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सरायकेला में श्राद्ध के दौरान वज्रपात: 9 वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत, पाँच घायल

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सरायकेला में श्राद्ध के दौरान वज्रपात: 9 वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत, पाँच घायल

सारांश

रविवार को झारखंड के सरायकेला में एक श्राद्ध समारोह के दौरान वज्रपात ने परिवार के शोक को और गहरा कर दिया — 9 वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत, पाँच घायल। इस मानसून में राज्य में वज्रपात से 30 से अधिक जानें जा चुकी हैं।

मुख्य बातें

19 जुलाई को झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के नुवागोड़ा गाँव में श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान वज्रपात हुआ।
रोशनी सुरेन (9 वर्ष) और सोनू सरदार (32 वर्ष) की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
पाँच लोग घायल — मालती सुरेन, सोनामुनी सुरेन, बेबी सुरेन, राधि सुरेन और सुनील गगराई — सरायकेला सदर अस्पताल में उपचाराधीन।
पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे; कानूनी प्रक्रिया जारी।
इस मानसून में झारखंड में वज्रपात से अब तक 30 से अधिक मौतें और 100 से ज़्यादा घायल ।

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के नुवागोड़ा गाँव में 19 जुलाई (रविवार) को एक श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान अचानक वज्रपात हुआ, जिसमें 9 वर्षीय रोशनी सुरेन और 32 वर्षीय सोनू सरदार की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में पाँच अन्य लोग घायल हुए, जिनका उपचार सरायकेला सदर अस्पताल में जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार, सरायकेला थाना क्षेत्र के नुवागोड़ा गाँव निवासी रोशनी सुरेन की माँ का श्राद्ध कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण एकत्र हुए थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदला और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में कार्यक्रम में उपस्थित कई लोग आ गए।

मृतक और घायलों का विवरण

वज्रपात में रोशनी सुरेन (9 वर्ष) और सोनू सरदार (32 वर्ष) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घायलों में मालती सुरेन (6 वर्ष), सोनामुनी सुरेन (12 वर्ष), बेबी सुरेन (40 वर्ष), राधि सुरेन (35 वर्ष) और सुनील गगराई (18 वर्ष) शामिल हैं। स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को तत्काल सरायकेला सदर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम और वज्रपात की आशंका के दौरान खुले स्थानों पर एकत्र होने से बचें तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।

झारखंड में वज्रपात का बढ़ता खतरा

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब झारखंड में इस वर्ष मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाओं में अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 100 से ज़्यादा लोग घायल हो चुके हैं। गौरतलब है कि झारखंड राज्य वज्रपात के मामले में देश के सर्वाधिक संवेदनशील राज्यों में से एक माना जाता है, और मानसून के महीनों में ग्रामीण क्षेत्रों में खुले आयोजनों के दौरान इस प्रकार के हादसों का जोखिम बढ़ जाता है। नुवागोड़ा गाँव इस त्रासदी के बाद गहरे शोक में डूबा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ इस एक मानसून में 30 से अधिक जानें जा चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले आयोजनों के दौरान लोगों को वज्रपात से बचाने के लिए पूर्व-चेतावनी तंत्र और जन-जागरूकता अभियान की गंभीर कमी है। प्रशासन की अपीलें तब आती हैं जब जानें जा चुकी होती हैं — रोकथाम की बजाय प्रतिक्रिया पर निर्भरता इस पैटर्न को बार-बार दोहराती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरायकेला में वज्रपात की घटना कहाँ और कब हुई?
यह घटना 19 जुलाई (रविवार) को झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के नुवागोड़ा गाँव में हुई। सरायकेला थाना क्षेत्र में एक श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान आकाशीय बिजली गिरी।
वज्रपात में कितने लोगों की मौत हुई और कौन-कौन घायल हैं?
वज्रपात में 9 वर्षीय रोशनी सुरेन और 32 वर्षीय सोनू सरदार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पाँच लोग — मालती सुरेन (6), सोनामुनी सुरेन (12), बेबी सुरेन (40), राधि सुरेन (35) और सुनील गगराई (18) — घायल हुए और सरायकेला सदर अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
घायलों की स्थिति अभी कैसी है?
सभी पाँचों घायलों को सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
झारखंड में इस मानसून में वज्रपात से कितनी मौतें हो चुकी हैं?
झारखंड में इस वर्ष मानसून के दौरान वज्रपात की विभिन्न घटनाओं में अब तक 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।
वज्रपात से बचाव के लिए प्रशासन ने क्या अपील की है?
प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे खराब मौसम और वज्रपात की आशंका के दौरान खुले स्थानों पर एकत्र न हों और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।
राष्ट्र प्रेस
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