बिहार के 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, रक्षा बंधन पर 38 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग ने 28 अगस्त 2026 को बिहार के सभी 38 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि पटना सहित 20 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रक्षा बंधन के अवसर पर राज्य में खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट वाले 20 जिलों में पटना, जहानाबाद, नालंदा, गया, नवादा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगुसराय, शेखपुरा, लखीसराय, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और वैशाली शामिल हैं। शेष 18 जिले येलो अलर्ट के अंतर्गत हैं। विशेष रूप से उत्तरी बिहार में भारी वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
तापमान और आर्द्रता का हाल
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार दिन का तापमान 28 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि आर्द्रता लगभग 93 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पटना स्थित मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस मानसून सीजन में बिहार में समग्र वर्षा गतिविधि सामान्य से कम रही है — सामान्य तीन से चार दिनों के वर्षा चक्र लगभग नदारद रहे हैं, जिसके चलते तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा।
मानसून में कमी और धान की खेती पर असर
1 जून से 27 अगस्त के बीच लगभग एक दर्जन जिलों में करीब 42 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के 37.96 लाख हेक्टेयर के धान बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 36.85 लाख हेक्टेयर — यानी लक्ष्य का लगभग 97 प्रतिशत — में बुवाई पूरी हो चुकी है। गया, जमुई और औरंगाबाद को छोड़कर सभी जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक बुवाई संपन्न हो चुकी है, जबकि किशनगंज और गोपालगंज में बुवाई लक्ष्य के 101 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
गौरतलब है कि सितंबर में भी वर्षा गतिविधि सामान्य से कम रहने का पूर्वानुमान है, जिससे धान की फसल के लिए किसानों की चिंताएं बढ़ रही हैं।
किसानों के लिए डीजल सब्सिडी
किसानों की कठिनाइयों को देखते हुए कृषि विभाग ने 17 अगस्त से डीजल सब्सिडी के लिए आवेदन स्वीकार करना शुरू कर दिया है। इस प्रावधान के तहत किसान डीजल चालित पंप सेटों से सिंचाई करने पर ₹75 प्रति लीटर की दर से ₹750 प्रति एकड़ की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशासन की सलाह
आपदा प्रबंधन विभाग ने निवासियों से मौसम की स्थिति के अनुसार सतर्कता बरतने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर नज़र रखना और कृषि विभाग के दिशानिर्देशों का पालन करना किसानों के लिए विशेष रूप से आवश्यक होगा।