क्या पंजाब सरकार का 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान सफल हो रहा है? 42 हजार से अधिक आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- 10 महीने में 42,622 ड्रग तस्कर गिरफ्तार हुए।
- 1,849 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई।
- पंजाब पुलिस ने सामूहिक ऑपरेशनों का संचालन किया।
- राज्य में नशामुक्ति के लिए रणनीति लागू की गई।
- नशामुक्ति केंद्रों में 21 लोगों का उपचार किया गया।
चंडीगढ़, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के मार्गदर्शन में शुरू किया गया ड्रग्स के खिलाफ अभियान 'युद्ध नशा विरुद्ध' अब 10 महीने पूरे कर चुका है। पंजाब पुलिस ने 1 मार्च, 2025 से लेकर अब तक 29,351 एफआईआर दर्ज की हैं और कुल 42,622 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने विभिन्न ऑपरेशनों में 1,849 किलोग्राम हेरोइन भी बरामद की है।
इस एंटी-ड्रग अभियान की शुरुआत के बाद से डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व में राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में सामूहिक रूप से ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस से राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए कहा था। पंजाब सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ इस युद्ध की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी का गठन भी किया है।
1,849 किलोग्राम हेरोइन के अलावा, पुलिस ने 599 किलोग्राम अफीम, 272 क्विंटल पोस्ता के छिलके, 51 किलोग्राम चरस, 624 किलोग्राम गांजा, 28 किलोग्राम आईसीई, 46 लाख नशीली गोलियां/टैबलेट और 15.26 करोड़ रुपए की ड्रग मनी भी जब्त की है।
306वें दिन, पंजाब पुलिस ने 49 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 468 ग्राम हेरोइन, 202 नशीली गोलियां और 2,500 रुपए की ड्रग मनी बरामद की।
पुलिस ने बताया कि 61 राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में 700 से अधिक पुलिसकर्मियों की 100 से ज्यादा टीमों ने 257 स्थानों पर छापे मारे, जिससे राज्यभर में 38 एफआईआर दर्ज की गईं। इसके अलावा, पुलिस टीमों ने दिनभर के ऑपरेशन के दौरान 271 संदिग्ध व्यक्तियों की भी जांच की।
इस बीच, पंजाब सरकार ने राज्य से ड्रग्स को समाप्त करने के लिए तीनतरफा रणनीति – प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम लागू की है। पंजाब पुलिस ने 'नशामुक्ति' के तहत 21 लोगों को नशामुक्ति और पुनर्वास उपचार कराने के लिए राजी किया है।