए, तभी वे सावधानी के साथ स्वतंत्र अभ्यास की ओर बढ़ सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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