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कल्याण कर्नाटक में हरियाली बढ़ाने की पहल: मंत्री खंड्रे ने KKRDB बैठक में फंड का दिया आश्वासन

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कल्याण कर्नाटक में हरियाली बढ़ाने की पहल: मंत्री खंड्रे ने KKRDB बैठक में फंड का दिया आश्वासन

सारांश

कल्याण कर्नाटक में महज 1-2% हरित आवरण — और मौसम का बिगड़ता संतुलन। मंत्री ईश्वर खंड्रे ने ₹44 करोड़ के नए चिड़ियाघर के उद्घाटन के साथ KKRDB बैठक में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण फंड का वादा किया। 11 लाख पौधे लग चुके हैं, 10,000 एकड़ से अतिक्रमण हटाया जा चुका है।

मुख्य बातें

कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में वर्तमान में मात्र 1 से 2 प्रतिशत हरित आवरण है, जिससे मौसम असंतुलन बढ़ रहा है।
मंत्री ईश्वर खंड्रे ने 2026-27 की KKRDB बैठक में वृक्षारोपण के लिए आवश्यक फंड जारी करने का आश्वासन दिया।
कालगी तालुका, मदबूल गांव के पास ₹44 करोड़ की लागत से 42.33 एकड़ में बना नया चिड़ियाघर उद्घाटित; 56 प्रजातियों के जानवर लाए जाएंगे।
बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क से 2 बाघ पहले ही स्थानांतरित; शेष प्रजातियां 3 महीनों में आएंगी।
राज्यभर में 10,000 एकड़ वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया; 11 लाख पौधों में से 90% जीवित।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर वन अतिक्रमण मामले में SIT गठित।

कर्नाटक के वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी मंत्री ईश्वर खंड्रे ने 18 मई को कलबुर्गी में स्पष्ट किया कि सिद्धारमैया सरकार कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगी। इस क्षेत्र में वर्तमान में मात्र 1 से 2 प्रतिशत हरित आवरण है, जिसके कारण मौसम में गंभीर अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं।

मुख्य घटनाक्रम

चित्तापुर विधानसभा क्षेत्र के कालगी तालुका में मदबूल गांव के निकट निर्मित एक नए चिड़ियाघर के उद्घाटन के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए मंत्री खंड्रे ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2026-27 की केकेआरडीबी (KKRDB) बैठक में इस क्षेत्र में वृक्षारोपण के लिए आवश्यक धनराशि जारी करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

खंड्रे ने बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा, 'कल्याण कर्नाटक में हरियाली की गंभीर कमी है, जिससे मौसम का संतुलन बिगड़ रहा है। पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है।'

नए चिड़ियाघर की विशेषताएं

उद्घाटित यह चिड़ियाघर 42.33 एकड़ भूमि पर ₹44 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। मंत्री के अनुसार यह हम्पी के चिड़ियाघर के बाद कल्याण कर्नाटक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा चिड़ियाघर है। इस परियोजना में विशेष रुचि दिखाने के लिए मंत्री ने ग्रामीण विकास और आईटी मंत्री प्रियंक खड़गे की सराहना की।

चिड़ियाघर में 56 विभिन्न प्रजातियों के जानवर लाए जाने की योजना है। बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क से दो बाघ पहले ही यहां स्थानांतरित किए जा चुके हैं। फिलहाल पर्यटक मगरमच्छ, लोमड़ी और अन्य जीव-जंतु देख सकते हैं। शेष सभी चिह्नित प्रजातियों को अगले तीन महीनों के भीतर यहां लाए जाने की उम्मीद है।

वन संरक्षण और अतिक्रमण पर कड़ा रुख

मंत्री खंड्रे ने चेतावनी दी कि जंगल या सरकारी भूमि पर अवैध रूप से पेड़ काटने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई के लिए छूट उपलब्ध है।

