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धर्मेंद्र प्रधान से मिले महेंद्र नाथ पांडेय, बोले — 'आचरण से बड़े होते हैं असली नेता'

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धर्मेंद्र प्रधान से मिले महेंद्र नाथ पांडेय, बोले — 'आचरण से बड़े होते हैं असली नेता'

सारांश

NEET पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री पद छोड़ चुके धर्मेंद्र प्रधान से BJP के वरिष्ठ नेता डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने मुलाकात की और एक्स पर लिखा — 'पद से नहीं, आचरण से बड़े बनते हैं असली नेता।' यह भेंट इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद हुई, जो पार्टी के भीतर एकजुटता का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

महेंद्र नाथ पांडेय ने 26 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की।
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
पांडेय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा — 'पद से नहीं, आचरण से बड़े बनते हैं असली नेता।' जंतर-मंतर पर CJP समेत छात्र संगठन प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
पांडेय ने भरोसा जताया कि प्रधान का नेतृत्व भविष्य में भी संगठन और देश के लिए अहम रहेगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने 26 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित आवास पर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। यह भेंट ऐसे समय में हुई जब प्रधान ने 25 जुलाई को NEET पेपर लीक विवाद के बीच उठ रहे छात्र आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

मुलाकात का संदर्भ

मुलाकात के बाद डॉ. पांडेय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीर साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान की कार्यशैली और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने लिखा कि 'बीते कुछ दिनों की घटनाओं के बीच यह मुलाकात कई भावनाएं साथ लेकर आई।' गौरतलब है कि यह पोस्ट प्रधान के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद आई, जिसे राजनीतिक हलकों में एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

डॉ. पांडेय ने क्या कहा

डॉ. पांडेय ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वर्षों से उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को ऐसे कार्यकर्ता के रूप में देखा है जिनके लिए संगठन का हित हमेशा व्यक्तिगत हित से ऊपर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से शुरू हुई प्रधान की राजनीतिक यात्रा आज भी उसी समर्पण, सादगी और अनुशासन के साथ जारी है।

पूर्व मंत्री ने आगे लिखा कि 'ऐसे व्यक्तित्व बहुत कम होते हैं, जो हर परिस्थिति में पद से नहीं, बल्कि अपने आचरण से बड़े बनते हैं।' उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधान का अनुभव, ऊर्जा और नेतृत्व आगे भी संगठन और राष्ट्र को नई दिशा देता रहेगा।

इस्तीफे की पृष्ठभूमि

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। यह इस्तीफा NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्र संगठनों के बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच आया। जंतर-मंतर पर CJP समेत तमाम छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे थे और प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे थे। यह इस्तीफा उस दबाव की परिणति माना जा रहा है।

राजनीतिक निहितार्थ

डॉ. पांडेय का यह सार्वजनिक समर्थन BJP के भीतर नेताओं के बीच एकजुटता का संदेश देता है। आलोचकों का कहना है कि NEET लीक विवाद ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, और मंत्री का इस्तीफा भले ही एक राजनीतिक कदम हो, जवाबदेही की माँग अभी भी बनी हुई है।

आगे क्या

पूर्व मंत्री डॉ. पांडेय ने भरोसा जताया कि प्रधान का योगदान भविष्य में भी संगठन और देश के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। अब यह देखना होगा कि BJP नेतृत्व NEET विवाद से उपजे जनाक्रोश को शांत करने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस्तीफा भले ही दबाव में लिया गया हो, जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित है। 'आचरण से बड़े नेता' की तारीफ करना एक बात है, लेकिन लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े पेपर लीक का जवाब देना दूसरी — और वह जवाब अभी तक नहीं मिला।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2025 को NEET पेपर लीक विवाद के बीच बढ़ते छात्र आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। जंतर-मंतर पर CJP समेत तमाम छात्र संगठन उनके इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने धर्मेंद्र प्रधान के बारे में क्या कहा?
डॉ. पांडेय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 'ऐसे व्यक्तित्व बहुत कम होते हैं, जो हर परिस्थिति में पद से नहीं, बल्कि अपने आचरण से बड़े बनते हैं।' उन्होंने प्रधान की सादगी, समर्पण और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
महेंद्र नाथ पांडेय और धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात कब और कहाँ हुई?
यह मुलाकात 26 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित आवास पर हुई — यानी प्रधान के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद।
NEET पेपर लीक विवाद क्या है?
NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन शुरू हुआ। इस विवाद ने शिक्षा मंत्रालय पर जवाबदेही का दबाव बढ़ाया, जिसके चलते धर्मेंद्र प्रधान को मंत्री पद छोड़ना पड़ा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद BJP में क्या संदेश गया?
डॉ. पांडेय की मुलाकात और सार्वजनिक समर्थन को राजनीतिक हलकों में BJP के भीतर एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व अभी यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि NEET विवाद से उपजे जनाक्रोश को शांत करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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