आयुष मंत्रालय की माइंडफुल योग सलाह: सजगता और धैर्य से करें अभ्यास, मिलेंगे ये फायदे
सारांश
मुख्य बातें
आयुष मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2026 को योग अभ्यासियों के लिए माइंडफुल योग को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए, जिसमें कहा गया कि योग का अभ्यास सदैव सजगता और धैर्य के साथ किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी साझा की। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब देश में योग के प्रति रुचि तेज़ी से बढ़ रही है।
मंत्रालय ने क्या कहा
आयुष मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'जागरूकता के साथ अभ्यास करें और धैर्य के साथ आगे बढ़ें। एक माइंडफुल योग अभ्यास आपके शरीर के प्रति जागरूकता और सम्मान के साथ शुरू होता है। धीरे-धीरे अभ्यास करें, स्वाभाविक रूप से सांस लें, तनाव से बचें और अपनी क्षमता के अनुसार करें।' मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया कि अभ्यास को ध्यान, मौन, संकल्प या शांतिपाठ के साथ समाप्त किया जाए।
माइंडफुल योग के मुख्य नियम
मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की सूची में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं: अभ्यास की शुरुआत प्रार्थना से करें। धीरे-धीरे, कोमलता और जागरूकता के साथ आगे बढ़ें। नाक से स्वाभाविक रूप से सांस लें और जब तक विशेष निर्देश न हो, सांस रोकने से बचें। झटके, अनावश्यक खिंचाव या शरीर पर अतिरिक्त जोर देने से परहेज करें। प्रत्येक अभ्यास के लिए निर्धारित नियमों का पालन करें और अपनी क्षमता की सीमा में रहें। नियमितता बनाए रखें और अभ्यास में धैर्य रखें।
माइंडफुल योग के स्वास्थ्य लाभ
सजगता के साथ योग करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन का स्तर घटता है और मन शांत होता है। वर्तमान क्षण में रहने की आदत से मानसिक स्पष्टता बढ़ती है और एकाग्रता मज़बूत होती है। यह अभ्यास भावनाओं को परिष्कृत करता है तथा आत्म-जागरूकता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता में सुधार लाता है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय पिछले कुछ वर्षों से योग को वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से अपनाने के लिए नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाता रहा है। यह सलाह उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो नए-नए योगाभ्यास शुरू कर रहे हैं या अत्यधिक उत्साह में शरीर पर अनावश्यक दबाव डाल लेते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सजगतापूर्वक किया गया अभ्यास चोट के जोखिम को कम करता है और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करता है। आने वाले समय में मंत्रालय योग के विभिन्न पहलुओं पर इसी तरह के दिशा-निर्देश जारी करता रहेगा।