जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की रिकॉर्ड बाढ़: 2024 में 2.36 करोड़ सैलानी, इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ विस्तार
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन उद्योग ने नई ऊँचाइयाँ छुई हैं — सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में रिकॉर्ड 2.36 करोड़ पर्यटक इस केंद्र शासित प्रदेश में पहुँचे, जो 2020 के 25.24 लाख के आँकड़े से नौ गुना से अधिक की वृद्धि है। दिल्ली, गुजरात सहित देश के कई राज्यों से सैलानी इन दिनों कश्मीर की वादियों में फुर्सत के पल बिता रहे हैं, और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों का कहना है कि माँग में यह उछाल अब स्थायी रूप ले रहा है।
पाँच वर्षों में पर्यटन का सफर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2020 में कोविड-19 महामारी की छाया में केवल 25.24 लाख पर्यटक आए थे। इसके बाद 2021 में 1.13 करोड़, 2022 में 1.85 करोड़, 2023 में 2.07 करोड़ और 2024 में 2.36 करोड़ का रिकॉर्ड दर्ज हुआ। 2025 में अब तक लगभग 1.78 करोड़ पर्यटक आ चुके हैं, हालाँकि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने कुछ महीनों के लिए इस गति को प्रभावित किया।
इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ बदलाव
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार, पिछले छह वर्षों में बड़े पैमाने पर नए होटल और गेस्ट हाउस बनाए गए हैं, और बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए 20,000 से अधिक पर्यटक वाहन भी जोड़े गए हैं। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े एक व्यवसायी ने बताया कि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के कारण होटल, होमस्टे और परिवहन सेवाओं में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है।
पहलगाम हमले के बाद वापसी
टूरिज्म सेक्टर से जुड़े एक व्यवसायी ने माना कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने कुछ समय के लिए पर्यटन को प्रभावित किया और निवेशकों में चिंता पैदा की। हालाँकि, मई 2025 के बाद से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वापसी देखी गई है। होटल व्यवसायी रऊफ ने कहा, मई के बाद से पर्यटन सीज़न में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है।
पर्यटकों के अनुभव
गुजरात से आई एक महिला पर्यटक ने बताया कि वे दूसरी बार कश्मीर आई हैं। उनके अनुसार, 2022-23 की तुलना में इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय सहयोग दोनों बेहतर हैं, और सेना की सुरक्षा व्यवस्था भी संतोषजनक है। एक अन्य पर्यटक ने बताया कि उन्होंने पहली बार 2010 में अमरनाथ यात्रा के दौरान कश्मीर देखा था — तब और अब में ज़मीन-आसमान का फर्क है।
आगे की राह
पर्यटन उद्योग के जानकारों का कहना है कि मई, जून और जुलाई 2025 के महीनों में पर्यटकों की अच्छी संख्या यह दर्शाती है कि यात्रियों का भरोसा फिर से बहाल हो रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी रखे हुए है। गौरतलब है कि यदि यह गति बनी रही, तो 2025 का पूरा वर्ष भी पिछले वर्षों के आँकड़ों के करीब पहुँच सकता है।