दानिश अंसारी का अखिलेश पर पलटवार: सपा शासन में 700 दंगे और नौकरी नीलामी का हिसाब माँगा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने 23 सितंबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए 2012-2017 के सपा शासनकाल में 700 से अधिक दंगों, सरकारी नौकरियों की कथित नीलामी और अपराधियों के बोलबाले का हिसाब माँगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव प्रतिदिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में गढ़े गए आँकड़ों के ज़रिये जनता को भ्रमित कर रहे हैं और मीडियाकर्मियों का अपमान कर रहे हैं।
मुख्य आरोप और पलटवार
मंत्री अंसारी ने कहा, 'झूठ और गफलत की बातें करके जनता को गुमराह करने से आपकी राजनीति नहीं चलेगी। हर दिन आप प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और उसमें पता नहीं दिन भर तैयार किए गए झूठ के आँकड़े अगले दिन बताते हैं, लेकिन हमारे प्रेस के साथियों को आप जलील करते हैं, उनका मजाक उड़ाते हैं, यह नहीं चलेगा।' उन्होंने सपा से माँग की कि वह 2012 से 2017 तक अपने कार्यकाल में हुए 700 से अधिक दंगों पर सार्वजनिक सफाई दे।
यह ऐसे समय में आया है जब 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ दोनों प्रमुख दलों — भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (सपा) — में ज़ोर पकड़ चुकी हैं, और राजनीतिक बयानबाज़ी दिन-प्रतिदिन तीखी होती जा रही है।
सपा शासन पर गंभीर आरोप
अंसारी ने कहा कि सपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला रहा और सरकारी नौकरियों की खुलेआम नीलामी होती थी। उनके अनुसार, 'उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की जो नीलामी समाजवादी पार्टी करती थी, उसका जवाब कौन देगा?' गौरतलब है कि ये आरोप भाजपा की ओर से पहले भी लगाए जाते रहे हैं, और सपा इन्हें राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज करती रही है।
सपा की 'झूठ बोलो, राज करो' नीति पर हमला
मंत्री ने सपा की कार्यशैली की तुलना औपनिवेशिक नीति से करते हुए कहा कि जैसे अंग्रेज 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाते थे, वैसे ही समाजवादी पार्टी 'झूठ बोलो और राज करो' की नीति अपनाती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के मन में सपा के प्रति न कोई विश्वास बचा है, न कोई सॉफ्ट कॉर्नर।
2027 चुनाव पर भाजपा का दावा
अंसारी ने भरोसा जताया कि 2027 विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता सपा के 'नकारात्मक एजेंडे' को नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत देगी और योगी आदित्यनाथ की सरकार फिर से सत्ता में लौटेगी। उन्होंने कहा, 'जनता सजग है, जागरूक है, वो सपा के किसी भी नेगेटिव एजेंडे में फंसने वाली नहीं है।'
आगे क्या
उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह जुबानी जंग आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है, क्योंकि दोनों दल 2027 के चुनावी मैदान की ज़मीन तैयार करने में जुटे हैं। सपा की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।