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कश्मीर में मई–जुलाई 2026 के बीच 8 लाख से अधिक पर्यटक, उत्तराखंड-जयपुर के सैलानियों ने सराही मेहमाननवाजी

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कश्मीर में मई–जुलाई 2026 के बीच 8 लाख से अधिक पर्यटक, उत्तराखंड-जयपुर के सैलानियों ने सराही मेहमाननवाजी

सारांश

मई से जुलाई 2026 के बीच कश्मीर में 8 लाख से अधिक पर्यटक पहुँचे — सरकारी आँकड़े घाटी में पर्यटन की मज़बूत वापसी दर्शाते हैं। उत्तराखंड और जयपुर के सैलानियों ने बदले हुए माहौल, स्थानीय गर्मजोशी और सुरक्षा तंत्र की सराहना की।

मुख्य बातें

सरकारी आँकड़ों के अनुसार मई से जुलाई 2026 के बीच कश्मीर में 8,07,008 पर्यटक पहुँचे।
पौड़ी गढ़वाल के कैप्टन सुरेंद्र सिंह रावत 10 परिवारों के साथ चार दिवसीय कश्मीर दौरे पर आए और स्थिति को ' 100 प्रतिशत सुधरी' बताया।
जयपुर मूल के रोहन ने पहली बार कश्मीर यात्रा की और पहलगाम समेत सभी स्थानों को सुरक्षित व सुखद पाया।
पर्यटकों ने कश्मीर के लोगों की मेहमाननवाज़ी, सुहावने मौसम और सुरक्षाबलों की तैनाती की सराहना की।
स्थानीय पर्यटन व्यवसाय — होटल, शिकारा संचालक, गाइड — बढ़ती आमद से सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में मई से जुलाई 2026 के बीच 8,07,008 पर्यटक पहुँचे — यह आँकड़ा सरकारी रिकॉर्ड पर आधारित है और घाटी में पर्यटन की मज़बूत वापसी का संकेत देता है। उत्तराखंड और जयपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटकों ने कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता, सुहावने मौसम और स्थानीय लोगों की मेहमाननवाज़ी की भरपूर तारीफ की।

पर्यटकों का अनुभव

पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड के निवासी और भारतीय सेना के कैप्टन सुरेंद्र सिंह रावत अपने साथ 10 परिवारों को लेकर कश्मीर के चार दिवसीय दौरे पर आए। उन्होंने कहा, 'हम लोगों को यहाँ बहुत अच्छा लगता है, यहाँ भी भौगोलिक स्थिति काफी अच्छी है। कश्मीर के लोगों के साथ हम लोगों का अच्छा अनुभव है।'

कैप्टन रावत ने यह भी कहा, 'पहले की तुलना में आज कश्मीर की स्थिति काफी अच्छी है। पर्यटकों के लिए माहौल काफी अच्छा है। सभी से अपील है कि वे कश्मीर आएँ और यहाँ का आनंद लें। इससे कश्मीर के लोगों का भी हौसला बढ़ेगा और यहाँ का विकास हो पाएगा। आज 100 प्रतिशत स्थिति सुधर गई है और काफी बदलाव आया है।'

पहली बार आए पर्यटकों की राय

जयपुर मूल के और दिल्ली में रहने वाले रोहन पहली बार कश्मीर की यात्रा पर आए। उन्होंने कहा, 'दिल्ली की तुलना में यहाँ का वातावरण बहुत ज़्यादा अच्छा है। यहाँ के लोग काफी सपोर्टिव हैं।' रोहन ने यह भी स्वीकार किया कि दिल्ली में रहते हुए कश्मीर जाने को लेकर कुछ आशंका रहती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत उससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने पहलगाम का दौरा किया और वहाँ के माहौल को 'बिल्कुल सुरक्षित और सुखद' बताया। उन्होंने सुरक्षाबलों की पूरी तरह तैनाती का भी ज़िक्र किया।

पर्यटन क्षेत्र पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दे रहा है। गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे प्रमुख स्थलों पर सैलानियों की आमद बढ़ने से स्थानीय होटल, शिकारा संचालक, गाइड और दस्तकार सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। गौरतलब है कि कश्मीर का पर्यटन क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न चुनौतियों के बाद धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है।

क्या होगा आगे

सर्दियों के मौसम से पहले अक्टूबर तक पर्यटकों की आमद में और तेज़ी आने की संभावना है, क्योंकि शरद ऋतु की खूबसूरती — खासकर चिनार के पत्तों की लालिमा — देशभर के पर्यटकों को आकर्षित करती है। सुरक्षा तंत्र की सक्रिय उपस्थिति और बेहतर कनेक्टिविटी इस रुझान को और मज़बूत कर सकती है। आँकड़ों के अनुसार, यदि यह गति बनी रही तो वर्ष 2026 कश्मीर के पर्यटन इतिहास में एक सकारात्मक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे संदर्भ में देखना ज़रूरी है — पर्यटन में वृद्धि तभी टिकाऊ होगी जब बुनियादी ढाँचा, स्थानीय रोज़गार और पर्यावरणीय प्रबंधन उसी रफ्तार से बढ़े। व्यक्तिगत अनुभव सकारात्मक हैं, पर पर्यटन विभाग के व्यापक डेटा — जैसे औसत ठहराव, प्रति पर्यटक खर्च और स्थानीय आय में वास्तविक बढ़त — सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। मुख्यधारा की कवरेज भावनात्मक प्रशंसा तक सीमित रहती है; असली सवाल यह है कि इस भीड़ का आर्थिक लाभ घाटी के आम निवासी तक कितना पहुँच रहा है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मई से जुलाई 2026 के बीच कश्मीर में कितने पर्यटक आए?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार इस अवधि में कश्मीर में 8,07,008 पर्यटक पहुँचे। यह आँकड़ा घाटी में पर्यटन की मज़बूत वापसी को दर्शाता है।
क्या 2026 में कश्मीर पर्यटकों के लिए सुरक्षित है?
विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों ने कश्मीर को सुरक्षित बताया है। जयपुर मूल के रोहन ने कहा कि पहलगाम सहित सभी स्थानों पर माहौल अच्छा था और सुरक्षाबलों की पूरी तैनाती थी; हालाँकि किसी भी यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह लेना उचित है।
कश्मीर में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को क्या फायदा होता है?
पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल संचालक, शिकारा चालक, गाइड, दस्तकार और छोटे व्यापारी सीधे लाभान्वित होते हैं। कैप्टन सुरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, पर्यटन से कश्मीर के लोगों का हौसला बढ़ता है और क्षेत्र का विकास होता है।
कश्मीर के कौन-से पर्यटन स्थल 2026 में लोकप्रिय हैं?
पहलगाम, गुलमर्ग और सोनमर्ग प्रमुख रूप से लोकप्रिय बने हुए हैं। जयपुर से आए रोहन ने पहलगाम की यात्रा की और वहाँ के माहौल को सुखद बताया।
कश्मीर में पर्यटन का सर्वश्रेष्ठ मौसम कौन सा है?
मई से अक्टूबर तक का समय कश्मीर में पर्यटन के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। शरद ऋतु में चिनार के पत्तों की लालिमा देशभर के पर्यटकों को आकर्षित करती है और अक्टूबर तक आमद में और तेज़ी आने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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