क्या प्रधानमंत्री जैसे गरिमामय पद पर अमर्यादित टिप्पणी करना गलत है? : कौशलेंद्र कुमार

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क्या प्रधानमंत्री जैसे गरिमामय पद पर अमर्यादित टिप्पणी करना गलत है? : कौशलेंद्र कुमार

सारांश

नालंदा से जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री पर की गई विवादास्पद टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे अशोभनीय और अनुचित बताया और खड़गे को सलाह दी कि उन्हें सकारात्मक बातें करनी चाहिए।

मुख्य बातें

कौशलेंद्र कुमार ने खड़गे की टिप्पणी को अनुचित बताया।
उम्र के कारण बोलने में चूक हो सकती है।
रोजगार मेला चुनावी स्टंट है।
प्रधानमंत्री पद की गरिमा को बनाए रखना आवश्यक है।
जदयू ने बिहार में रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

नालंदा, 20 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई विवादास्पद टिप्पणी पर नालंदा से जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उन्होंने खड़गे के बयान को अशोभनीय और अनुचित ठहराते हुए कहा कि इस उम्र में शायद उन्होंने बोलने में चूक कर दी होगी, लेकिन प्रधानमंत्री जैसे गरिमामय पद के लिए इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग गलत है। मैं खड़गे के साथ 10 वर्षों तक सांसद रहा हूं। हम सदन में साथ बैठते थे और हमारी अच्छी मित्रता रही है। उनकी उम्र अब लगभग 82 वर्ष है। संभव है कि उम्र के कारण बोलने में कोई गड़बड़ी हो गई हो। लेकिन, देश के प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा का उपयोग करना अनुचित है।

उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री द्वारा कही गई हर बात को ध्यानपूर्वक सुनना चाहिए और सदन में अपनी बात रखनी चाहिए। अगर भविष्य में खड़गे खुद प्रधानमंत्री बनें और कोई उनके लिए ऐसी भाषा का प्रयोग करे, तो उन्हें भी बुरा लगेगा।"

कौशलेंद्र कुमार ने खड़गे को सलाह दी कि उन्हें सकारात्मक और अच्छी बातें करनी चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री हर नागरिक के कल्याण के बारे में सोचते हैं। ऐसी टिप्पणियाँ न केवल व्यक्तिगत रूप से अनुचित हैं, बल्कि देश की राजनीति में भी गलत संदेश देती हैं।

जदयू सांसद ने कांग्रेस द्वारा पटना में आयोजित रोजगार मेले को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले का एक 'चुनावी स्टंट' करार दिया।

उन्होंने कहा, "जब 2025 में चुनाव नजदीक आ गए हैं, तब कांग्रेस रोजगार मेला आयोजित कर रही है। वहां ज्यादातर बाहरी कंपनियाँ थीं, जो 10 से 12 हजार रुपए की मामूली तनख्वाह वाली नौकरियाँ दे रही थीं। हमारी सरकार तो हर साल, हर जिले में दो से तीन बार रोजगार मेले आयोजित करती है।"

उन्होंने आगे कहा कि नीतीश सरकार ने बिहार में रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठाए हैं और उनकी पार्टी जनता के बीच वास्तविक विकास के मुद्दों को लेकर जाएगी। जनता ऐसी दिखावटी कोशिशों को समझती है और बिहार के विकास के लिए जदयू को ही समर्थन देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि देश के प्रधानमंत्री और उनके पद की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। किसी भी राजनीतिक नेता को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, ताकि देश की राजनीति में स्वस्थ संवाद को बढ़ावा मिले।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौशलेंद्र कुमार ने खड़गे की टिप्पणी पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कौशलेंद्र कुमार ने इसे अशोभनीय और अनुचित बताया और प्रधानमंत्री के पद की गरिमा की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्या खड़गे की उम्र उनके बोलने की चूक का कारण हो सकता है?
कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि खड़गे की उम्र अब करीब 82 वर्ष है, इसलिए संभव है कि उम्र के कारण बोलने में गड़बड़ी हुई हो।
कौशलेंद्र कुमार ने रोजगार मेले के बारे में क्या कहा?
उन्होंने इसे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले का चुनावी स्टंट करार दिया।
राष्ट्र प्रेस