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आंध्र प्रदेश में दो पुलिसकर्मियों को 3 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया

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आंध्र प्रदेश में दो पुलिसकर्मियों को 3 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया

सारांश

आंध्र प्रदेश के एंटी-करप्शन ब्यूरो ने दो पुलिस अधिकारियों को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह मामला चेन-स्नैचिंग से संबंधित है, जो इस घटना को और भी गंभीर बनाता है।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश में दो पुलिस अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
रिश्वत की राशि 3 लाख रुपए थी।
यह मामला चेन-स्नैचिंग से संबंधित है।
एसीबी ने अन्य अधिकारियों को भी पकड़ा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सक्रियता बढ़ रही है।

अमरावती, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को वाईएसआर कडप्पा जिले के एक पुलिस थाने में दो पुलिसकर्मियों को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगी हाथों पकड़ा।

एसीबी के अधिकारियों ने जाल बिछाकर पुलिवेंदुला रूरल सर्कल के सर्कल इंस्पेक्टर एनवी रमना और सिम्हाद्रिपुरम पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर दसारी अनिल कुमार को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा। जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने एक आरोपी से रिश्वत मांगी थी, जो चेन-स्नैचिंग के मामलों में शामिल था।

आरोपी ने एक व्यक्ति ब्रह्मम से एक मोटरसाइकिल खरीदी थी, जो कथित तौर पर कश्मीर से लाए गए चोरी के वाहनों की रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट बदलकर बेचने वाले गैंग का हिस्सा था। आरोपी पर मोटरसाइकिल का उपयोग चेन-स्नैचिंग के अपराध करने के लिए करने का शक था और उस पर 15 लाख रुपए की सोने की चेन छीनने में संलिप्तता का आरोप था।

पुलिस अधिकारियों ने जानकारी इकट्ठा करने के बाद 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का प्रयास किया। आरोपी ने पहले ही मांगी गई रकम का एक हिस्सा पिछले शनिवार को दे दिया था। लेकिन, जब अधिकारियों ने बाकी रकम के लिए उस पर दबाव डालना शुरू किया, तो उसने एसीबी से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को पुलिस थाने में सब-इंस्पेक्टर को 3 लाख रुपए देने के लिए कहा।

जब शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम दी, तो एसीबी के अधिकारियों ने दखल दिया और सब-इंस्पेक्टर दसारी अनिल कुमार को रंगे हाथों पकड़ लिया। एनवी रमना को भी हिरासत में लिया गया। एसीबी ने आगे की जांच शुरू कर दी है।

इस बीच, श्रीकाकुलम जिले के इच्छापुरम में एक अलग घटना में एसीबी ने मंडल शिक्षा अधिकारी (एमईओ) कुरमना अप्पाराव और डेटा एंट्री ऑपरेटर उप्पाडा कामेश्वर राव को एक रिटायर्ड शिक्षक से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इसी तरह, विजयनगरम जिले के भोगापुरम मंडल के सवारवल्ली गांव के एक विलेज रेवेन्यू ऑफिसर (वीआरओ) को भी एक शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

एसीबी के निदेशक जनरल अतुल सिंह ने पिछले महीने कहा था कि ब्यूरो विभिन्न विभागों में भ्रष्ट अधिकारियों की पहचान करने और एंटी-करप्शन कानून को मजबूत करने के लिए अपने मुखबिरों का नेटवर्क बढ़ाएगा। डेटा के अनुसार, एसीबी ने 2025 में 115 मामले दर्ज किए, जिनमें 69 ट्रैप केस, आठ आय से अधिक संपत्ति के मामले, सात क्रिमिनल मिसकंडक्ट केस, 19 रेगुलर पूछताछ और 12 सरप्राइज इंस्पेक्शन शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण क्षण भी है। एंटी-करप्शन ब्यूरो की सक्रियता से यह संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एसीबी ने अन्य अधिकारियों को भी पकड़ा है?
हाँ, एसीबी ने अन्य अधिकारियों को भी रिश्वत लेते हुए पकड़ा है, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं।
रिश्वत का मुख्य उद्देश्य क्या था?
रिश्वत का मुख्य उद्देश्य चेन-स्नैचिंग के मामले में आरोपी को बचाना था।
क्या एसीबी की कार्रवाई से भ्रष्टाचार में कमी आएगी?
यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के प्रति एक सख्त संदेश भेजती है, जिससे भ्रष्टाचार में कमी की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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