अनंतनाग में सरकारी नौकरी के नाम पर ₹8.25 लाख की ठगी, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सरकारी नौकरी और अमरनाथ यात्रा परमिट दिलाने के झूठे वादे करके एक व्यक्ति से कथित तौर पर ₹8.25 लाख की धोखाधड़ी की गई है। अनंतनाग पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को आरोपी के विरुद्ध औपचारिक एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
मामले का घटनाक्रम
खानाबल निवासी वहीद अहमद इत्तू ने पुलिस को लिखित शिकायत दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि अनंतनाग जिले के ही रहने वाले आबिद हुसैन नेगरू ने उन्हें पुलिस विभाग में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) के पद पर नौकरी दिलाने का वादा किया। इसके अतिरिक्त, आरोपी ने अपनी कथित राजनीतिक पहुँच का हवाला देते हुए श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान पहलगाम में तीर्थयात्रियों के लिए टेंट लगाने की अनुमति दिलाने का भी भरोसा दिलाया।
शिकायत के अनुसार, इन्हीं झूठे आश्वासनों के आधार पर आरोपी ने शिकायतकर्ता से कुल ₹8.25 लाख वसूल किए। न नौकरी मिली, न परमिट — और जब वहीद अहमद ने रकम वापस माँगी तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत का संज्ञान लेते हुए अनंतनाग पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और धारा 351(3) (आपराधिक धमकी / जालसाजी) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि जाँच प्रक्रिया जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस धन, ज़मीन और नौकरी से जुड़े फर्जीवाड़े के मामलों में सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है — जिनमें आरोपी अक्सर बड़े नामों और राजनीतिक दलों का हवाला देकर लोगों को ठगते हैं।
पुलिस की चेतावनी और जन-सलाह
अनंतनाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी नौकरी या अन्य आधिकारिक लाभों के झूठे वादे करके ठगी करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने और किसी भी ऐसे व्यक्ति के बहकावे में न आने की सलाह दी है जो सरकारी नौकरी या परमिट दिलाने के लिए पैसे माँगे।
यह ऐसी पहली घटना नहीं है — अनंतनाग और आसपास के जिलों में इस तरह की ठगी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जहाँ बेरोज़गार युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों रुपए ऐंठे गए।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार, आरोपी आबिद हुसैन नेगरू के विरुद्ध जाँच जारी है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि यदि जाँच में और साक्ष्य मिले तो अतिरिक्त धाराएँ भी जोड़ी जा सकती हैं। पीड़ित वहीद अहमद को न्याय दिलाने और ठगी की रकम वापस दिलाने के प्रयास किए जाएँगे।