पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन की वापसी, अनंतनाग की सेब घाटियों में उमड़े सैलानी
सारांश
मुख्य बातें
पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। 18 मई 2026 को अनंतनाग के हरे-भरे सेब के बागों में देशभर से आए सैलानी घाटी की प्राकृतिक सुंदरता, सुहावने मौसम और स्थानीय मेहमाननवाजी का भरपूर लुत्फ उठाते नजर आए। पर्यटकों की इस वापसी ने घाटी में एक बार फिर रौनक लौटा दी है।
पर्यटकों की वापसी का सिलसिला
पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों ने 26 लोगों की जान ली थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए पर्यटकों की आमद में भारी गिरावट आई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में कश्मीर में 98 लाख से अधिक पर्यटक आए थे, जो 2025 में घटकर 47 लाख से अधिक रह गए। अब भारत के विभिन्न राज्यों से सैलानी एक बार फिर बड़ी संख्या में घाटी का रुख कर रहे हैं।
पर्यटकों की राय: सुरक्षा और मेहमाननवाजी पर संतोष
महाराष्ट्र के पुणे से आए एक पर्यटक ने कहा, 'मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। महाराष्ट्र में तापमान करीब 40 डिग्री है, जबकि यहां यह 8 से 10 डिग्री के आसपास है। कश्मीर सचमुच जन्नत जैसा लगता है। लोगों को अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार यहां जरूर आना चाहिए।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि स्थानीय लोगों का स्वभाव बेहद मददगार है और सुरक्षाकर्मी हर जगह तैनात हैं। एक अन्य पर्यटक ऋचा ने कहा, 'कश्मीर एक ऐसी जगह है, जहां जाने का सपना लोग अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार जरूर देखते हैं। यहां सब कुछ बहुत बढ़िया है।' 10 लोगों के एक समूह के साथ आए एक सैलानी ने बताया कि वे अनंतनाग के बाद पहलगाम भी जाने की योजना बना रहे हैं।
पर्यटन के आंकड़े: 2019 के बाद बड़ी छलांग
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2016-18 के दौरान 4.76 करोड़ पर्यटक आए थे, जबकि 2023 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 7.85 करोड़ से अधिक हो गई। कश्मीर संभाग में 2016-18 के दौरान 59 लाख से अधिक पर्यटक आए थे, जो 2023-25 के बीच बढ़कर 2.42 करोड़ हो गए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जो पर्यटन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं, ने इस साल की शुरुआत में विधानसभा में ये विस्तृत आंकड़े साझा किए थे।
जम्मू क्षेत्र और धार्मिक पर्यटन
जम्मू क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या 2016-18 के दौरान 4.16 करोड़ से बढ़कर 2023-25 के बीच 5.43 करोड़ हो गई, जिसकी मुख्य वजह तीर्थयात्रा और धार्मिक पर्यटन रहा। कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर पर्यटकों की आमद के मामले में सबसे आगे रहा — 2023 में 90 लाख तीर्थयात्री आए, 2024 में यह संख्या 95 लाख से अधिक हो गई, और इस साल अब तक 69 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या स्थानीय अर्थव्यवस्था — होटल, गाइड, बागवानी और हस्तशिल्प — के लिए राहत की खबर है। घाटी में पर्यटन की यह पुनर्वापसी इस बात का संकेत है कि कश्मीर अपनी पहचान एक सुरक्षित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में फिर से स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।