धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा: CM मोहन यादव से मुलाकात, शूटिंग अकादमी में खिलाड़ियों से संवाद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 13 जून 2026 को भोपाल दौरे के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की और शिक्षा, युवा विकास तथा शासन से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरे में उन्होंने सफाई अभियान में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की शूटिंग अकादमी का भी दौरा किया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात और चर्चा के बिंदु
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सरकारी आवास पर केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच शासन और विकास से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई, जिसमें राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और युवाओं के समग्र विकास को लेकर साझा प्रतिबद्धता जताई गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन को लेकर समन्वय की प्रक्रिया तेज हो रही है।
सफाई अभियान में भागीदारी
भोपाल दौरे के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने सूरजनगर स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सफाई अभियान में हिस्सा लिया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था। केंद्रीय मंत्री ने इस पहल को जन-भागीदारी की भावना का प्रतीक बताते हुए नागरिकों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने और 'स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित भारत' के विज़न में सहभागी बनने का आग्रह किया।
शूटिंग अकादमी में खिलाड़ियों से संवाद
केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ भोपाल की शूटिंग अकादमी का दौरा किया और वहाँ प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों से सीधी बातचीत की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा कौशल विकास और खेलों को दिए जा रहे विशेष महत्व का उल्लेख किया।
NEP में खेल और शिक्षा का एकीकरण
धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में खेलों और शारीरिक शिक्षा को मुख्यधारा की पढ़ाई से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने बताया कि खेल और शिक्षा साथ-साथ आगे बढ़ सकें, इसके लिए एक विशेष अकादमिक फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है। गौरतलब है कि NEP 2020 के लागू होने के बाद से खेल को पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम माना जा रहा है।
2036 ओलंपिक और विकसित भारत का संकल्प
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी को भारत की राष्ट्रीय आकांक्षा बताया। उन्होंने कहा, 'जब भारत आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तो उसे एक विकसित राष्ट्र और वैश्विक शक्ति के रूप में उभरना चाहिए।' 2047 तक प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के विज़न को साकार करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने खिलाड़ियों को देश का भविष्य बताया। इस दौरे से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार खेल और शिक्षा के समन्वय को नीतिगत प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ा रही है।