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नागालैंड: मोकोकचुंग के नोकलांगसांगबा सरकारी हाई स्कूल का 60-70% हिस्सा भूस्खलन से ध्वस्त, 40 छात्रों की पढ़ाई अधर में

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नागालैंड: मोकोकचुंग के नोकलांगसांगबा सरकारी हाई स्कूल का 60-70% हिस्सा भूस्खलन से ध्वस्त, 40 छात्रों की पढ़ाई अधर में

सारांश

नागालैंड के मोकोकचुंग में लिरमेन गांव का नोकलांगसांगबा सरकारी हाई स्कूल भूस्खलन की चपेट में आ गया — इमारत का 60-70% हिस्सा तबाह, 40 छात्रों की 27 जुलाई से शुरू होने वाली पढ़ाई खतरे में। 2023 के बाद यह दूसरी बड़ी आपदा है और अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं पहुंचे।

मुख्य बातें

नागालैंड के मोकोकचुंग ज़िले के लिरमेन गांव स्थित नोकलांगसांगबा सरकारी हाई स्कूल का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा भूस्खलन से क्षतिग्रस्त।
भूस्खलन 20 जुलाई को सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ; सोमवार सुबह तक ज़मीन 2-3 फीट धंस चुकी थी।
क्षतिग्रस्त ढांचे में 6-7 कक्षाएं , रसोई, कार्यालय और स्टाफ रूम शामिल; विद्यालय में 40 छात्र और 13 शिक्षण कर्मचारी ।
विद्यालय 27 जुलाई को पुनः खुलने वाला था; अब छात्रों की पढ़ाई अनिश्चित।
2023 में भी इसी विद्यालय में भूस्खलन हो चुका था, तब 4-5 कक्षाओं का पुनर्निर्माण किया गया था।
SDEO और ADC को सूचित किया गया, लेकिन सड़क बाधित होने से अधिकारी अब तक घटनास्थल नहीं पहुंचे।

नागालैंड के मोकोकचुंग ज़िले के लिरमेन गांव स्थित नोकलांगसांगबा सरकारी हाई स्कूल की इमारत का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे विद्यालय के 40 छात्रों की शिक्षा पर गहरा संकट मंडरा रहा है। यह घटना 20 जुलाई को लगातार भारी वर्षा के बीच हुई, जब विद्यालय ग्रीष्मकालीन अवकाश पर बंद था और 27 जुलाई को पुनः खुलने की तैयारी थी।

घटनाक्रम: कैसे हुआ भूस्खलन

शिक्षक इमलिमेरेन के अनुसार, रविवार को सुबह लगभग 11:30 बजे भूस्खलन की शुरुआत हुई। एक गैर-शिक्षण कर्मचारी ने चर्च की प्रार्थना समाप्त होने से पहले ज़मीन को धंसते देखा और तत्काल सूचना दी। सोमवार सुबह तक प्रभावित हिस्सा लगभग दो से तीन फीट तक धंस चुका था और स्थिति और विकट हो गई थी।

क्षतिग्रस्त ढांचे में छह से सात कक्षाएं, रसोई, कार्यालय और स्टाफ रूम शामिल हैं। दीवारों और फर्शों में गहरी दरारें आ गई हैं, जबकि गलियारे और नींव के कुछ हिस्से पूरी तरह ढह गए हैं। इमलिमेरेन ने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्र पर खड़ा होना अब खतरनाक है और ज़मीन लगातार धंस रही है।

विद्यालय की पृष्ठभूमि और भौगोलिक स्थिति

इस विद्यालय की स्थापना 1978 में एक सरकारी माध्यमिक विद्यालय के रूप में हुई थी और 2016 में इसे सरकारी उच्च विद्यालय का दर्जा दिया गया। वर्तमान में यहाँ 40 छात्र, 13 शिक्षण कर्मचारी और 5 गैर-शिक्षण कर्मचारी कार्यरत हैं।

इमलिमेरेन ने बताया कि विद्यालय एक पहाड़ी पर स्थित है जिसके ऊपर ऊंची ढलानें हैं। उनके अनुसार, कई वर्षों से भूमि में धीरे-धीरे धंसने के संकेत दिखाई दे रहे थे, जो क्षेत्र की भूगर्भीय अस्थिरता को उजागर करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नागालैंड भर में मानसून के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं।

