12 जुलाई 2026
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दानिश अंसारी का अखिलेश पर वार: 'सपा की नीति झूठ बोलो, बांटो और राज करो'

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दानिश अंसारी का अखिलेश पर वार: 'सपा की नीति झूठ बोलो, बांटो और राज करो'

सारांश

BJP मंत्री दानिश अंसारी ने अखिलेश यादव की बिजली और एनकाउंटर आलोचना को 'झूठ बोलो, बांटो और राज करो' की नीति करार दिया। उन्होंने सपा के 2012-2017 कार्यकाल को घेरा और पीडीए पर अत्याचार का आरोप उलटा अखिलेश पर ही लगाया।

मुख्य बातें

BJP मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने 27 मई 2026 को अखिलेश यादव पर पलटवार किया।
अंसारी ने सपा पर 'झूठ बोलो, बांटो और राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया।
दावा किया कि 2012-2017 सपा शासन में केवल कुछ वीआईपी जिलों को सुविधाएं मिलती थीं, बाकी जिलों में बिजली की स्थिति बदतर थी।
अखिलेश के फर्जी एनकाउंटर और पीडीए समुदाय को निशाना बनाने के आरोपों को अंसारी ने खारिज किया।
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने मुंबई से कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद एनडीए सरकार बनेगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने 27 मई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया, जब अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति और कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर सवाल उठाए थे। अंसारी ने सपा पर 'झूठ बोलो, बांटो और राज करो' की राजनीति करने का आरोप लगाया।

मंत्री का सीधा हमला

अंसारी ने कहा, 'समाजवादी पार्टी प्रमुख को अपने एयर-कंडीशन्ड कमरों से बाहर निकलकर उत्तर प्रदेश की वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए।' उन्होंने दावा किया कि 2012 से 2017 तक सपा के कार्यकाल में केवल कुछ 'वीआईपी जिलों' को सुविधाएं मिलती थीं, जबकि बाकी जिलों में बिजली आपूर्ति इतनी बदतर थी कि 'लोग कपड़े सुखाने के लिए बिजली के तारों का इस्तेमाल करते थे।'

फर्जी एनकाउंटर और पीडीए पर आरोप-प्रत्यारोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि राज्य में सर्वाधिक फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं और पीडीए समुदाय — पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक — को निशाना बनाया जा रहा है। इस पर अंसारी ने पलटवार करते हुए कहा कि सपा के शासनकाल में ही पीडीए समुदाय के विरुद्ध सबसे अधिक अपराध और अत्याचार हुए थे। उन्होंने जोड़ा, 'आज सीएम योगी की सरकार में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे अपराधी बौखलाए हुए हैं।'

ऐतिहासिक संदर्भ में तुलना

अंसारी ने सपा की राजनीति की तुलना औपनिवेशिक काल की अंग्रेजी नीति से करते हुए कहा, '1947 से पहले अंग्रेज 'बांटो और राज करो' की नीति अपनाते थे। आधुनिक भारत में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी झूठ और बंटवारे की नीति पर चल रही है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

शिवसेना की प्रतिक्रिया

मुंबई में शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने भी अखिलेश के बयानों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'पहले उत्तर प्रदेश में चुनाव हो जाने दीजिए। उसके बाद हमें पूरा विश्वास है कि राज्य में एनडीए की सरकार बनेगी। जो कोई भी इस तरह के बयान देना चाहता है, वह उसके बाद दे सकता है।' गौरतलब है कि यह बयानबाजी आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में हो रही है।

आगे क्या

भाजपा और सपा के बीच यह वाकयुद्ध उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई धार ला रहा है। बिजली आपूर्ति, कानून-व्यवस्था और पीडीए समुदाय की सुरक्षा जैसे मुद्दे आने वाले चुनावी संग्राम में केंद्रीय भूमिका निभाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भाजपा की उस सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है जिसमें विपक्ष के हर आरोप को उसी के शासनकाल से जोड़कर काटा जाता है। फर्जी एनकाउंटर और पीडीए समुदाय जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सपा की आलोचना को 'बांटने की राजनीति' कहना, असल सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश भी हो सकती है। आलोचकों का कहना है कि बिजली और कानून-व्यवस्था पर बहस तब तक अधूरी रहेगी जब तक स्वतंत्र आँकड़े सामने न आएं। यह वाकयुद्ध बताता है कि उत्तर प्रदेश में 2027 की जमीन अभी से तैयार होने लगी है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दानिश अंसारी ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
BJP मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने अखिलेश यादव पर 'झूठ बोलो, बांटो और राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के 2012-2017 कार्यकाल में पीडीए समुदाय के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हुए और बिजली आपूर्ति बेहद खराब थी।
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर क्या आरोप लगाए थे?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं और पीडीए समुदाय — पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक — को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
सपा के कार्यकाल में बिजली आपूर्ति पर भाजपा का क्या कहना है?
अंसारी के अनुसार, 2012 से 2017 के सपा शासन में केवल कुछ वीआईपी जिलों को सुविधाएं मिलती थीं और बाकी जिलों में बिजली इतनी कम आती थी कि लोग कपड़े सुखाने के लिए बिजली के तारों का इस्तेमाल करते थे।
शिवसेना ने इस विवाद पर क्या कहा?
मुंबई में शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव के बाद एनडीए की सरकार बनेगी और तब तक किसी को भी इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए।
यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बयानबाजी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में हो रही है, जहाँ बिजली, कानून-व्यवस्था और पीडीए समुदाय की सुरक्षा प्रमुख चुनावी मुद्दे बनने की संभावना है। भाजपा और सपा दोनों इन मुद्दों पर अपनी-अपनी कथा स्थापित करने की कोशिश में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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