सर्दियों में उत्तराखंड के 10 बेहतरीन पर्यटन स्थल: मसूरी से औली तक, जानें कैसे पहुँचें
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड सर्दियों के मौसम में देश के सबसे आकर्षक पर्यटन गंतव्यों में से एक बनकर उभरता है। दिसंबर से फरवरी के बीच यहाँ बर्फीले पहाड़, धुंध भरी घाटियाँ, आध्यात्मिक स्थल और रोमांचक बाहरी गतिविधियाँ एक साथ अनुभव की जा सकती हैं। दिल्ली और आसपास के राज्यों से सड़क, रेल व हवाई मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकने वाला यह पहाड़ी राज्य हर तरह के यात्री की ज़रूरत पूरी करता है।
मसूरी — पहाड़ों की रानी
देहरादून से मात्र 38 किलोमीटर दूर स्थित मसूरी उत्तराखंड के सबसे प्रसिद्ध हिल स्टेशनों में से एक है। दिल्ली से इसकी दूरी लगभग 273 किलोमीटर है। केबल कार की सवारी, केम्प्टी जलप्रपात, लैंडौर बाज़ार और मॉल रोड यहाँ के लोकप्रिय आकर्षण हैं। दिसंबर मध्य से फरवरी मध्य के बीच बर्फबारी का आनंद लिया जा सकता है। जयपी रिज़ॉर्ट के आइस रिंक में आइस स्केटिंग सर्दियों की सबसे पसंदीदा गतिविधियों में शामिल है। यह मसूरी गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के लिए प्रवेश द्वार भी है। निकटतम हवाई अड्डा जॉलीग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून है; देहरादून रेलवे स्टेशन लगभग 36 किलोमीटर दूर है।
ऋषिकेश — साहस और आध्यात्म का संगम
हिमालय की तलहटी में बसा ऋषिकेश सर्दियों में एक विशेष शांति और रोमांच का अनुभव देता है। दिल्ली से यह लगभग 239 किलोमीटर दूर है। सर्दियों की हल्की धूप में गंगा नदी के किनारे टहलना और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में राफ्टिंग करना यहाँ का अनूठा अनुभव है। योग रिट्रीट और ध्यान के शौकीनों के लिए यह स्थान आदर्श है। निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून है, जो यहाँ से 20-25 किलोमीटर दूर है। ट्रेन, बस और टैक्सी से भी यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है।
लैंसडाउन, नैनीताल और भीमताल — शांत पलायन
पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित लैंसडाउन एक शांत और भीड़-रहित हिल स्टेशन है। दिल्ली से इसकी दूरी लगभग 250-270 किलोमीटर है। दिसंबर से फरवरी के बीच यहाँ बर्फबारी होती है। कोटद्वार होते हुए सड़क मार्ग से यहाँ सुविधाजनक रूप से पहुँचा जा सकता है; निकटतम रेलवे स्टेशन कोटद्वार है।
नैनीताल उत्तराखंड के सर्वाधिक लोकप्रिय शीतकालीन गंतव्यों में है। दिल्ली से यह लगभग 286-300 किलोमीटर दूर है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन यहाँ से 25-30 किलोमीटर दूर है, जबकि पंतनगर हवाई अड्डा लगभग 65 किलोमीटर पर है। नैनीताल के निकट स्थित भीमताल उन यात्रियों के लिए आदर्श है जो भीड़ से दूर प्रकृति की गोद में सुकून तलाशते हैं। भीमताल से नैनीताल की दूरी लगभग 22-25 किलोमीटर है।
कौसानी, जिम कॉर्बेट और औली — विविध अनुभव
कौसानी हिमालय की चोटियों के अद्वितीय दृश्यों के लिए जाना जाता है। यहाँ अनाशक्ति आश्रम, रुद्रधारी जलप्रपात, चाय बागान और बैजनाथ मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। नैनीताल से इसकी दूरी लगभग 118 किलोमीटर और सड़क मार्ग से लगभग 4-4.5 घंटे की यात्रा है।
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (रामनगर) सर्दियों में वन्यजीव प्रेमियों के लिए सर्वोत्तम अनुभव प्रदान करता है। दिल्ली से इसकी दूरी लगभग 255-260 किलोमीटर है। रामनगर रेलवे स्टेशन पार्क से मात्र 3 किलोमीटर दूर है, जबकि पंतनगर हवाई अड्डा लगभग 65-84 किलोमीटर पर है।
चमोली जिले में स्थित औली को भारत की स्की राजधानी और 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहा जाता है। सर्दियों में यहाँ भारी बर्फबारी स्कीइंग के शौकीनों को खींचती है। दिल्ली से औली की दूरी लगभग 500-520 किलोमीटर है।
चोपता — उत्तराखंड का अनछुआ मिनी स्विट्जरलैंड
रुद्रप्रयाग जिले के गढ़वाल हिमालय में बसा चोपता गाँव प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। सर्दियों में तापमान शून्य से नीचे चला जाता है और पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक जाता है। यहाँ से तुंगनाथ मंदिर की चढ़ाई शुरू होती है, जो लगभग 13,500 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। दिल्ली से चोपता लगभग 400-450 किलोमीटर दूर है और सड़क मार्ग से यह यात्रा 9-12 घंटे में पूरी होती है। निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है, जो लगभग 200-209 किलोमीटर दूर है।