धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा: शिक्षा-खेल एकीकरण और APAAR ID से एथलीटों को मिलेगी पहचान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 13 जून 2026 को भोपाल दौरे के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने गुलदस्ता और पारंपरिक अंगवस्त्र से प्रधान का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच शिक्षा, युवा विकास और खेल प्रोत्साहन से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मोदी सरकार के 12 वर्ष: सफाई अभियान में भागीदारी
मुलाकात से पहले, प्रधान ने केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के तहत सूरज नगर स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर में एक सफाई अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने इस पहल को जनभागीदारी की भावना का प्रतीक बताया और नागरिकों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की, ताकि एक स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में सभी का योगदान सुनिश्चित हो सके।
शूटिंग अकादमी दौरा और एथलीटों से संवाद
इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रधान ने मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ भोपाल की शूटिंग अकादमी का दौरा किया और वहाँ प्रशिक्षण ले रहे एथलीटों से सीधी बातचीत की। उन्होंने खिलाड़ियों को केंद्र सरकार की कौशल विकास और खेल-केंद्रित नीतियों की जानकारी दी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और खेल का एकीकरण
प्रधान ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) ने खेल और शारीरिक शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा, 'खेल और पढ़ाई एक साथ आगे बढ़ें, यह सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित अकादमिक योजना बनाई जा रही है। सरकार एथलीटों के अकादमिक रिकॉर्ड और खेल उपलब्धियों को उनकी APAAR ID के ज़रिए जोड़ने पर भी काम कर रही है। हम प्रयास कर रहे हैं कि विद्यार्थियों को उनके खेल के शौक के लिए पहचान मिल सके।' यह कदम एथलीटों की दोहरी पहचान — शिक्षार्थी और खिलाड़ी — को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
IIT में खेल कोटा और उच्च शिक्षा में अवसर
प्रधान ने यह भी बताया कि IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों ने खेल कोटा शुरू किया है, जिसका उद्देश्य प्रतिभाशाली एथलीटों को उनके खेल करियर से समझौता किए बिना उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। गौरतलब है कि यह पहल उन युवाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो अब तक खेल और पढ़ाई में से किसी एक को चुनने के लिए बाध्य थे।
2036 ओलंपिक और विकसित भारत का संकल्प
केंद्रीय मंत्री ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी को भारत की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा बताया और कहा कि अगले दो दशकों में देश को आत्मनिर्भरता की राह पर और तेज़ी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने 2047 तक प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर अपनी उपस्थिति मज़बूत करने के प्रयासों में तेज़ी ला रहा है।