पूर्व में भी हो चुका है नुकसान

गौरतलब है कि 2023 में भी भूस्खलन से इस विद्यालय का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसके बाद चार से पांच कक्षाओं का पुनर्निर्माण किया गया था। हालांकि, नई इमारत को मौजूदा पुरानी इमारत से जोड़ दिया गया था, जो संरचनात्मक दृष्टि से एक जोखिम भरा निर्णय साबित हुआ। यह दूसरी बड़ी घटना है जो इस विद्यालय को दो वर्षों के भीतर झेलनी पड़ी है।

प्रशासन को सूचना, अधिकारी अभी तक नहीं पहुंचे

विद्यालय प्रबंधन समिति ने फोन कॉल और व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से मांगकोलेम्बा के उप-मंडल शिक्षा अधिकारी (SDEO) और अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) को घटना की जानकारी दे दी है। लेकिन विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क बाधित होने से अधिकारी अब तक घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके हैं।

विद्यालय प्रशासन संबंधित विभागों से आधिकारिक क्षति आकलन और पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक हस्तक्षेप की प्रतीक्षा में है। 27 जुलाई को कक्षाएं पुनः शुरू होने की तिथि को देखते हुए समय बेहद कम है और छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था अभी तक स्पष्ट नहीं है।

व्यापक संदर्भ: नागालैंड में मानसूनी आपदा

यह घटना नागालैंड में पिछले कई दिनों से जारी भारी वर्षा के बीच घटी है, जिसके कारण राज्यभर में भूस्खलन और भूमि धंसने की व्यापक घटनाएं सामने आई हैं। पूर्वोत्तर भारत में मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में स्थित सरकारी संरचनाओं की भूगर्भीय जांच और सुरक्षा मानकों पर यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दीर्घकालिक नहीं। पूर्वोत्तर भारत में पहाड़ी इलाकों में सरकारी स्कूल भवनों की भूगर्भीय स्थिरता का कोई व्यापक ऑडिट नहीं होता — यह घटना उस नीतिगत खामी का परिणाम है। अधिकारियों का अभी तक घटनास्थल न पहुंचना भी प्रशासनिक तैयारी पर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागालैंड के मोकोकचुंग में कौन-सा स्कूल भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुआ?
मोकोकचुंग ज़िले के लिरमेन गांव स्थित नोकलांगसांगबा सरकारी हाई स्कूल भूस्खलन की चपेट में आया है। इस विद्यालय की स्थापना 1978 में हुई थी और 2016 में इसे हाई स्कूल का दर्जा मिला था।
भूस्खलन से स्कूल को कितना नुकसान हुआ?
शिक्षक इमलिमेरेन के अनुसार स्कूल इमारत का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इसमें 6-7 कक्षाएं, रसोई, कार्यालय और स्टाफ रूम शामिल हैं; दीवारों-फर्शों में दरारें आई हैं और गलियारे व नींव के हिस्से ढह गए हैं।
इस भूस्खलन से कितने छात्र प्रभावित हुए हैं?
विद्यालय में वर्तमान में 40 छात्र पंजीकृत हैं। विद्यालय 27 जुलाई को ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद खुलने वाला था, लेकिन भवन क्षतिग्रस्त होने से उनकी पढ़ाई अनिश्चित हो गई है।
क्या पहले भी इस स्कूल में भूस्खलन हो चुका है?
हां, 2023 में भी इसी विद्यालय में भूस्खलन हुआ था, जिसके बाद चार से पांच कक्षाओं का पुनर्निर्माण किया गया था। उस समय नई इमारत को पुरानी इमारत से जोड़ा गया था। शिक्षक इमलिमेरेन के अनुसार, कई वर्षों से भूमि धंसने के संकेत दिखाई दे रहे थे।
क्या प्रशासन को इस घटना की सूचना दी गई है?
विद्यालय प्रबंधन समिति ने फोन और व्हाट्सएप के ज़रिए मांगकोलेम्बा के SDEO और ADC को सूचित कर दिया है। हालांकि, भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क बाधित होने से अधिकारी अब तक घटनास्थल नहीं पहुंच सके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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