क्या अमरनाथ यात्रा सुचारू रूप से जारी है?

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क्या अमरनाथ यात्रा सुचारू रूप से जारी है?

सारांश

अमरनाथ यात्रा में पिछले पांच दिनों से तीर्थयात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। हाल ही में 7,541 श्रद्धालुओं का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। इस साल की यात्रा में सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जानिए इस बार की यात्रा में क्या खास है।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा में 90 हजार से अधिक तीर्थयात्री भाग ले चुके हैं।
यात्रा 3 जुलाई को शुरू होकर 9 अगस्त को समाप्त होगी।
सुरक्षा के लिए 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियां तैनात की गई हैं।
स्थानीय लोगों ने यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
अमरनाथ यात्रा धार्मिक आस्था का प्रतीक है।

श्रीनगर, 8 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पिछले पांच दिनों से अमरनाथ यात्रा बिना किसी बाधा के जारी है और हर दिन तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को 7,541 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था कश्मीर के लिए प्रस्थान कर गया।

3 जुलाई से प्रारंभ हुई यात्रा में अब तक 90 हजार से अधिक लोग भाग ले चुके हैं।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि मंगलवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 7,541 यात्रियों का जत्था दो सुरक्षित काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ।

पहला काफिला, जिसमें 148 वाहन और 3,321 यात्री शामिल थे, सुबह 2:55 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए निकला। वहीं, दूसरा काफिला, जिसमें 161 वाहन और 4,220 यात्री थे, सुबह 4:03 बजे नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों का कहना है कि भगवती नगर यात्री निवास से घाटी में पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के अलावा, कई श्रद्धालु सीधे ट्रांजिट कैंपों और दो बेस कैंपों पर जाकर तेजी से पंजीकरण करवा रहे हैं।

इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के लिए मजबूत प्रबंध किए हैं। यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।

सुरक्षा बलों की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियां सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस के साथ तैनात की गई हैं। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक के पूरे मार्ग को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है।

हर साल की तरह, इस साल भी स्थानीय लोगों ने अमरनाथ यात्रा में भरपूर सहयोग किया है। पहलगाम आतंकी हमले से कश्मीरियों के आहत होने का संदेश देने के लिए, स्थानीय लोग पहले जत्थे के तीर्थयात्रियों का स्वागत करने पहुंचे। जैसे ही यात्री नौगाम सुरंग पार कर काजीगुंड से कश्मीर घाटी में पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

ज्ञात रहे कि अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को आरंभ हुई थी और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी।

श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है, क्योंकि किंवदंती के अनुसार भगवान शिव ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को अमरता के रहस्य बताए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा कब शुरू हुई?
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी।
इस वर्ष कितने तीर्थयात्री यात्रा में भाग ले चुके हैं?
अब तक 90 हजार से अधिक तीर्थयात्री अमरनाथ यात्रा में शामिल हो चुके हैं।
यात्रा में सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
इस वर्ष सुरक्षा के लिए 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियां तैनात की गई हैं।
यात्रा कब समाप्त होगी?
अमरनाथ यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी।
स्थानीय लोगों का इस यात्रा में क्या योगदान है?
स्थानीय लोगों ने तीर्थयात्रियों का स्वागत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्र प्रेस
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