13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार के 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, रक्षा बंधन पर 38 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार के 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, रक्षा बंधन पर 38 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

सारांश

रक्षा बंधन पर बिहार के 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट — लेकिन असली संकट बारिश का नहीं, उसकी कमी का है। इस मानसून सीजन में एक दर्जन जिलों में 42% बारिश की कमी और सितंबर में भी कमज़ोर मानसून का पूर्वानुमान धान की फसल पर भारी पड़ सकता है।

मुख्य बातें

मौसम विभाग ने 28 अगस्त को बिहार के सभी 38 जिलों में बारिश की संभावना जताई।
पटना सहित 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट , शेष 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी।
1 जून से 27 अगस्त के बीच लगभग एक दर्जन जिलों में 42% बारिश की कमी दर्ज।
राज्य में 36.85 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई — लक्ष्य का 97% पूरा।
कृषि विभाग ने 17 अगस्त से डीजल सब्सिडी आवेदन शुरू किए; दर ₹750 प्रति एकड़ ।
सितंबर में भी सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान, धान फसल के लिए चिंता।

मौसम विभाग ने 28 अगस्त 2026 को बिहार के सभी 38 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि पटना सहित 20 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रक्षा बंधन के अवसर पर राज्य में खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

ऑरेंज अलर्ट वाले 20 जिलों में पटना, जहानाबाद, नालंदा, गया, नवादा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगुसराय, शेखपुरा, लखीसराय, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और वैशाली शामिल हैं। शेष 18 जिले येलो अलर्ट के अंतर्गत हैं। विशेष रूप से उत्तरी बिहार में भारी वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

तापमान और आर्द्रता का हाल

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार दिन का तापमान 28 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि आर्द्रता लगभग 93 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पटना स्थित मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस मानसून सीजन में बिहार में समग्र वर्षा गतिविधि सामान्य से कम रही है — सामान्य तीन से चार दिनों के वर्षा चक्र लगभग नदारद रहे हैं, जिसके चलते तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा।

मानसून में कमी और धान की खेती पर असर

1 जून से 27 अगस्त के बीच लगभग एक दर्जन जिलों में करीब 42 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के 37.96 लाख हेक्टेयर के धान बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 36.85 लाख हेक्टेयर — यानी लक्ष्य का लगभग 97 प्रतिशत — में बुवाई पूरी हो चुकी है। गया, जमुई और औरंगाबाद को छोड़कर सभी जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक बुवाई संपन्न हो चुकी है, जबकि किशनगंज और गोपालगंज में बुवाई लक्ष्य के 101 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

गौरतलब है कि सितंबर में भी वर्षा गतिविधि सामान्य से कम रहने का पूर्वानुमान है, जिससे धान की फसल के लिए किसानों की चिंताएं बढ़ रही हैं।

किसानों के लिए डीजल सब्सिडी

किसानों की कठिनाइयों को देखते हुए कृषि विभाग ने 17 अगस्त से डीजल सब्सिडी के लिए आवेदन स्वीकार करना शुरू कर दिया है। इस प्रावधान के तहत किसान डीजल चालित पंप सेटों से सिंचाई करने पर ₹75 प्रति लीटर की दर से ₹750 प्रति एकड़ की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रशासन की सलाह

आपदा प्रबंधन विभाग ने निवासियों से मौसम की स्थिति के अनुसार सतर्कता बरतने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर नज़र रखना और कृषि विभाग के दिशानिर्देशों का पालन करना किसानों के लिए विशेष रूप से आवश्यक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

विरोधाभास अधिक है — क्योंकि बिहार एक साथ भारी बारिश की चेतावनी और मानसून की 42% कमी का सामना कर रहा है। छिटपुट तेज बारिश उस संचित जल-घाटे की भरपाई नहीं करती जो धान की जड़ों को चाहिए। सितंबर में और कमज़ोर मानसून का पूर्वानुमान यह संकेत देता है कि डीजल सब्सिडी एक अस्थायी पट्टी है, स्थायी समाधान नहीं। राज्य सरकार को वर्षा-निर्भर कृषि के विकल्पों पर दीर्घकालिक नीति की ज़रूरत है, न कि केवल मौसमी राहत उपायों की।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में ऑरेंज अलर्ट कितने जिलों में जारी है और इसका क्या मतलब है?
28 अगस्त को बिहार के 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका अर्थ है भारी से बहुत भारी वर्षा और तेज हवाओं की संभावना। इन जिलों में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और वैशाली प्रमुख हैं।
रक्षा बंधन पर बिहार में मौसम कैसा रहेगा?
रक्षा बंधन पर बिहार के सभी 38 जिलों में बारिश की संभावना है। दिन का तापमान 28 से 34 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता लगभग 93 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उत्तरी बिहार में विशेष रूप से भारी वर्षा हो सकती है।
बिहार में मानसून की कमी से धान की खेती पर क्या असर पड़ा है?
1 जून से 27 अगस्त के बीच लगभग एक दर्जन जिलों में 42 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज हुई है। इससे किसानों को धान की सिंचाई में कठिनाई हो रही है, हालाँकि राज्य में 36.85 लाख हेक्टेयर में बुवाई — लक्ष्य का 97% — पूरी हो चुकी है।
बिहार में किसानों को डीजल सब्सिडी कैसे मिलेगी?
कृषि विभाग ने 17 अगस्त से डीजल सब्सिडी के लिए आवेदन स्वीकार करना शुरू किया है। किसान डीजल पंप सेट से सिंचाई पर ₹75 प्रति लीटर की दर से ₹750 प्रति एकड़ की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
क्या सितंबर में बिहार में मानसून सामान्य रहेगा?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सितंबर में भी बिहार में वर्षा गतिविधि सामान्य से कम रह सकती है। यह धान की फसल के लिए चिंताजनक है, क्योंकि फसल की परिपक्वता के लिए इस महीने पर्याप्त नमी आवश्यक होती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले