पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन की वापसी, अनंतनाग की सेब घाटियों में उमड़े सैलानी

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पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन की वापसी, अनंतनाग की सेब घाटियों में उमड़े सैलानी

सारांश

पहलगाम आतंकी हमले के बाद जहां 2025 में पर्यटकों की संख्या 98 लाख से गिरकर 47 लाख रह गई थी, वहीं अब अनंतनाग की सेब घाटियों में देशभर के सैलानी फिर उमड़ रहे हैं। घाटी में पर्यटन की यह वापसी स्थानीय अर्थव्यवस्था और कश्मीर की पहचान दोनों के लिए अहम संकेत है।

मुख्य बातें

पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद 2025 में कश्मीर में पर्यटकों की संख्या 98 लाख से घटकर 47 लाख से अधिक रह गई थी।
अब अनंतनाग की सेब घाटियों में देशभर से सैलानी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जता रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में 2023-25 के बीच 7.85 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो 2016-18 के 4.76 करोड़ से काफी अधिक है।
वैष्णो देवी मंदिर में 2024 में 95 लाख से अधिक तीर्थयात्री आए; इस साल अब तक 69 लाख से अधिक दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस साल विधानसभा में पर्यटन के विस्तृत आंकड़े साझा किए।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। 18 मई 2026 को अनंतनाग के हरे-भरे सेब के बागों में देशभर से आए सैलानी घाटी की प्राकृतिक सुंदरता, सुहावने मौसम और स्थानीय मेहमाननवाजी का भरपूर लुत्फ उठाते नजर आए। पर्यटकों की इस वापसी ने घाटी में एक बार फिर रौनक लौटा दी है।

पर्यटकों की वापसी का सिलसिला

पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों ने 26 लोगों की जान ली थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए पर्यटकों की आमद में भारी गिरावट आई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में कश्मीर में 98 लाख से अधिक पर्यटक आए थे, जो 2025 में घटकर 47 लाख से अधिक रह गए। अब भारत के विभिन्न राज्यों से सैलानी एक बार फिर बड़ी संख्या में घाटी का रुख कर रहे हैं।

पर्यटकों की राय: सुरक्षा और मेहमाननवाजी पर संतोष

महाराष्ट्र के पुणे से आए एक पर्यटक ने कहा, 'मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। महाराष्ट्र में तापमान करीब 40 डिग्री है, जबकि यहां यह 8 से 10 डिग्री के आसपास है। कश्मीर सचमुच जन्नत जैसा लगता है। लोगों को अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार यहां जरूर आना चाहिए।'

उन्होंने यह भी जोड़ा कि स्थानीय लोगों का स्वभाव बेहद मददगार है और सुरक्षाकर्मी हर जगह तैनात हैं। एक अन्य पर्यटक ऋचा ने कहा, 'कश्मीर एक ऐसी जगह है, जहां जाने का सपना लोग अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार जरूर देखते हैं। यहां सब कुछ बहुत बढ़िया है।' 10 लोगों के एक समूह के साथ आए एक सैलानी ने बताया कि वे अनंतनाग के बाद पहलगाम भी जाने की योजना बना रहे हैं।

पर्यटन के आंकड़े: 2019 के बाद बड़ी छलांग

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2016-18 के दौरान 4.76 करोड़ पर्यटक आए थे, जबकि 2023 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 7.85 करोड़ से अधिक हो गई। कश्मीर संभाग में 2016-18 के दौरान 59 लाख से अधिक पर्यटक आए थे, जो 2023-25 के बीच बढ़कर 2.42 करोड़ हो गए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जो पर्यटन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं, ने इस साल की शुरुआत में विधानसभा में ये विस्तृत आंकड़े साझा किए थे।

जम्मू क्षेत्र और धार्मिक पर्यटन

जम्मू क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या 2016-18 के दौरान 4.16 करोड़ से बढ़कर 2023-25 के बीच 5.43 करोड़ हो गई, जिसकी मुख्य वजह तीर्थयात्रा और धार्मिक पर्यटन रहा। कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर पर्यटकों की आमद के मामले में सबसे आगे रहा — 2023 में 90 लाख तीर्थयात्री आए, 2024 में यह संख्या 95 लाख से अधिक हो गई, और इस साल अब तक 69 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या स्थानीय अर्थव्यवस्था — होटल, गाइड, बागवानी और हस्तशिल्प — के लिए राहत की खबर है। घाटी में पर्यटन की यह पुनर्वापसी इस बात का संकेत है कि कश्मीर अपनी पहचान एक सुरक्षित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में फिर से स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2025 के आंकड़े बताते हैं कि एक आतंकी हमला पूरे एक सीजन की कमाई और लाखों स्थानीय परिवारों की आजीविका को कितनी तेजी से तहस-नहस कर सकता है। 2024 के 98 लाख से 2025 के 47 लाख तक की गिरावट महज एक सांख्यिकीय बदलाव नहीं — यह होटल मालिकों, गाइडों, बागवानों और हस्तशिल्पियों की टूटी हुई आमदनी है। असली सवाल यह है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती टिकाऊ है या यह पर्यटन एक बार फिर भू-राजनीतिक अनिश्चितता के सामने असुरक्षित है। घाटी की अर्थव्यवस्था को पर्यटन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक आजीविका स्रोत विकसित करने की दीर्घकालिक रणनीति की जरूरत है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन की क्या स्थिति है?
पहलगाम हमले के बाद 2025 में कश्मीर में पर्यटकों की संख्या 2024 के 98 लाख से अधिक से घटकर 47 लाख से अधिक रह गई थी। अब 2026 में अनंतनाग और पहलगाम में पर्यटकों की वापसी शुरू हो गई है और देशभर से सैलानी घाटी का रुख कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की कुल संख्या कितनी है?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2023 से 2025 के बीच 7.85 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जबकि 2016-18 के दौरान यह संख्या 4.76 करोड़ थी। 2019 के बाद पर्यटन में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है।
अनंतनाग की सेब घाटी पर्यटकों को क्यों आकर्षित करती है?
अनंतनाग के हरे-भरे सेब के बाग, सुहावना मौसम (8 से 10 डिग्री तापमान) और मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को खींचती है। ताजे सेब के जूस और स्थानीय मेहमाननवाजी का अनुभव भी पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है।
वैष्णो देवी मंदिर में इस साल कितने तीर्थयात्री आए हैं?
कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर में 2024 में 95 लाख से अधिक तीर्थयात्री आए थे। इस साल अब तक 69 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
पर्यटकों ने बताया कि सुरक्षाकर्मी हर प्रमुख स्थान पर तैनात हैं और उन्हें किसी भी तरह का खतरा महसूस नहीं हुआ। पुणे से आए एक पर्यटक ने कहा कि स्थानीय लोग बेहद मददगार हैं और सुरक्षा व्यवस्था से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं।
राष्ट्र प्रेस
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