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NEP 2020 पर धर्मेंद्र प्रधान और गोवा CM प्रमोद सावंत की बैठक, कौशल विकास पर बनी रणनीति

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NEP 2020 पर धर्मेंद्र प्रधान और गोवा CM प्रमोद सावंत की बैठक, कौशल विकास पर बनी रणनीति

सारांश

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गोवा CM प्रमोद सावंत की बैठक NEP 2020 को ज़मीन पर उतारने की कोशिश का हिस्सा है। छात्र नामांकन 4.46 करोड़, महिला पीएचडी में 136% वृद्धि — आँकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन असली कसौटी राज्य-स्तरीय क्रियान्वयन की गति होगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 7 जून 2026 को गोवा CM डॉ.
प्रमोद सावंत से मिलकर NEP 2020 के कार्यान्वयन और कौशल विकास पर चर्चा की।
कुल छात्र नामांकन 4.46 करोड़ तक पहुँचा — 2014-15 से 30% की वृद्धि।
महिला नामांकन में 38% और महिला पीएचडी शोधार्थियों में 136% की बढ़ोतरी।
अनुसूचित जनजातियों के GER में 10 प्रतिशत अंकों और अनुसूचित जातियों के लिए 8 प्रतिशत अंकों से अधिक की वृद्धि।
देश में 1,200 से अधिक विश्वविद्यालय और 46,000 से अधिक कॉलेज स्थापित।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से भेंट की और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन को और सुदृढ़ करने तथा गोवा के युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार NEP 2020 की प्रगति की समीक्षा तेज़ कर रही है।

बैठक में क्या हुआ

प्रधान ने बैठक के बाद कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से मुलाकात सार्थक रही। उन्होंने कहा, 'NEP 2020 के कार्यान्वयन को मज़बूत करने और गोवा के युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसरों का विस्तार करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।' प्रधान ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और राज्य के मानव संसाधन विकास में निरंतर सहयोग की अपेक्षा भी जताई।

NEP 2020 का ढाँचा और उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भारत की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का समग्र ढाँचा है, जो 1986 की पुरानी नीति का स्थान लेती है। यह नीति सुलभता, समानता, गुणवत्ता, सामर्थ्य और जवाबदेही — इन पाँच स्तंभों पर आधारित है। बहुविषयक शिक्षा, व्यावसायिक एकीकरण और संरचनात्मक शैक्षणिक लचीलेपन को इसके मूल में रखा गया है।

उच्च शिक्षा में उपलब्धियाँ

इससे पहले प्रधान ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन में NEP 2020 की शुरुआत से अब तक की समीक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत का उच्च शिक्षा तंत्र लचीला, अंतःविषयक, समावेशी और नवाचार-केंद्रित बना है।

आँकड़ों के अनुसार, कुल छात्र नामांकन 4.46 करोड़ तक पहुँच गया है — 2014-15 की तुलना में 30 प्रतिशत की वृद्धि। महिला नामांकन में 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और महिला सकल नामांकन अनुपात (GER) अब पुरुष GER से अधिक हो गया है।

पीएचडी नामांकन लगभग दोगुना हो गया है, जबकि महिला पीएचडी शोधार्थियों की संख्या में 136 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अनुसूचित जनजातियों के लिए GER में 10 प्रतिशत अंकों और अनुसूचित जातियों के लिए 8 प्रतिशत अंकों से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।

संस्थागत विस्तार

प्रधान ने बताया कि सकारात्मक नीतिगत पहलों के परिणामस्वरूप देश में 1,200 से अधिक विश्वविद्यालय और 46,000 से अधिक कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिससे भारत विश्व की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में शामिल हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का उद्देश्य इन संस्थाओं की संस्थागत प्रगति को विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण से जोड़ना है।

आगे की दिशा

गोवा और केंद्र के बीच यह समन्वय NEP के राज्य-स्तरीय कार्यान्वयन को गति देने की कोशिश का हिस्सा है। आने वाले समय में कौशल विकास और उच्च शिक्षा में सहयोग की नई रूपरेखा तय होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संख्या और गुणवत्ता के बीच की खाई अभी भी चिंता का विषय है — अधिक छात्र नामांकित होना और उन्हें रोज़गार-योग्य बनाना दो अलग लक्ष्य हैं। गोवा जैसे छोटे राज्यों के साथ केंद्रीय समन्वय की बैठकें तब तक प्रतीकात्मक बनी रहती हैं जब तक राज्य-स्तरीय कार्यान्वयन की स्पष्ट समयसीमा और जवाबदेही तंत्र सार्वजनिक न हो। महिला GER का पुरुष GER से आगे निकलना निस्संदेह ऐतिहासिक है, पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में यह अंतर अभी भी पाटा जाना बाकी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NEP 2020 क्या है और इसे क्यों लागू किया गया?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भारत की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का ढाँचा है, जो 1986 की पुरानी नीति का स्थान लेती है। यह सुलभता, समानता, गुणवत्ता, सामर्थ्य और जवाबदेही के पाँच स्तंभों पर आधारित है और बहुविषयक शिक्षा तथा व्यावसायिक एकीकरण को प्राथमिकता देती है।
धर्मेंद्र प्रधान और प्रमोद सावंत की बैठक में क्या तय हुआ?
7 जून 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में NEP 2020 के कार्यान्वयन को मज़बूत करने और गोवा के युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मानव संसाधन विकास में निरंतर सहयोग पर जोर दिया।
भारत में उच्च शिक्षा नामांकन में कितनी वृद्धि हुई है?
आँकड़ों के अनुसार, कुल छात्र नामांकन 4.46 करोड़ तक पहुँच गया है, जो 2014-15 की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है। महिला नामांकन में 38 प्रतिशत और महिला पीएचडी शोधार्थियों में 136 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
NEP 2020 से अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को क्या फायदा हुआ?
अनुसूचित जनजातियों के लिए सकल नामांकन अनुपात (GER) में 10 प्रतिशत अंकों और अनुसूचित जातियों के लिए 8 प्रतिशत अंकों से अधिक की वृद्धि हुई है। यह समावेशी शिक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
भारत में अभी कितने विश्वविद्यालय और कॉलेज हैं?
शिक्षा मंत्री के अनुसार, देश में अब 1,200 से अधिक विश्वविद्यालय और 46,000 से अधिक कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। इससे भारत विश्व की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में शामिल हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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