29 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा: शिक्षा-खेल एकीकरण और APAAR ID से एथलीटों को मिलेगी पहचान

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धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा: शिक्षा-खेल एकीकरण और APAAR ID से एथलीटों को मिलेगी पहचान

सारांश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भोपाल दौरे में शिक्षा और खेल को एक साथ आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया — APAAR ID से एथलीटों की दोहरी पहचान, IIT में खेल कोटा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा इस दौरे के केंद्र में रही।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 13 जून 2026 को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर शिक्षा और युवा विकास पर चर्चा की।
सरकार एथलीटों के अकादमिक रिकॉर्ड और खेल उपलब्धियों को APAAR ID से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
IIT समेत प्रमुख संस्थानों में खेल कोटा शुरू किया गया है, ताकि प्रतिभाशाली एथलीट उच्च शिक्षा से वंचित न रहें।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत खेल और शारीरिक शिक्षा को मुख्यधारा की पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है।
प्रधान ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी और 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की प्रतिबद्धता दोहराई।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 13 जून 2026 को भोपाल दौरे के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने गुलदस्ता और पारंपरिक अंगवस्त्र से प्रधान का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच शिक्षा, युवा विकास और खेल प्रोत्साहन से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मोदी सरकार के 12 वर्ष: सफाई अभियान में भागीदारी

मुलाकात से पहले, प्रधान ने केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के तहत सूरज नगर स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर में एक सफाई अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने इस पहल को जनभागीदारी की भावना का प्रतीक बताया और नागरिकों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की, ताकि एक स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में सभी का योगदान सुनिश्चित हो सके।

शूटिंग अकादमी दौरा और एथलीटों से संवाद

इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रधान ने मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ भोपाल की शूटिंग अकादमी का दौरा किया और वहाँ प्रशिक्षण ले रहे एथलीटों से सीधी बातचीत की। उन्होंने खिलाड़ियों को केंद्र सरकार की कौशल विकास और खेल-केंद्रित नीतियों की जानकारी दी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और खेल का एकीकरण

प्रधान ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) ने खेल और शारीरिक शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा, 'खेल और पढ़ाई एक साथ आगे बढ़ें, यह सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित अकादमिक योजना बनाई जा रही है। सरकार एथलीटों के अकादमिक रिकॉर्ड और खेल उपलब्धियों को उनकी APAAR ID के ज़रिए जोड़ने पर भी काम कर रही है। हम प्रयास कर रहे हैं कि विद्यार्थियों को उनके खेल के शौक के लिए पहचान मिल सके।' यह कदम एथलीटों की दोहरी पहचान — शिक्षार्थी और खिलाड़ी — को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

IIT में खेल कोटा और उच्च शिक्षा में अवसर

प्रधान ने यह भी बताया कि IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों ने खेल कोटा शुरू किया है, जिसका उद्देश्य प्रतिभाशाली एथलीटों को उनके खेल करियर से समझौता किए बिना उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। गौरतलब है कि यह पहल उन युवाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो अब तक खेल और पढ़ाई में से किसी एक को चुनने के लिए बाध्य थे।

2036 ओलंपिक और विकसित भारत का संकल्प

केंद्रीय मंत्री ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी को भारत की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा बताया और कहा कि अगले दो दशकों में देश को आत्मनिर्भरता की राह पर और तेज़ी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने 2047 तक प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर अपनी उपस्थिति मज़बूत करने के प्रयासों में तेज़ी ला रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह डेटा लिंकेज कब तक पूरा होगा और किस स्वतंत्र एजेंसी द्वारा इसकी निगरानी होगी। IIT में खेल कोटे की घोषणा स्वागतयोग्य है, पर देश के लाखों ज़िला-स्तरीय एथलीटों तक इसका लाभ पहुँचाने के लिए राज्यस्तरीय ढाँचे की भी उतनी ही ज़रूरत है। 2036 ओलंपिक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा और ज़मीनी खेल अवसंरचना के बीच अभी बड़ा अंतर है, जिसे पाटे बिना ये लक्ष्य केवल वक्तव्य बनकर रह सकते हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा किस उद्देश्य से था?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान 13 जून 2026 को भोपाल पहुँचे, जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की और शिक्षा, खेल एवं युवा विकास पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने शूटिंग अकादमी का दौरा कर एथलीटों से सीधा संवाद किया।
APAAR ID और एथलीटों का इससे क्या संबंध है?
APAAR ID एक अकादमिक पहचान प्रणाली है, जिससे सरकार अब एथलीटों के खेल उपलब्धियों के रिकॉर्ड को भी जोड़ने की योजना बना रही है। इससे विद्यार्थी-खिलाड़ियों को उनकी खेल प्रतिभा के आधार पर संस्थागत पहचान और अवसर मिल सकेंगे।
IIT में खेल कोटे का क्या महत्व है?
IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में खेल कोटा शुरू होने से प्रतिभाशाली एथलीट अब खेल करियर और उच्च शिक्षा में से किसी एक को चुनने की मजबूरी से मुक्त होंगे। यह NEP के उस लक्ष्य के अनुरूप है जिसमें खेल को मुख्यधारा की शिक्षा का हिस्सा बनाना है।
भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी क्यों करना चाहता है?
प्रधान के अनुसार, 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा है, जो 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य से जुड़ी है। यह देश की बढ़ती खेल अवसंरचना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाने का अवसर होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में खेल को किस तरह शामिल किया गया है?
NEP के तहत खेल और शारीरिक शिक्षा को मुख्यधारा की पढ़ाई के साथ एकीकृत किया गया है। इसके लिए एक समर्पित अकादमिक योजना बनाई जा रही है, जो सुनिश्चित करेगी कि छात्र खेल और शिक्षा दोनों में एक साथ प्रगति कर सकें।
राष्ट्र प्रेस
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