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क्या कांग्रेस सांसद की सिफारिश, 'पहलगाम में स्थायी समिति की बैठक बुलाने की योजना' है?

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क्या कांग्रेस सांसद की सिफारिश, 'पहलगाम में स्थायी समिति की बैठक बुलाने की योजना' है?

सारांश

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने पहलगाम में स्थायी समिति की बैठक बुलाने की सिफारिश की है। 22 अप्रैल के आतंकी हमले के दो महीने बाद पहलगाम में पर्यटकों की वापसी हो रही है, जिससे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी खुश हैं। क्या यह बैठक पहलगाम में होगी?

मुख्य बातें

राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी की सिफारिश महत्वपूर्ण है।
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पर्यटकों की वापसी हो रही है।
स्थायी समिति की बैठक स्थानीय निवासियों के लिए लाभकारी हो सकती है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पर्यटन को पुनर्जीवित करने की कोशिश की है।
स्थानीय व्यापारियों को इससे आर्थिक लाभ हो सकता है।

नई दिल्ली, 23 जून (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस की राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका चौधरी ने पहलगाम में स्थायी समिति की बैठक आयोजित करने की सिफारिश की है। 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के दो महीने बाद, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों की वापसी शुरू हो गई है। इस घटनाक्रम से जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी प्रसन्न हैं। पर्यटकों की लौटने की स्थिति को देखते हुए रेणुका चौधरी ने सुझाव दिया है कि स्थायी समिति की अगली बैठक पहलगाम में होनी चाहिए।

रेणुका चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, "हमारे सांसदों का सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि स्थायी समिति की अगली बैठक जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हो। इस खूबसूरत क्षेत्र के निवासियों को यह महसूस होना चाहिए कि हम उनके साथ हैं। उनके जीविकोपार्जन और रोजगार को पुनः स्थापित करने की जिम्मेदारी हमारी है।"

इससे पहले, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम की कुछ तस्वीरें साझा कीं और पर्यटन को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने "एक्स" पर लिखा, "जब मैं पिछली बार पहलगाम गया था, तब मैंने एक सुनसान बाजार में साइकिल चलाई थी। आज मैं पहलगाम वापस आया, जो गतिविधियों से भरा हुआ था। देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटक ठंडी जलवायु और बरसात के मौसम का आनंद ले रहे थे। यह देखना बहुत संतोषजनक है कि हमारे प्रयास धीरे-धीरे सफल हो रहे हैं।"

22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने निर्दोष और निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया था। देश के विभिन्न हिस्सों से लोग पहलगाम में घूमने आए थे, जब आतंकवादियों ने उन पर फायरिंग की, जिसमें 26 लोग मारे गए। इस हमले के बाद पहलगाम में कई हफ्तों तक सन्नाटा पसरा रहा। पर्यटकों की संख्या में कमी के कारण स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और छोटे दुकानदारों की रोजमर्रा की कमाई पर गहरा प्रभाव पड़ा था। वर्तमान में, पहलगाम में पर्यटकों की वापसी से सरकार के साथ-साथ व्यापारी और स्थानीय लोग भी खुश हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ आतंकवाद का प्रभाव रहा है, पर्यटकों की वापसी से आर्थिक गतिविधियों में सुधार होगा। स्थायी समिति की बैठक स्थानीय निवासियों के लिए आशा की किरण हो सकती है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहलगाम में स्थायी समिति की बैठक क्यों बुलाने की सिफारिश की गई है?
रेणुका चौधरी ने पर्यटकों की वापसी के लिए इस बैठक को एक महत्वपूर्ण कदम माना है।
कब हुआ था पहलगाम में आतंकी हमला?
यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?
उन्होंने पहलगाम की तस्वीरें साझा कीं और पर्यटन को बहाल करने की प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया।
पहलगाम में पर्यटकों की वापसी से क्या परिणाम होंगे?
यह स्थानीय व्यापारियों और रोजगार को पुनर्जीवित करने में मदद करेगा।
स्थायी समिति की बैठक का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करना और समाधान खोजना है।
राष्ट्र प्रेस
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