पंजाब नशाविरोधी अभियान: AAP सरकार ने चार साल में जब्त की 6,608 किलो हेरोइन — मंत्री बलबीर सिंह
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब सरकार के मंत्री बलबीर सिंह ने मंगलवार, 14 जुलाई को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में खुलासा किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने पिछले चार वर्षों में राज्य में 6,608 किलो हेरोइन जब्त की है — जो पूर्ववर्ती अकाली और कांग्रेस सरकारों के संयुक्त काल में जब्त 5,229 किलो से अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब में नशे की मुख्य आपूर्ति महाराष्ट्र, गुजरात और पाकिस्तान से हो रही है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री बलबीर सिंह के अनुसार, राज्य में नशाविरोधी अभियान आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में मदद मिली है। इसके अतिरिक्त, नशे की तस्करी से जुड़े व्यक्तियों की संपत्तियाँ भी जब्त की गई हैं।
पूर्व सरकारों पर आरोप
मंत्री ने आरोप लगाया कि अकाली दल और अन्य दलों की सरकारों ने नशे की आपूर्ति से जुड़े लोगों के खिलाफ कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना था कि इन लोगों ने नशीले पदार्थों की बिक्री से अपनी संपत्ति बनाई, जबकि तत्कालीन सरकारें मूकदर्शक बनी रहीं। बलबीर सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस प्रवृत्ति को उलटते हुए एक समग्र कार्यप्रणाली अपनाई है, जिसमें सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
नशे के स्रोत और केंद्र से अपील
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब में नशे की आपूर्ति मुख्यतः महाराष्ट्र, गुजरात और पाकिस्तान से हो रही है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान हमारा शत्रु देश है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने ही लोग पंजाब में नशे की आपूर्ति में संलिप्त हैं।' उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि पंजाब के युवाओं को निशाना बनाने की इस कोशिश को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए जाएँ। साथ ही उन्होंने माँग की कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्यों को भी समान प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिया जाए।
युवाओं के लिए वैकल्पिक पहल
बलबीर सिंह ने बताया कि सरकार ने राज्यभर में 31 स्टेडियम बनाए हैं और हर गाँव व मोहल्ले में जिम की सुविधा शुरू की है, ताकि युवा खेल और व्यायाम की ओर प्रेरित हों। नशे की गिरफ्त में आए लोगों के उपचार के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या दशकों से राजनीतिक बहस का केंद्र रही है।
आगे की राह
मंत्री के अनुसार, सरकार नशे की आपूर्ति श्रृंखला को जड़ से समाप्त करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। केंद्र से सहयोग और सीमावर्ती राज्यों के लिए विशेष प्रावधान की माँग से यह स्पष्ट है कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को केवल कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से भी देख रही है।