6 अगस्त 2026
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हरभजन सिंह का बड़ा बयान: पंजाब खेल में पिछड़ा, संसाधन और पलायन बड़ी वजह

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हरभजन सिंह का बड़ा बयान: पंजाब खेल में पिछड़ा, संसाधन और पलायन बड़ी वजह

सारांश

पूर्व क्रिकेटर और राज्य सभा सांसद हरभजन सिंह ने साफ़ कहा — पंजाब, जो कभी खेलों में देश का अगुआ था, आज संसाधन की कमी और युवा पलायन की दोहरी मार से पिछड़ गया है। गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्होंने खेल अवसंरचना और नशामुक्ति में खेल की भूमिका पर ज़ोर दिया।

मुख्य बातें

हरभजन सिंह ने 6 अगस्त 2026 को संसद परिसर में कहा कि पंजाब खेल के क्षेत्र में लगातार पिछड़ रहा है।
संसाधनों की कमी, जर्जर खेल अवसंरचना और युवाओं का बड़े पैमाने पर पलायन मुख्य कारण बताए।
हरभजन ने बुधवार, 5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर पंजाब के खेल विकास पर चर्चा की।
बैठक में दो मुद्दे उठाए: खेल अवसंरचना की दुर्दशा और नशे से बचाव में खेल की भूमिका।
उन्होंने कहा — अब तक किसी बड़ी कंपनी ने पंजाब में बड़ा निवेश नहीं किया, जिससे युवा रोज़गार के लिए राज्य छोड़ रहे हैं।

राज्य सभा सांसद और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने 6 अगस्त 2026 को संसद परिसर, नई दिल्ली में कहा कि पंजाब खेल के क्षेत्र में लगातार पिछड़ता जा रहा है, जबकि देश के अन्य राज्य तेज़ी से आगे निकल रहे हैं। उन्होंने इसके लिए संसाधनों की कमी, जर्जर खेल अवसंरचना और बड़े पैमाने पर युवाओं के पलायन को ज़िम्मेदार ठहराया।

हरभजन का बयान: क्या बोले सांसद

हरभजन सिंह ने कहा, "खेल एक ऐसा क्षेत्र है जिसे मैं समझता हूं क्योंकि मैंने खेला है। मुझे उम्मीद है कि पंजाब के खेल से जुड़ी संरचनाओं को बेहतर बनाने के लिए काम किया जाएगा।" उन्होंने जोड़ा, "मैं सालों से कह रहा हूं कि पंजाब खेल के क्षेत्र में लगातार पिछड़ रहा है, जबकि दूसरे राज्य आगे बढ़ गए हैं — मुख्य रूप से संसाधन और संरचना की कमी और बहुत से युवाओं के विदेश चले जाने की वजह से।"

युवा पलायन और उद्योग की कमी

युवाओं के राज्य छोड़ने के सवाल पर हरभजन ने स्पष्ट रूप से कहा, "पंजाब के बहुत सारे युवा इसलिए बाहर चले गए हैं, क्योंकि वर्षों से राज्य में उद्योग बहुत कम हैं। युवाओं को काम के लिए दिल्ली, मुंबई या कहीं और जाना पड़ता है।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अब तक किसी भी बड़ी कंपनी ने पंजाब में उल्लेखनीय निवेश नहीं किया है, जिससे रोज़गार के अवसर सीमित बने हुए हैं।

गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात

हरभजन सिंह ने बुधवार, 5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पंजाब में खेल के विकास पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बैठक में दो प्रमुख मुद्दे उठाए गए — पहला, पंजाब में खेल अवसंरचना की दयनीय स्थिति और राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में खेल का अंतिम पायदान पर होना। दूसरा, युवाओं को नशे से दूर रखने में खेल की भूमिका, जिसे उन्होंने सबसे असरदार उपायों में से एक बताया।

पंजाब के खेल को पुनर्जीवित करने का आह्वान

हरभजन ने भरोसा जताया कि यदि पंजाब के युवाओं पर ध्यान दिया जाए, उन्हें खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो राज्य एक बार फिर देश को बेहतरीन एथलीट दे सकता है। उन्होंने उद्योग, रोज़गार और खेल — तीनों मोर्चों पर एक साथ व्यापक काम करने की ज़रूरत पर बल दिया। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में युवा पलायन और नशे की समस्या राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार संसद परिसर और गृह मंत्री से मुलाकात का संदर्भ इसे राजनीतिक वज़न देता है। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र-राज्य संबंधों की जटिलताओं के बीच पंजाब की खेल अवसंरचना के लिए ठोस बजटीय प्रतिबद्धता आएगी, या यह बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा। पंजाब में नशे की समस्या और युवा पलायन दोनों आपस में गहराई से जुड़े हैं — खेल इसका एकमात्र समाधान नहीं है, लेकिन एक सिद्ध हस्तक्षेप ज़रूर है। बिना राज्य सरकार की प्राथमिकता और केंद्र के वित्तपोषण के समन्वय के, यह चर्चा भी पिछली घोषणाओं की तरह कागज़ों तक सिमट सकती है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरभजन सिंह ने पंजाब के खेल पर क्या कहा?
हरभजन सिंह ने कहा कि पंजाब, जो कभी खेलों में देश में सबसे आगे था, आज संसाधनों की कमी और युवाओं के बड़े पैमाने पर पलायन की वजह से पिछड़ गया है। उन्होंने खेल अवसंरचना को बेहतर बनाने और युवाओं को राज्य में रोकने के लिए उद्योग व रोज़गार पर ध्यान देने की माँग की।
हरभजन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से क्यों मुलाकात की?
हरभजन सिंह ने 5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर पंजाब में खेल विकास के दो प्रमुख मुद्दे उठाए — राज्य की जर्जर खेल अवसंरचना और युवाओं को नशे से दूर रखने में खेल की भूमिका। उन्होंने इसे राज्य की प्राथमिकता सूची में ऊपर लाने की अपील की।
पंजाब के युवा राज्य क्यों छोड़ रहे हैं?
हरभजन सिंह के अनुसार, पंजाब में वर्षों से उद्योगों की भारी कमी है और किसी बड़ी कंपनी ने राज्य में उल्लेखनीय निवेश नहीं किया है। इस कारण युवाओं को रोज़गार के लिए दिल्ली, मुंबई या विदेश जाना पड़ता है।
खेल से पंजाब के युवाओं को नशे से कैसे बचाया जा सकता है?
हरभजन सिंह का मानना है कि खेल नशे से बचाव के सबसे असरदार उपायों में से एक है। यदि युवाओं को खेल के अवसर और संसाधन मिलें, तो वे नशे की ओर जाने की बजाय खेल में करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
पंजाब को फिर से खेलों में शीर्ष पर लाने के लिए क्या ज़रूरी है?
हरभजन सिंह के अनुसार, पंजाब को उद्योग, रोज़गार और खेल — तीनों क्षेत्रों में एक साथ व्यापक काम करना होगा। युवाओं को राज्य में वापस लाने के लिए निवेश आकर्षित करना और खेल अवसंरचना को दुरुस्त करना दोनों ज़रूरी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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