दानिश आजाद अंसारी का पलटवार: सपा हताशा में, 2027 में भी जनता करेगी नकार — BJP की बड़ी जीत तय
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने 23 अक्टूबर 2026 को बलिया में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के चुनावों में धांधली के आरोपों पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने सपा को 'राजनीतिक हताशा का शिकार' बताते हुए दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।
मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया
अंसारी ने सपा पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढाँचे को कमज़ोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी सीना-जोरी कर रही है और जो कमज़ोरियाँ हैं, उन्हें दूसरे के सिर पर मढ़ने का काम कर रही है। अपनी कमियों पर काम करने के बजाय वह जनता के जनादेश का अपमान कर रही है।'
उन्होंने यह भी कहा कि सपा का पैटर्न लगातार ऐसा रहा है जिससे 'संविधान कमज़ोर हो, देश का लोकतंत्र कमज़ोर हो और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर से जनता का विश्वास उठ जाए।'
रथयात्रा और इंडिया गठबंधन पर निशाना
अंसारी ने अखिलेश यादव की हालिया रथयात्रा का भी ज़िक्र किया। उनके अनुसार यात्रा रायबरेली तक ही पहुँच सकी — लखनऊ से महज़ 50-60 किलोमीटर दूर — और जनता की प्रतिक्रिया न मिलने के कारण वापस लौटना पड़ा।
उन्होंने इंडिया गठबंधन की आंतरिक दरारों का भी हवाला दिया, यह दावा करते हुए कि गठबंधन की सबसे बड़ी घटक पार्टी कांग्रेस ने सपा के साथ खींचतान शुरू कर दी है, जिसके बाद यात्रा की बस लखनऊ की ओर मोड़नी पड़ी।
2017, 2022 और 2027 — इतिहास की पुनरावृत्ति का दावा
मंत्री ने कहा कि जनता ने 2017 और 2022 दोनों विधानसभा चुनावों में सपा को नकारा था और 2027 में भी यही परिणाम होगा। उन्होंने दावा किया, 'समाजवादी पार्टी कितना भी प्रयास कर ले, भ्रम फैला ले, नफ़रत फैला ले — उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनने वाली नहीं है।'
यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान हुआ। अंसारी ने दावा किया कि मतदान का रुझान पूरी तरह BJP के पक्ष में दिखाई देता है।
BJP की 'डबल इंजन' रणनीति पर ज़ोर
अंसारी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के पक्ष में जनता का जनादेश और विश्वास बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा 'बंद कमरों में राजनीति करती है' — पोस्ट और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहती है और जनता के बीच नहीं जाती।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 की विधानसभा चुनाव की आहटों के बीच दोनों प्रमुख दल — BJP और सपा — एक-दूसरे पर हमलावर हैं। आने वाले महीनों में यह राजनीतिक तनाव और तेज़ होने की संभावना है।