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क्या उपराज्यपाल ने क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू की तीसरी यूनिवर्सिटी काउंसिल मीटिंग की अध्यक्षता की?

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क्या उपराज्यपाल ने क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू की तीसरी यूनिवर्सिटी काउंसिल मीटिंग की अध्यक्षता की?

सारांश

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू में क्लस्टर यूनिवर्सिटी की तीसरी काउंसिल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए शैक्षणिक सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने रोजगार योग्य कौशल, उद्यमिता और राष्ट्रीय विकास के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों की आवश्यकता की बात की।

मुख्य बातें

उच्च शिक्षा में सुधार की आवश्यकता है।
रोजगार योग्य कौशल पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
नए शैक्षणिक प्रोग्राम की मंजूरी दी गई।
ई-ऑफिस सिस्टम का कार्यान्वयन जरूरी है।
छात्रों को विभिन्न अभियानों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।

जम्मू, 28 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को जम्मू के लोक भवन में क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू की तीसरी यूनिवर्सिटी काउंसिल मीटिंग की अध्यक्षता की।

उपराज्यपाल विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को इनवोवेशन, रोजगार योग्य कौशल, और उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शैक्षणिक गतिविधियां क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विकास की आवश्यकताओं के अनुसार हों।

उन्होंने विश्वविद्यालय को पेशेवर और इंटीग्रेटेड प्रोग्राम को मजबूत करने की सलाह दी ताकि आने वाले समय की अकादमिक और इंडस्ट्री की मांगों को पूरा किया जा सके।

यूनिवर्सिटी काउंसिल ने कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी। इसमें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुरूप नए सुधारों की समीक्षा की गई, जैसे कि नया अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क अपनाना, नए शैक्षणिक प्रोग्राम शुरू करना, और कोर्स स्ट्रक्चर में बदलाव करना ताकि लचीलापन और रोजगार योग्य कौशल बढ़ सके।

काउंसिल ने नए प्रोग्रामों को मंजूरी दी, जैसे चार साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम, एम.ए. एजुकेशन, मास्टर्स इन परफॉर्मिंग आर्ट्स, पीजी लेवल पर जियोग्राफी और साइबर सिक्योरिटी। इसके अलावा, छोटे कोर्स, स्किल और वैल्यू-एडेड कोर्सेज को भी मंजूरी दी गई। छात्रों के लिए अतिरिक्त क्रेडिट, एमओओसीएस के लिए संशोधित क्रेडिट, और समावेशी परीक्षा एवं प्रवेश नीतियां भी तय की गईं।

उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालय के सुधारों की सराहना की और शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्र कल्याण और संस्थागत संचालन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस सिस्टम जून 2026 से पहले लागू होना चाहिए और यूनिवर्सिटी काउंसिल की मीटिंग हर छह महीने में आयोजित की जानी चाहिए।

उपराज्यपाल ने छात्रों से विकसित भारत युवा कनेक्ट प्रोग्राम में अधिक भागीदारी करने और नशा मुक्त भारत और नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियानों में सक्रिय योगदान देने का निर्देश दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधारों का संकेत है। यह बदलाव न केवल छात्रों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू की मीटिंग में क्या चर्चा की गई?
इस मीटिंग में उच्च शिक्षा के सुधार, नए शैक्षणिक प्रोग्राम और रोजगार योग्य कौशल पर चर्चा की गई।
उपराज्यपाल ने क्या निर्देश दिए?
उपराज्यपाल ने ई-ऑफिस सिस्टम को लागू करने और छात्रों को विभिन्न अभियानों में भाग लेने का निर्देश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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