CBSE राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन 2026: शिक्षा सचिव टीके अनिल कुमार ने स्कूल से रोज़गार तक सुगम संक्रमण पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) के सचिव टीके अनिल कुमार ने 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित चौथे राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोज़गार में सुगम संक्रमण का आह्वान किया। उनका ज़ोर इस बात पर रहा कि प्रत्येक शिक्षार्थी सूचित विकल्प चुन सके और जीवन भर अपने क्षेत्र में विकास करता रहे।
शिखर सम्मेलन की चार प्रमुख प्राथमिकताएँ
सचिव अनिल कुमार ने 'स्कूल से रोज़गार में सुगम संक्रमण' विषयक इस दो दिवसीय सम्मेलन की चार मुख्य प्राथमिकताएँ रेखांकित कीं। इनमें शामिल हैं — प्रौद्योगिकी, डिजिटल सुरक्षा और कौशल विकास; डिज़ाइन, रचनात्मकता और नवाचार; राष्ट्रीय ऋण ढाँचे के माध्यम से शिक्षा प्रणालियों में कौशल की मान्यता; तथा समान अवसरों के साथ करियर मार्गदर्शन।
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत कौशल-आधारित शिक्षा को मुख्यधारा की स्कूली पढ़ाई से जोड़ने के प्रयास तेज़ हो रहे हैं। गौरतलब है कि यह इस श्रृंखला का चौथा राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन है, जो हर बार बड़े स्तर पर हितधारकों को एक मंच पर लाता है।
आयोजन और भागीदारी
यह शिखर सम्मेलन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा दिल्ली/एनसीआर के सहोदय स्कूल परिसरों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। सीबीएसई अध्यक्ष मनदीप भंडारी सहित मंत्रालय और सीबीएसई के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहे।
सम्मेलन में विद्यालय प्रमुख, शिक्षक, उद्योग विशेषज्ञ और नीति-निर्माता एक साथ आए हैं ताकि उभरती कार्यबल आवश्यकताओं और छात्रों को भविष्य के करियर के लिए तैयार करने के नवीन तरीकों पर विचार-विमर्श किया जा सके।
सम्मेलन का उद्देश्य और स्वरूप
दो दिवसीय इस आयोजन का मूल उद्देश्य कौशल शिक्षा को मुख्यधारा की स्कूली शिक्षा के साथ एकीकृत करना और छात्रों के लिए स्कूल से कार्यजगत में संक्रमण को सहज बनाना है। सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों के शिक्षक कौशल शिक्षा में सफलता की कहानियों और सर्वोत्तम प्रथाओं को उजागर करने वाली केस स्टडी और पोस्टर भी प्रस्तुत कर रहे हैं।
संवादात्मक सत्रों और विशेषज्ञ चर्चाओं के ज़रिए प्रतिभागियों को नवीन शिक्षण पद्धतियों, उभरते मूल्यांकन दृष्टिकोणों, शिक्षा में डिजिटल एकीकरण और कौशल शिक्षा के प्रभावी मॉडलों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही नेटवर्किंग के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
एनईपी 2020 से जुड़ाव
यह शिखर सम्मेलन शिक्षा की विभिन्न धाराओं के बीच की बाधाओं को दूर करने और छात्रों को बदलते रोज़गार परिदृश्य में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक दक्षताओं से लैस करने पर बल देता है — ठीक वैसा जैसा एनईपी 2020 में परिकल्पित है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे सम्मेलनों की उपयोगिता तभी सिद्ध होगी जब इनकी सिफारिशें ज़मीनी स्तर पर अमल में लाई जाएँ।
सम्मेलन के निष्कर्ष और सिफारिशें आने वाले समय में कौशल-आधारित स्कूली शिक्षा की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।