वन भूमि पर अतिक्रमण के संदर्भ में उन्होंने बताया कि राज्यभर में अब तक करीब 10,000 एकड़ वन भूमि से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, जिसमें अकेले बेंगलुरु में 200 एकड़ शामिल है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश भी दिया है।

पौधरोपण और भर्ती की स्थिति

मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्यभर में करीब 11 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत जीवित हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कम से कम पांच वर्षों तक इन पौधों को पर्याप्त जल और सुरक्षा उपलब्ध कराएं।

वन विभाग में रिक्त पदों के बारे में पूछे जाने पर खंड्रे ने बताया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विभाग के लिए अतिरिक्त पशु चिकित्सकों की भर्ती की अनुमति पहले ही दे दी है और शेष आवश्यक पदों को भरने की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी।

आगे की राह

यह पहल ऐसे समय में आई है जब कल्याण कर्नाटक का यह अर्ध-शुष्क क्षेत्र जलवायु असंतुलन और घटते वन आवरण की दोहरी चुनौती से जूझ रहा है। KKRDB की आगामी बैठक में लिए जाने वाले निर्णय यह तय करेंगे कि यह योजना कागज़ से ज़मीन तक कितनी प्रभावी रूप से पहुंच पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों की संरचनात्मक उपेक्षा का परिणाम है — और KKRDB बैठक में 'फंड पर चर्चा' का वादा उस गहराई को पूरी तरह नहीं पकड़ता। गौरतलब है कि राज्य में 11 लाख पौधे लगाए जाने का दावा प्रभावशाली लगता है, लेकिन इस अर्ध-शुष्क क्षेत्र की जलवायु में 90% जीवित रहने का आंकड़ा स्वतंत्र सत्यापन के बिना अधूरा है। असली परीक्षा यह है कि KKRDB की आगामी बैठक केवल प्रस्ताव पारित करे या बाध्यकारी समयसीमा के साथ धनराशि सुनिश्चित करे — क्योंकि इस क्षेत्र में पिछली हरित योजनाएं भी घोषणाओं तक सिमटती रही हैं।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल्याण कर्नाटक में हरियाली बढ़ाने की योजना क्या है?
मंत्री ईश्वर खंड्रे ने घोषणा की है कि 2026-27 की KKRDB बैठक में कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान के लिए आवश्यक फंड जारी करने पर चर्चा होगी। इस क्षेत्र में अभी केवल 1 से 2 प्रतिशत हरित आवरण है।
कालगी तालुका में नया चिड़ियाघर कहां बना है और इसकी लागत क्या है?
यह चिड़ियाघर चित्तापुर विधानसभा क्षेत्र के कालगी तालुका में मदबूल गांव के पास 42.33 एकड़ भूमि पर ₹44 करोड़ की लागत से बनाया गया है। यह हम्पी के बाद कल्याण कर्नाटक का दूसरा सबसे बड़ा चिड़ियाघर है।
नए चिड़ियाघर में कौन-कौन से जानवर होंगे?
चिड़ियाघर में 56 विभिन्न प्रजातियों के जानवर लाए जाने की योजना है। बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क से दो बाघ पहले ही स्थानांतरित किए जा चुके हैं, और शेष सभी चिह्नित प्रजातियां अगले तीन महीनों के भीतर यहां लाई जाएंगी।
कर्नाटक में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की क्या स्थिति है?
राज्यभर में अब तक करीब 10,000 एकड़ वन भूमि से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, जिसमें बेंगलुरु में लगभग 200 एकड़ शामिल है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर इस मामले में एक SIT भी गठित की गई है।
सरकार ने अब तक कितने पौधे लगाए हैं और उनकी जीवित रहने की दर क्या है?
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राज्यभर में करीब 11 लाख पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत जीवित हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कम से कम पांच वर्षों तक इन पौधों को पर्याप्त जल और सुरक्षा उपलब्ध कराएं।
राष्ट्र प्रेस
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