25 अक्टूबर 2026
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पटना में खड़गे के कार्यक्रम में हंगामा: कांग्रेसी युवक की पिटाई, पीएम मोदी पर अपशब्द का विवाद

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पटना में खड़गे के कार्यक्रम में हंगामा: कांग्रेसी युवक की पिटाई, पीएम मोदी पर अपशब्द का विवाद

सारांश

पटना में खड़गे के कार्यक्रम में दोहरा विवाद — एक कांग्रेसी युवक की पिटाई और पीएम मोदी पर अपशब्द। साथ ही खड़गे ने ईवीएम हटाने, एसआईआर रोकने और पिछले दो साल के चुनाव रद्द करने की मांग कर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया।

मुख्य बातें

पटना में 25 अक्टूबर 2026 को डॉ.
श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती कार्यक्रम में हंगामा हुआ।
छपरा निवासी युवक ने खड़गे के संबोधन के दौरान पीएम मोदी को लेकर टिप्पणी की, जिस पर कुछ लोगों ने उसके साथ हाथापाई की।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी के विरुद्ध कथित तौर पर अपशब्द बोले, जिससे विवाद बढ़ा।
खड़गे ने सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने, एसआईआर रोकने और पिछले दो वर्षों के विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग की।
उन्होंने RSS पर ब्रिटिश हुकूमत के एजेंट होने और नीतीश कुमार पर विचारधारा बदलने का आरोप लगाया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में आयोजित कार्यक्रम में रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को उस समय हंगामा हो गया, जब खुद को कांग्रेसी बताने वाले छपरा निवासी एक युवक ने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। युवक के कथित बयान पर खड़गे ने पीएम मोदी के विरुद्ध अपशब्द बोले, जिसके बाद कुछ लोगों ने युवक के साथ हाथापाई की।

घटना का क्रम

यह कार्यक्रम बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। कथित तौर पर छपरा के रहने वाले युवक ने खड़गे को यह समझाने का प्रयास किया कि इस तरह की राजनीतिक लड़ाई से प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से नहीं हटाया जा सकेगा। इसी पर खड़गे ने पीएम मोदी के संदर्भ में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर तनाव फैल गया और कुछ लोगों ने उस युवक के साथ मारपीट की।

खड़गे के प्रमुख बयान

खड़गे ने कार्यक्रम में ईवीएम, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने मांग की कि देश में सभी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएं और एसआईआर की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए। खड़गे ने पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करने की भी मांग उठाई।

पीएम मोदी के अगले 30 वर्षों तक सरकार बने रहने के बयान पर सवाल उठाते हुए खड़गे ने कहा, 'अगले 30 साल तक कौन बचेगा या रहेगा, यह किसने देखा है? वे ऐसा लोगों को भ्रमित करने के लिए कहते हैं। उनके पास ईवीएम है। जब तक अपने चेलों को उन्होंने वहां पर बैठाया है, उसी आधार पर वे ऐसा बयान देते हैं। उन्हीं के लोगों ने कहा है कि सीईसी में घपला है।'

डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को श्रद्धांजलि

खड़गे ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को आधुनिक बिहार का निर्माता बताया और कहा कि उन्होंने कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने और जमींदारी प्रथा समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बरौनी तेल रिफाइनरी, खाद कारखाने, थर्मल पावर प्लांट और राजेंद्र पुल जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल में भूमि सुधार और चकबंदी के महत्वपूर्ण कार्य हुए। खड़गे ने बताया कि 1916 में चंपारण आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी से मुलाकात के बाद डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने अपनी वकालत छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया और आठ वर्ष से अधिक समय जेल में बिताया।

RSS और BJP पर हमला

खड़गे ने आरोप लगाया कि जहां कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देश की आजादी के लिए जेल गए, वहीं आरएसएस के लोग कथित तौर पर अंग्रेजी हुकूमत के एजेंट बनकर मुखबिरी करते थे। उन्होंने कहा कि आज भी BJP और RSS में संविधान विरोधी और छुआछूत की भावना रखने वाले लोग मौजूद हैं। खड़गे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे विचारधारा में बदलाव के कारण BJP के साथ चले गए हैं।

आगे क्या

इस घटना के राजनीतिक परिणाम सामने आने के आसार हैं, क्योंकि BJP की ओर से खड़गे के अपशब्दों पर तीखी प्रतिक्रिया अपेक्षित है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विपक्षी दलों की एकजुटता और ईवीएम के मुद्दे पर राजनीतिक बहस पहले से ही गर्म है। कार्यक्रम में युवक के साथ हुई हाथापाई की जांच के संदर्भ में भी स्थानीय प्रशासन का रुख महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल को हथियार देने वाले अपशब्द। विपक्ष की विश्वसनीयता के लिए यह तस्वीर असहज करने वाली है: जो पार्टी लोकतंत्र और वाक्-स्वतंत्रता की दुहाई देती है, उसी के नेता के मंच पर असहमत युवक को हाथापाई झेलनी पड़ी। ईवीएम हटाने और पिछले दो साल के चुनाव रद्द करने जैसी मांगें जनमत में कितनी स्वीकार्य हैं, यह कांग्रेस के लिए रणनीतिक प्रश्न है। BJP इस घटना का इस्तेमाल 'असहिष्णु विपक्ष' की छवि बनाने के लिए करेगी — और यह कांग्रेस को 2025-26 के चुनावी मौसम में महंगा पड़ सकता है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में खड़गे के कार्यक्रम में क्या हुआ?
25 अक्टूबर 2026 को पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती कार्यक्रम में खुद को कांग्रेसी बताने वाले छपरा निवासी एक युवक ने खड़गे के संबोधन के दौरान पीएम मोदी को लेकर टिप्पणी की। इस पर खड़गे ने पीएम मोदी के विरुद्ध कथित अपशब्द बोले और कुछ लोगों ने युवक के साथ हाथापाई की।
उस युवक ने क्या कहा जिससे हंगामा हुआ?
कथित तौर पर छपरा निवासी युवक ने कहा कि इस तरह की राजनीतिक लड़ाई से प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से नहीं हटाया जा सकेगा। इसी बात पर खड़गे की प्रतिक्रिया और उसके बाद की हाथापाई से कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई।
खड़गे ने ईवीएम और चुनावों को लेकर क्या मांगें रखीं?
खड़गे ने मांग की कि देश में सभी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए। उन्होंने पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी उठाई।
खड़गे ने RSS और BJP पर क्या आरोप लगाए?
खड़गे ने आरोप लगाया कि RSS के लोग स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कथित तौर पर अंग्रेजी हुकूमत के एजेंट बनकर मुखबिरी करते थे और आज भी BJP व RSS में संविधान विरोधी और छुआछूत की भावना रखने वाले लोग मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक RSS की विचारधारा समाप्त नहीं होगी, देश में शांति स्थापित नहीं हो सकती।
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह कौन थे और कार्यक्रम किस उपलक्ष्य में था?
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री थे, जिन्हें 'बिहार केसरी' भी कहा जाता है। यह कार्यक्रम उनकी 139वीं जयंती पर आयोजित किया गया था। उन्होंने जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार और बरौनी तेल रिफाइनरी जैसी परियोजनाओं के माध्यम से आधुनिक बिहार की नींव रखी थी।
राष्ट्र प्रेस
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