झारग्राम में फुटबॉल मैच के दौरान बिजली गिरी, 19 वर्षीय दीपेन मुर्मू की मौत; 22 घायल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले के कुमारबंध गांव में 19 सितंबर 2026 की शाम एक फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान बिजली गिरने से 19 वर्षीय दीपेन मुर्मू की मौत हो गई और कम से कम 22 अन्य लोग घायल हो गए। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय टूर्नामेंट के पहले ही दिन यह दुखद हादसा तब हुआ जब बारिश से बचने के लिए खिलाड़ी और दर्शक एक पेड़ के नीचे लगाए गए तिरपाल के नीचे एकत्र हुए थे।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह त्रासदी
यह हादसा लालगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुमारबंध गांव में हुआ, जहाँ 16 फुटबॉल टीमों के बीच दो दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। अचानक तेज बारिश और आंधी आने पर खेल रोक दिया गया, और खिलाड़ियों व दर्शकों ने मैदान के पास एक पेड़ के नीचे बँधे तिरपाल के नीचे शरण ली।
प्रत्यक्षदर्शी सागेन हंसदा के अनुसार, एक शक्तिशाली बिजली की कड़क से पूरा इलाका पल भर के लिए अंधेरे में डूब गया। जब उन्हें होश आया, तो उन्होंने देखा कि वहाँ जमा हुए अधिकांश लोग जमीन पर पड़े थे। हंसदा ने बताया कि उन्होंने घायलों को जलमग्न मैदान से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने में मदद की।
मृतक की पहचान और हालत
मृतक की पहचान दीपेन मुर्मू (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कक्षा 11 का छात्र था और कुमारबंध गांव का निवासी था। घायलों को सबसे पहले लालगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने मुर्मू को मृत घोषित कर दिया।
इनमें से 4 लोगों की हालत गंभीर पाई गई, जिन्हें तुरंत मिदनापुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में जिला प्रशासन के निर्देश पर शेष 17 घायलों को भी उसी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जबकि एक घायल का उपचार लालगढ़ ग्रामीण अस्पताल में जारी है।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
झारग्राम के पुलिस अधीक्षक मानव सिंगला ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और पीड़ितों को बचाकर अस्पतालों में पहुँचाने की त्वरित कार्रवाई की गई। स्थानीय विधायक लक्ष्मीकांत साउ ने अस्पताल का दौरा कर घायलों से मुलाकात की।
विधायक साउ ने बताया कि राज्य सरकार ने अधिकारियों को समुचित चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
व्यापक संदर्भ: बिजली गिरने की बढ़ती घटनाएँ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल और अन्य पूर्वी भारतीय राज्यों में मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि खुले मैदानों, पेड़ों या धातु की संरचनाओं के निकट आश्रय लेना बिजली के प्रहार का प्रमुख कारण माना जाता है — जो इस मामले में भी प्रासंगिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों, विशेषकर खेल आयोजनों में, मौसम संबंधी चेतावनी तंत्र और सुरक्षित आश्रय-स्थलों की व्यवस्था की गंभीर जरूरत है।
घायलों की स्थिति की नियमित निगरानी जारी है और प्रशासन की ओर से आगे की सहायता का आश्वासन दिया गया है।