27 जुलाई 2026
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नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक: धर्मेंद्र प्रधान ने मानव पूंजी और विकसित भारत 2047 पर दिया जोर

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नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक: धर्मेंद्र प्रधान ने मानव पूंजी और विकसित भारत 2047 पर दिया जोर

सारांश

नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में मानव पूंजी और विकसित भारत 2047 पर मंथन हुआ। साथ ही इसी सप्ताह यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल, यॉर्क और UNSW को भारत में कैंपस खोलने की मंजूरी मिली — NEP 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण एजेंडे की दिशा में एक ठोस कदम।

मुख्य बातें

धर्मेंद्र प्रधान ने 11 जून 2026 को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में मानव पूंजी सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की; विकसित भारत 2047 के विजन पर केंद्रित चर्चा हुई।
शिक्षा मंत्रालय ने यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल , यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क ( मुंबई ) और UNSW ( बेंगलुरु ) को भारत में कैंपस की मंजूरी दी।
प्रधान ने इसे NEP 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण लक्ष्य की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम बताया।
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर पीएम-किसान सम्मान निधि सहित कृषि कल्याण योजनाओं की भी सराहना की गई।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार, 11 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में मानव पूंजी (ह्यूमन कैपिटल) को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्यों और केंद्र के बीच समन्वित रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में क्या हुई चर्चा

प्रधान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि बैठक में मानव पूंजी को मजबूत करने और भारत की विकास यात्रा को तेज करने पर 'सार्थक चर्चा' हुई। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में शामिल हुआ। ह्यूमन कैपिटल को मजबूत करने और भारत की विकास यात्रा को तेज करने पर सार्थक चर्चा हुई, जिससे विकसित भारत 2047 के विजन को हासिल करने के हमारे साझे संकल्प को बल मिला।' गौरतलब है कि नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होते हैं, जो इसे नीति-निर्माण का एक महत्त्वपूर्ण मंच बनाती है।

किसान कल्याण पर सरकार का रुख

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधान ने कृषि क्षेत्र में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'हमारे अन्नदाता, किसान भाई-बहनों की कड़ी मेहनत और समर्पण से ही देश की समृद्धि का रास्ता बनता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में किसानों के कल्याण को नई गति मिली है।' उन्होंने पीएम-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और आधुनिक कृषि सुविधाओं जैसी पहलों को किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक बताया।

तीन विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस की मंजूरी

इसी सप्ताह शिक्षा मंत्रालय ने तीन विश्व-प्रसिद्ध विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों को भारत में कैंपस स्थापित करने के लिए मंजूरी पत्र जारी किए। यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल और यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क मुंबई में, जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW) बेंगलुरु में अपना परिसर स्थापित करेगी। प्रधान ने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम बताया।

आम जनता पर असर

इन विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में आने से छात्रों को विदेश जाए बिना वैश्विक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उच्च शिक्षा पर होने वाले विदेशी मुद्रा व्यय में कमी आ सकती है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में इन परिसरों की स्थापना से अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक शैक्षणिक साझेदारी को भी बल मिलने की उम्मीद है।

आगे की राह

नीति आयोग की इस बैठक में हुई चर्चाएँ आने वाले महीनों में नीतिगत दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस की स्थापना की समयसीमा और विस्तृत दिशानिर्देश अभी सामने आने बाकी हैं, जिन पर शिक्षा जगत की नजर बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि यह विमर्श ठोस नीतिगत कदमों में कितनी जल्दी तब्दील होता है। विदेशी विश्वविद्यालयों को मंजूरी NEP 2020 के वादे को आगे बढ़ाती है, पर सवाल यह है कि ये परिसर किफायती होंगे या केवल संपन्न वर्ग की पहुँच तक सीमित रहेंगे। भारत में उच्च शिक्षा की सकल नामांकन दर अभी भी वैश्विक औसत से पीछे है, और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की असली चुनौती महानगरों से परे टियर-2 और टियर-3 शहरों में है। बिना समावेशी पहुँच सुनिश्चित किए, ये अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ मौजूदा असमानता को और गहरा कर सकती हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में क्या हुआ?
11 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक हुई, जिसमें मानव पूंजी को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने पर चर्चा की गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित वरिष्ठ मंत्री और राज्यों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हुए।
भारत में कौन से विदेशी विश्वविद्यालयों को कैंपस खोलने की मंजूरी मिली?
शिक्षा मंत्रालय ने यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल और यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क को मुंबई में, तथा यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW) को बेंगलुरु में कैंपस स्थापित करने की मंजूरी दी है। यह NEP 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण एजेंडे का हिस्सा है।
विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में आने से छात्रों को क्या फायदा होगा?
इन विश्वविद्यालयों के भारत में कैंपस खुलने से छात्र बिना विदेश गए वैश्विक स्तर की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। इसके साथ ही अनुसंधान सहयोग और वैश्विक शैक्षणिक साझेदारी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य क्या है?
विकसित भारत 2047 भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का सरकार का दीर्घकालिक विजन है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचे और आर्थिक विकास सहित मानव पूंजी को मजबूत करना प्रमुख स्तंभ है।
पीएम-किसान सम्मान निधि क्या है और इसका उल्लेख क्यों किया गया?
पीएम-किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की एक योजना है जिसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान ने इसे किसान कल्याण की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया।
राष्ट्र प्रेस
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