ब्रेसवेल का दावा: 'करो या मरो' मैच के लिए न्यूजीलैंड तैयार, वेलिंगटन में सीरीज बचाने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
न्यूजीलैंड के स्पिन ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल ने 26 अक्टूबर को वेलिंगटन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत के खिलाफ पाँच मैचों की टी20 सीरीज में शुरुआती दो हार के बावजूद टीम के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलू रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंगलवार को होने वाले तीसरे टी20 मुकाबले में — जो अब 'करो या मरो' का रूप ले चुका है — जीत के लिए बस अहम पलों में अधिक सटीक प्रदर्शन की आवश्यकता है।
सीरीज का अब तक का घटनाक्रम
न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च में खेले गए सीरीज के दोनों मैचों में मौजूदा टी20 चैंपियन भारत को कड़ी टक्कर दी। पहले मैच में कीवी टीम ने भारत को 226 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करने पर मजबूर किया, जबकि दूसरे मुकाबले में भी भारत को 181 रनों के लक्ष्य तक पहुँचने से लगभग रोक ही दिया था। इन दोनों हाई-स्कोरिंग मुकाबलों में हार के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम ने अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का परिचय दिया।
ब्रेसवेल का टीम के मनोबल पर बयान
ब्रेसवेल ने कहा, 'मुझे लगता है कि अब तक यह एक रोमांचक सीरीज रही है। बेशक, हम दोनों मैचों में हारने वाली तरफ रहे, लेकिन मैचों के अंत को देखकर यह साफ है कि अब तक यह काफी करीबी सीरीज रही है। पिछले दो मैचों में कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें हम बदलना चाहेंगे, और वेलिंगटन में हम अपनी उन गलतियों को सुधारने की कोशिश करेंगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब दुनिया की किसी शीर्ष टीम का सामना हो, तो पूरे मैच में संपूर्ण प्रदर्शन बेहद जरूरी होता है।
नमन धीर के छक्के ने बदला मैच का रुख
ब्रेसवेल ने दूसरे टी20 में 14वें ओवर के अंत में नमन धीर द्वारा डीप मिड-विकेट की दिशा में लगाए गए छक्के का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो 85 मीटर दूर बाउंड्री के पार गई। उन्होंने कहा, 'अगर वह उस शॉट को खेलने में जरा सी भी चूक कर देते, तो यह एक विकेट बन जाता। यह टी20 क्रिकेट में जीत और हार के बीच के कम अंतर का अच्छा उदाहरण है।' उनके अनुसार इस एक छक्के ने उनके गेंदबाजी आँकड़े बिगाड़े और भारत को उस ओवर में 15 रन दिए, जो मेहमान टीम के लिए निर्णायक साबित हुए।
आगे क्या: वेलिंगटन में सीरीज बचाने की चुनौती
कीवी ऑलराउंडर ने स्वीकार किया कि भारतीय बल्लेबाजों ने डेथ ओवरों में उन पर दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने दोहराया कि टीम पूरी तरह बिखरी नहीं है। ब्रेसवेल ने कहा, 'हम कल मैदान पर उतरने और सीरीज बचाने के लिए इस 'करो या मरो' वाले मैच में अपना पूरा जोर लगाने के लिए बहुत उत्साहित हैं।' गौरतलब है कि सीरीज में 0-2 से पिछड़ी न्यूजीलैंड के लिए यह मैच हारना곧 सीरीज गँवाने के बराबर होगा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी चुनौती डेथ ओवरों में गेंदबाजी अनुशासन बनाए रखना है, जहाँ भारत ने दोनों मैचों में बड़े शॉट्स खेलकर मैच पलट दिए। यह ऐसे समय में आया है जब न्यूजीलैंड घरेलू मैदान पर टी20 में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। तीसरे मैच में न्यूजीलैंड का प्रदर्शन यह तय करेगा कि यह सीरीज रोमांचक बनी रहती है या भारत जल्दी ही इसे अपने नाम कर लेता है।