सांगली मंदिर हादसा: दीवार और टिन छत गिरने से 6 श्रद्धालुओं की मौत, PM मोदी ने जताया दुख

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सांगली मंदिर हादसा: दीवार और टिन छत गिरने से 6 श्रद्धालुओं की मौत, PM मोदी ने जताया दुख

सारांश

महाराष्ट्र के सांगली जिले के मोथेवाड़ी स्थित मार्गूदेवी मंदिर में मंगलवार शाम तूफानी बारिश के दौरान दीवार और टिन की छत गिरने से 6 श्रद्धालुओं की जान गई और 14 घायल हुए। हादसे के वक्त परिसर में करीब 350 लोग मौजूद थे। PM मोदी ने एक्स पर शोक व्यक्त किया।

मुख्य बातें

सांगली के मोथेवाड़ी गांव स्थित मार्गूदेवी मंदिर में 12 मई को दीवार और टिन छत गिरने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हुई।
हादसे में 14 श्रद्धालु बुरी तरह घायल हुए, सभी का अस्पताल में उपचार जारी है।
घटना के समय मंदिर परिसर में करीब 350 श्रद्धालु उपस्थित थे।
पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी के अनुसार तेज तूफान और भारी बारिश से बचने के लिए कमजोर दीवार के पास लोगों का जमा होना हादसे का मुख्य कारण बना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

महाराष्ट्र के सांगली जिले की जत तहसील स्थित मोथेवाड़ी गांव के मार्गूदेवी मंदिर में मंगलवार, 12 मई की शाम को तेज तूफान और भारी बारिश के दौरान दीवार और टिन की छतें गिर पड़ीं, जिससे 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। हादसे के समय मंदिर परिसर में करीब 350 श्रद्धालु उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

मंगलवार का दिन होने के कारण मार्गूदेवी मंदिर में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ थी। शाम को अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। बारिश और तूफान से बचने के लिए श्रद्धालु मंदिर परिसर की एक दीवार और टिन की छत के नीचे इकट्ठा हो गए।

इसी दौरान तेज हवा के झोंके से कमजोर दीवार और टिन की छतें अचानक भरभराकर लोगों पर आ गिरीं। मलबे और टिन की चादरों के नीचे दबे श्रद्धालुओं की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी के अनुसार, कमजोर दीवार और टिन शेड के पास लोगों का जमा होना इस दर्दनाक हादसे का मुख्य कारण बना।

राहत और बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबे घायलों को बाहर निकालकर नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी 14 घायल श्रद्धालुओं का अस्पताल में उपचार जारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मई में ही प्री-मानसून बारिश और तूफानी हवाओं का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे पुराने और कमजोर ढाँचों को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनाएँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भीड़ के दौरान जानलेवा साबित हो सकते हैं। सवाल यह है कि क्या राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन ऐसे स्थलों का नियमित सुरक्षा ऑडिट करते हैं — और यदि नहीं, तो यह हादसा एक चेतावनी है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। महाराष्ट्र में प्री-मानसून तूफान हर साल आते हैं; तैयारी और जवाबदेही का अभाव इन मौतों को और दर्दनाक बनाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सांगली मंदिर हादसा क्या है?
महाराष्ट्र के सांगली जिले की जत तहसील के मोथेवाड़ी गांव स्थित मार्गूदेवी मंदिर में 12 मई को तेज तूफान और भारी बारिश के दौरान दीवार और टिन की छत गिर पड़ी, जिसमें 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 14 घायल हो गए।
हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए?
हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत हुई और 14 अन्य घायल हुए। घटना के समय मंदिर परिसर में करीब 350 लोग मौजूद थे।
PM मोदी ने सांगली हादसे पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि सांगली में दीवार गिरने से हुई जानमाल की हानि की खबर सुनकर उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
हादसे का मुख्य कारण क्या बताया गया?
पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी के अनुसार, तेज तूफान और भारी बारिश से बचने के लिए श्रद्धालु कमजोर दीवार और टिन शेड के पास इकट्ठा हो गए थे, जो हादसे का मुख्य कारण बना।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
सभी 14 घायल श्रद्धालुओं को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के तुरंत बाद सभी को अस्पताल पहुँचाया गया।
राष्ट्र प्रेस