कर्नाटक में 2,809 किसानों की मौत, कांग्रेस सरकार पर वी. सोमन्ना के तीखे आरोप

Click to start listening
कर्नाटक में 2,809 किसानों की मौत, कांग्रेस सरकार पर वी. सोमन्ना के तीखे आरोप

सारांश

केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने बगलकोट में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, जिससे 2,809 किसानों की मौत हुई। क्या यह सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है?

Key Takeaways

  • कर्नाटक में 2,809 किसानों की मौत हुई है।
  • सरकार ने समर्थन मूल्य घोषित किया, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए।
  • कई सरकारी पद खाली हैं।
  • केंद्र ने 'जल जीवन मिशन' के तहत बजट बढ़ाया है।
  • भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के आरोप लगे हैं।

बगलकोट (कर्नाटक) 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय रेल और जलशक्ति राज्यमंत्री वी. सोमन्ना ने बगलकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, जो अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, ने सत्ता का उपयोग सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए किया है, जिससे राज्य की जनता को नुकसान हुआ है और कर्नाटक अंधकार में धकेल दिया गया है।

सोमन्ना ने बताया कि विभिन्न फसलों के लिए समर्थन मूल्य घोषित होने के बावजूद राज्य सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए, जिसके परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों में 2,809 किसानों2.5 लाख से अधिक सरकारी पद अब भी खाली हैं और उत्तरी कर्नाटक में बाढ़ प्रभावितों के लिए एक भी रुपया जारी नहीं किया गया है, जबकि पीने के पानी का संकट बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने बेंगलुरु के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि न केवल विपक्षी विधायकों ने, बल्कि सत्ताधारी पार्टी के विधायकों ने भी अपने क्षेत्रों में जाकर जनता को यह दावा करने का नैतिक अधिकार खो दिया है कि उन्होंने अच्छा काम किया है।

सोमन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद ने सरकारी प्रशासन को गंभीर संकट में डाल दिया है और राज्य का प्रशासन अब कुप्रबंधन का अड्डा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने ही सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों और आलोचनाओं पर उदासीन बनी हुई है। उन्होंने पूरे मंत्रिमंडल को भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए बुनियादी ढांचे की अनदेखी का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री ने उपचुनावों को सरकार के अहंकार, भ्रष्टाचार और कामकाजी विफलताओं को जनता के सामने उजागर करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सरकार एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

सोमन्ना ने कहा कि जनता अब सचेत हो चुकी है और उन्हें चुनावों में इस भ्रष्ट प्रशासन का हिसाब मांगने का मौका मिलेगा। उन्होंने बगलकोट में भाजपा उम्मीदवार वीरन्ना चरंतिमठ के समर्थन में प्रचार करते हुए जनता से अपेक्षा जताई कि वे सही प्रतिनिधि चुनेंगे, जो राज्य के विकास और किसानों तथा आम जनता के हित में काम करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'जल जीवन मिशन' के तहत 28,000 करोड़ रुपये जमा किए गए थे, इस उम्मीद के साथ कि राज्य उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा और फंड का सही तरीके से उपयोग करेगा। लेकिन, उन्होंने कहा कि राज्य ने अब तक केवल 11,000 करोड़ रुपये ही निकाले हैं।

सोमन्ना ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 41 लाख फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए हैं और जेसीबी से जुड़े कामों समेत विभिन्न बहानों के जरिए पैसे निकाले जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत' की परिकल्पना के तहत राष्ट्रीय विकास और ग्रामीण आजीविका में सुधार के लिए बजट को बढ़ाया है। पहले 88,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जिन्हें अब 97,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

सोमन्ना ने राज्य सरकार को अक्षम और उदासीन बताते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और जनता तक योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच रहा। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुँच पा रहा है।

Point of View

NationPress
04/04/2026

Frequently Asked Questions

कर्नाटक में किसानों की मौत का कारण क्या है?
कर्नाटक में किसानों की मौत का मुख्य कारण किसानों की समस्याओं का समाधान न होना और सरकार की उदासीनता है।
वी. सोमन्ना ने किस पर आरोप लगाए?
वी. सोमन्ना ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं के प्रति अनदेखी करने के आरोप लगाए।
क्या सरकार ने फसलों के लिए समर्थन मूल्य घोषित किया था?
हाँ, सरकार ने विभिन्न फसलों के लिए समर्थन मूल्य घोषित किया था, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
बेंगलुरु में विकास का योगदान किसका है?
वी. सोमन्ना ने बेंगलुरु के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने का दावा किया।
क्या जल जीवन मिशन के तहत फंड का सही उपयोग हो रहा है?
सोमन्ना के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत कई अनियमितताएं हुई हैं और राज्य ने केवल 11,000 करोड़ रुपये निकाले हैं।
Nation Press