हरभजन सिंह का बड़ा बयान: पंजाब खेल में पिछड़ा, संसाधन और पलायन बड़ी वजह
सारांश
मुख्य बातें
राज्य सभा सांसद और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने 6 अगस्त 2026 को संसद परिसर, नई दिल्ली में कहा कि पंजाब खेल के क्षेत्र में लगातार पिछड़ता जा रहा है, जबकि देश के अन्य राज्य तेज़ी से आगे निकल रहे हैं। उन्होंने इसके लिए संसाधनों की कमी, जर्जर खेल अवसंरचना और बड़े पैमाने पर युवाओं के पलायन को ज़िम्मेदार ठहराया।
हरभजन का बयान: क्या बोले सांसद
हरभजन सिंह ने कहा, "खेल एक ऐसा क्षेत्र है जिसे मैं समझता हूं क्योंकि मैंने खेला है। मुझे उम्मीद है कि पंजाब के खेल से जुड़ी संरचनाओं को बेहतर बनाने के लिए काम किया जाएगा।" उन्होंने जोड़ा, "मैं सालों से कह रहा हूं कि पंजाब खेल के क्षेत्र में लगातार पिछड़ रहा है, जबकि दूसरे राज्य आगे बढ़ गए हैं — मुख्य रूप से संसाधन और संरचना की कमी और बहुत से युवाओं के विदेश चले जाने की वजह से।"
युवा पलायन और उद्योग की कमी
युवाओं के राज्य छोड़ने के सवाल पर हरभजन ने स्पष्ट रूप से कहा, "पंजाब के बहुत सारे युवा इसलिए बाहर चले गए हैं, क्योंकि वर्षों से राज्य में उद्योग बहुत कम हैं। युवाओं को काम के लिए दिल्ली, मुंबई या कहीं और जाना पड़ता है।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अब तक किसी भी बड़ी कंपनी ने पंजाब में उल्लेखनीय निवेश नहीं किया है, जिससे रोज़गार के अवसर सीमित बने हुए हैं।
गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात
हरभजन सिंह ने बुधवार, 5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पंजाब में खेल के विकास पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बैठक में दो प्रमुख मुद्दे उठाए गए — पहला, पंजाब में खेल अवसंरचना की दयनीय स्थिति और राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में खेल का अंतिम पायदान पर होना। दूसरा, युवाओं को नशे से दूर रखने में खेल की भूमिका, जिसे उन्होंने सबसे असरदार उपायों में से एक बताया।
पंजाब के खेल को पुनर्जीवित करने का आह्वान
हरभजन ने भरोसा जताया कि यदि पंजाब के युवाओं पर ध्यान दिया जाए, उन्हें खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो राज्य एक बार फिर देश को बेहतरीन एथलीट दे सकता है। उन्होंने उद्योग, रोज़गार और खेल — तीनों मोर्चों पर एक साथ व्यापक काम करने की ज़रूरत पर बल दिया। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में युवा पलायन और नशे की समस्या राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हुई है।