बिहार के 18 जिलों में येलो अलर्ट: 9 अक्टूबर को आंधी-तूफान और 40-50 किमी/घंटे हवाओं की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने 9 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को बिहार के 18 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। उत्तरी बिहार के जिलों, विशेषकर सीमांचल क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पटना और उसके आसपास के इलाके मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
किन जिलों में है येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, येलो अलर्ट वाले 18 जिलों में गोपालगंज, सिवान, भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद, सारण (छपरा), वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, कैमूर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, रोहतास और मुजफ्फरपुर शामिल हैं। ये जिले उत्तर-पश्चिमी, उत्तर-मध्य और दक्षिण-पश्चिमी बिहार में फैले हुए हैं।
इसके अतिरिक्त, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा और किशनगंज सहित उत्तरी और पूर्वी जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है, हालाँकि इन्हें औपचारिक येलो अलर्ट सूची में शामिल नहीं किया गया है।
मौसम परिवर्तन की वजह
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह बदलाव दक्षिण-पश्चिम मानसून के लौटने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में आने के कारण हो रहा है। हवा में उच्च नमी और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के संयोजन से राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और नमी के स्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि यह स्थिति अक्टूबर के शुरुआती हफ्तों में बिहार में बार-बार देखी जाती है, जब मानसून की वापसी चरणबद्ध तरीके से होती है।
अगले तीन-चार दिनों का पूर्वानुमान
रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार से मौसम गतिविधि में कमी आने की उम्मीद है, हालाँकि कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। रविवार तक राज्य के अधिकांश भागों में हालात सामान्य होने का अनुमान है, परंतु किशनगंज में हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
अगले पाँच दिनों में अधिकांश जिलों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं होने का अनुमान जताया गया है।
आम जनता को सावधानी की सलाह
बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और आधिकारिक मौसम परामर्श का पालन करने की अपील की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचने और तूफान गुजरने तक खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के कई ज़िलों में खेतिहर मज़दूर और किसान रबी फसल की तैयारियों में जुटे हैं, जिनके लिए अचानक बिजली गिरना बड़ा खतरा बन सकता है।