23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विकसित भारत 2047: धर्मेंद्र प्रधान बोले — स्कूली शिक्षा में केंद्र-राज्य समान भागीदार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विकसित भारत 2047: धर्मेंद्र प्रधान बोले — स्कूली शिक्षा में केंद्र-राज्य समान भागीदार

सारांश

नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन में धर्मेंद्र प्रधान ने साफ़ कहा — विकसित भारत 2047 की नींव स्कूलों में रखी जाएगी, और इसके लिए केंद्र व राज्य बराबर के ज़िम्मेदार हैं। NEP 2020 के क्रियान्वयन से लेकर AI तक, एजेंडा महत्वाकांक्षी है।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 22 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता की।
सम्मेलन आईसीएआर-एनएएससी परिसर में डीओएसईएल की केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित हुआ।
समग्र शिक्षा, पीएम श्री, निपुण भारत, पीएम पोषण और उल्लास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
प्रधान ने मातृभाषा आधारित शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर विशेष बल दिया।
राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने केंद्र-राज्य सहयोगात्मक प्रयासों को शैक्षिक सुधार की कुंजी बताया।
सम्मेलन का लक्ष्य विकसित भारत 2047 के अनुरूप समावेशी और गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा प्रणाली का निर्माण।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 22 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की बराबर है — यह किसी एक की नहीं, बल्कि साझा प्रतिबद्धता है। वे आईसीएआर राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी) में शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) की केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा हेतु आयोजित राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे।

सम्मेलन का उद्देश्य और महत्व

प्रधान ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि यह सम्मेलन केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सहयोग को प्रगाढ़ करने, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप केंद्र प्रायोजित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में गति लाने का एक अहम मंच है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विचार-विमर्श से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली आगामी प्रगति समीक्षा में सार्थक योगदान मिलेगा।

प्रमुख शिक्षा योजनाओं की समीक्षा

मंत्री ने समग्र शिक्षा, पीएम श्री, निपुण भारत, पीएम पोषण और उल्लास जैसी पहलों के ज़रिये स्कूली शिक्षा में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आह्वान किया कि वे बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को मज़बूत करने, शिक्षकों को सशक्त बनाने, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने तथा प्रत्येक शिक्षार्थी के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए मिलकर कार्य करें। प्रधान ने विशेष रूप से बच्चे की मातृभाषा और बहुभाषावाद को बढ़ावा देने पर बल दिया, जिसे उन्होंने बुनियादी शिक्षा की नींव बताया।

राज्य मंत्री जयंत चौधरी का संबोधन

शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भी सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्र-राज्य सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि शैक्षिक परिणामों में वास्तविक सुधार तभी संभव है जब केंद्र और राज्य एक समान लक्ष्य की दिशा में काम करें।

वरिष्ठ अधिकारियों की प्रस्तुतियाँ

सम्मेलन के पहले दिन शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव धीरज साहू ने समग्र शिक्षा और प्रगति ढाँचे के अंतर्गत विचारणीय मुद्दों पर प्रस्तुति दी। उप महानिदेशक डॉ. पंकज केपी श्रेयस्कर ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शैक्षिक संकेतकों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा की। संयुक्त सचिव डॉ. अमरप्रीत दुग्गल और आर्थिक सलाहकार ए. श्रीजा ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी की।

आगे की राह

सम्मेलन का समापन एक समान, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा प्रणाली के साझा संकल्प के साथ हुआ — जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सीखने के परिणामों (Learning Outcomes) में असमानता को लेकर शिक्षा विशेषज्ञों की चिंताएँ बढ़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि समग्र शिक्षा जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं में राज्यों की हिस्सेदारी और क्रियान्वयन क्षमता में भारी असमानता है। निपुण भारत के बुनियादी साक्षरता लक्ष्य अभी भी कई राज्यों में पिछड़े हुए हैं, और एनईपी 2020 को लागू हुए पाँच वर्ष बीत जाने के बाद भी कई राज्यों में पाठ्यक्रम सुधार की गति धीमी है। ऐसे में यह सम्मेलन तब तक महज़ एक औपचारिकता बना रहेगा जब तक कि केंद्र राज्यों को जवाबदेह बनाने के लिए मापनीय संकेतकों और समयबद्ध लक्ष्यों से जोड़े।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में क्या कहा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 22 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में कहा कि स्कूली शिक्षा को मज़बूत करने में केंद्र और राज्य समान भागीदार हैं। उन्होंने NEP 2020 के क्रियान्वयन में तेज़ी लाने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया।
यह दो दिवसीय शिक्षा सम्मेलन किसलिए आयोजित किया गया?
यह सम्मेलन शिक्षा मंत्रालय के डीओएसईएल की केंद्र प्रायोजित योजनाओं — जैसे समग्र शिक्षा, पीएम श्री, निपुण भारत और पीएम पोषण — की समीक्षा के लिए आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान और NEP 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
निपुण भारत योजना क्या है और इसका लक्ष्य क्या है?
निपुण भारत (National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy) एक केंद्र सरकार की पहल है, जिसका लक्ष्य कक्षा तीन तक के बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान सुनिश्चित करना है। इस सम्मेलन में राज्यों से इस योजना के क्रियान्वयन में तेज़ी लाने का आग्रह किया गया।
विकसित भारत 2047 में शिक्षा की क्या भूमिका है?
विकसित भारत 2047 भारत के स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य है, जिसमें गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा एक केंद्रीय स्तंभ है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भविष्य के लिए तैयार, समावेशी स्कूली शिक्षा प्रणाली इस लक्ष्य की नींव है।
सम्मेलन में मातृभाषा आधारित शिक्षा पर क्यों ज़ोर दिया गया?
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यों से आग्रह किया कि बच्चे की मातृभाषा और बहुभाषावाद को बढ़ावा देकर बुनियादी शिक्षा और सीखने के परिणामों में सुधार लाया जा सकता है। यह NEP 2020 की उस सिफारिश के अनुरूप है जो प्रारंभिक शिक्षा में मातृभाषा को प्राथमिकता देती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले