गर्मियों में उत्तर प्रदेश: झील, जंगल और घाट के बीच ठंडक और सुकून के 9 बेहतरीन ठिकाने
सारांश
मुख्य बातें
भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश इस मौसम में पर्यटकों के लिए एक अप्रत्याशित राहत बनकर उभरा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में फैले प्राकृतिक जलाशय, घने वन, धार्मिक घाट और वन्यजीव अभयारण्य मिलकर एक ऐसा पर्यटन पैकेज तैयार करते हैं जो गर्मी की थकान मिटाने के साथ-साथ यादगार अनुभव भी देता है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भी पर्यटकों को इन स्थलों की ओर आकर्षित करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है।
पवित्र जलाशय और घाट
मथुरा के गोवर्धन में स्थित कुसुम सरोवर राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा एक पवित्र तीर्थ है। 450 फीट लंबे और 60 फीट गहरे इस तालाब के चारों ओर फूलों की बहार और हरियाली का आवरण है। राजस्थानी स्थापत्य शैली में बने घाट और शांत परिवेश इसे गर्मियों में मानसिक शांति का एक आदर्श केंद्र बनाते हैं।
वाराणसी का दशाश्वमेध घाट और शहर के चौरासी घाट हर सुबह-शाम गंगा आरती से जीवंत हो उठते हैं। शंखनाद, मंत्रोच्चार और दीपों की आभा गर्मी की रात को भी अविस्मरणीय बना देती है। प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन श्रद्धालुओं को गर्मियों में भी खींचता है। संगम स्नान, नौका विहार के साथ-साथ पास में स्थित इलाहाबाद किला, अशोक स्तंभ, पातालपुरी मंदिर और अक्षय वट इसे एक समृद्ध पर्यटन स्थल बनाते हैं।
प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास
आगरा से मात्र 20 किलोमीटर दूर स्थित सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य (कीथम झील) 1991 में अभयारण्य घोषित हुआ था और आज यह 126 से अधिक जलपक्षी प्रजातियों का आवास है। हॉग हिरण, चित्तीदार हिरण और मॉनिटर छिपकली यहाँ सहज दिख जाते हैं। हरे-भरे जंगलों और शांत झील का किनारा पक्षी प्रेमियों के लिए गर्मियों में किसी स्वर्ग से कम नहीं।
भारत-नेपाल सीमा के निकट लखीमपुर खीरी में स्थित दुधवा नेशनल पार्क 490 वर्ग किलोमीटर में फैला है। बाघ, हाथी, तेंदुआ और बारहसिंगा की मौजूदगी इसे वन्यजीव पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनाती है। घास के मैदान, दलदली क्षेत्र और घने वन गर्मी में भी शीतलता का अनुभव कराते हैं।
झील और जलप्रपात का आनंद
गोरखपुर का रामगढ़ ताल पूर्वांचल का 'मरीन ड्राइव' कहलाता है। 678 हेक्टेयर में फैली यह झील शाम के वक्त विशेष रूप से मनमोहक दिखती है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की निगरानी में संरक्षित और राज्य सरकार द्वारा विकसित यह ताल अब पर्यटकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है।
मिर्जापुर से केवल 7 किलोमीटर दूर बरकछा कलां गाँव में स्थित खजूरी डैम भारी वर्षा के दौरान दूधिया फॉल का रूप ले लेता है। सफेद झरने का दृश्य और ठंडे पानी में स्नान का आनंद लेने के लिए वाराणसी और प्रयागराज समेत आसपास के शहरों से पर्यटक यहाँ पहुँचते हैं। पिकनिक के लिहाज़ से यह स्थान विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है।
आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम
चित्रकूट का रामघाट भगवान राम के वनवास काल से जुड़ा एक पवित्र स्थल है। पास में कामादगिरी मंदिर, हनुमान धारा और भरत मिलाप मंदिर की उपस्थिति इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण बनाती है। हरे-भरे जंगलों और प्राकृतिक जलप्रपात के बीच यहाँ का शांत वातावरण मन को गहरा सुकून देता है।
सोनभद्र में रॉबर्ट्सगंज से 6 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित सन इको पॉइंट (सोन व्यू पॉइंट) सोन घाटी का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। मानसून में यहाँ छोटे-छोटे झरने फूट पड़ते हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए पिकनिक और फोटोग्राफी का यह एक आदर्श ठिकाना है।
यात्रा की योजना बनाते समय ध्यान रखें
उत्तर प्रदेश के ये स्थल राज्य के अलग-अलग कोनों में फैले हैं — पश्चिम में मथुरा-आगरा से लेकर पूर्व में वाराणसी-सोनभद्र और उत्तर में लखीमपुर खीरी तक। पर्यटन विभाग के अनुसार गर्मियों में इन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। प्रकृति, आस्था और रोमांच का यह अनूठा संयोजन उत्तर प्रदेश को इस गर्मी में एक संपूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाता है।