कर्नाटक सरकार ने सरकारी रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने की योजना बनाई: सिद्धारमैया
सारांश
Key Takeaways
- सरकारी पदों की भर्ती चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
- मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या पर ध्यान दिया जाएगा।
- गारंटी योजनाओं पर १२ लाख करोड़ रुपये का खर्च।
- परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
- अनियमितताओं की जांच की जाएगी।
उडुपी, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को घोषणा की कि विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।
करकला में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार के अवसरों को सृजित करने के प्रति गंभीर है और भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
चिक्कमगलुरु क्षेत्र में हाथियों के हमलों की बढ़ती घटनाओं के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हाथियों, तेंदुओं और बाघों की बढ़ती संख्या के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि हुई है। उन्होंने आगे बताया कि जंगली जानवरों को मानव बस्तियों में प्रवेश से रोकने के लिए वन सीमाओं पर बड़े पैमाने पर बैरिकेड बनाने के उपाय किए जा रहे हैं।
शिवमोग्गा छात्र हत्याकांड और नाबालिगों में गांजा सेवन के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य सरकार गांजा और अन्य मादक पदार्थों के उपयोग को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए प्रयासरत है।
अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़ी घटना के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी संगठन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की गारंटी योजनाओं पर बयान के संदर्भ में सिद्धारमैया ने कहा कि इन योजनाओं पर सालाना ५२,००० करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद विकास कार्य जारी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक गारंटी योजनाओं पर १२ लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
अगुंबे सुरंग परियोजना के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरणविदों से चर्चा की जाएगी और अनुमति के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
करकला में परशुराम थीम पार्क परियोजना के बारे में उन्होंने बताया कि यह परियोजना जल्दी ही पूरी होने वाली है।
ब्रह्मवर चीनी कारखाने में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर बोलते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि स्क्रैप बिक्री मामले की जांच की जाएगी।
विधायकों के मंत्री बनने की आकांक्षाओं से संबंधित एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि विधायकों का मंत्री बनने की इच्छा रखना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन पहली बार विधायक बने विधायकों को मंत्री पद न देने का निर्णय लिया गया है।