नागालैंड भूस्खलन: मोकोकचुंग में पहाड़ी ढही, दो छात्र भाइयों की मौत, मां घायल
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के मोकोकचुंग शहर के अपर पेनली वार्ड में बुधवार तड़के रात 12:40 बजे भूस्खलन की एक दर्दनाक घटना में दो सगे भाइयों की जान चली गई, जबकि उनकी माँ घायल हो गईं। मूसलाधार मानसूनी बारिश से पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसककर परिवार के किराए के मकान पर आ गिरा, जिससे यह हादसा हुआ।
मृतकों की पहचान और परिवार की स्थिति
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान 19 वर्षीय मुवालोंग संगतम और 16 वर्षीय थ्रिडिबा संगतम के रूप में हुई है। दोनों तुएनसांग जिले के अलिसोफुर गाँव के मूल निवासी थे और मोकोकचुंग स्थित क्वीन मैरी हायर सेकेंडरी स्कूल में क्रमशः कक्षा 12वीं और 11वीं के छात्र थे। हादसे में घायल उनकी माँ को इमकोंगलीबा मेमोरियल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
घटनाक्रम: आधी रात की तबाही
स्थानीय लोगों के अनुसार, आधी रात से जारी अविरल भारी बारिश के कारण पहाड़ी का एक विशाल हिस्सा खिसक गया, जिसने परिवार के किराए के मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हादसे के बाद दोनों भाइयों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गाँव अलिसोफुर ले जाए गए, जहाँ गाँव के बुजुर्गों, परिजनों, शुभचिंतकों और संगतम समुदाय के लोगों ने गहरे शोक के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। दोनों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव में ही किया गया।
नागालैंड में मानसून की मार: व्यापक संकट
पिछले एक सप्ताह से नागालैंड में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार बारिश के कारण कई जिलों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, मोन और लोंगलेन्ग जिलों का सड़क संपर्क अभी भी बाधित है और कई जिलों की सड़कें एक सप्ताह से अधिक समय से बंद हैं।
राहत एवं बचाव अभियान
राज्य सरकार के अनुरोध पर भारतीय वायुसेना लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है। अब तक राज्य के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक फँसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इसके अलावा, सड़क संपर्क टूटने से कटे दूरदराज के इलाकों में आवश्यक राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुँचाई जा रही है। नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि वायुसेना के विमानों के साथ-साथ राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर को भी राहत सामग्री पहुँचाने और फँसे लोगों को निकालने के लिए तैनात किया गया है।
शोक की लहर
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और विभिन्न संगठनों व लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के कारण पूर्वोत्तर भारत के अनेक राज्य भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य सरकार ने आपदा राहत अभियान और तेज करने के निर्देश दिए हैं।