NEP 2020 पर धर्मेंद्र प्रधान और गोवा CM प्रमोद सावंत की बैठक, कौशल विकास पर बनी रणनीति
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से भेंट की और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन को और सुदृढ़ करने तथा गोवा के युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार NEP 2020 की प्रगति की समीक्षा तेज़ कर रही है।
बैठक में क्या हुआ
प्रधान ने बैठक के बाद कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से मुलाकात सार्थक रही। उन्होंने कहा, 'NEP 2020 के कार्यान्वयन को मज़बूत करने और गोवा के युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसरों का विस्तार करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।' प्रधान ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और राज्य के मानव संसाधन विकास में निरंतर सहयोग की अपेक्षा भी जताई।
NEP 2020 का ढाँचा और उद्देश्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भारत की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का समग्र ढाँचा है, जो 1986 की पुरानी नीति का स्थान लेती है। यह नीति सुलभता, समानता, गुणवत्ता, सामर्थ्य और जवाबदेही — इन पाँच स्तंभों पर आधारित है। बहुविषयक शिक्षा, व्यावसायिक एकीकरण और संरचनात्मक शैक्षणिक लचीलेपन को इसके मूल में रखा गया है।
उच्च शिक्षा में उपलब्धियाँ
इससे पहले प्रधान ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन में NEP 2020 की शुरुआत से अब तक की समीक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत का उच्च शिक्षा तंत्र लचीला, अंतःविषयक, समावेशी और नवाचार-केंद्रित बना है।
आँकड़ों के अनुसार, कुल छात्र नामांकन 4.46 करोड़ तक पहुँच गया है — 2014-15 की तुलना में 30 प्रतिशत की वृद्धि। महिला नामांकन में 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और महिला सकल नामांकन अनुपात (GER) अब पुरुष GER से अधिक हो गया है।
पीएचडी नामांकन लगभग दोगुना हो गया है, जबकि महिला पीएचडी शोधार्थियों की संख्या में 136 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अनुसूचित जनजातियों के लिए GER में 10 प्रतिशत अंकों और अनुसूचित जातियों के लिए 8 प्रतिशत अंकों से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
संस्थागत विस्तार
प्रधान ने बताया कि सकारात्मक नीतिगत पहलों के परिणामस्वरूप देश में 1,200 से अधिक विश्वविद्यालय और 46,000 से अधिक कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिससे भारत विश्व की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में शामिल हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का उद्देश्य इन संस्थाओं की संस्थागत प्रगति को विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण से जोड़ना है।
आगे की दिशा
गोवा और केंद्र के बीच यह समन्वय NEP के राज्य-स्तरीय कार्यान्वयन को गति देने की कोशिश का हिस्सा है। आने वाले समय में कौशल विकास और उच्च शिक्षा में सहयोग की नई रूपरेखा तय होने की संभावना है।