बिहार में बारिश का अलर्ट: पटना समेत कई जिलों में राहत, कटिहार-पूर्णिया में भारी वर्षा की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व हिस्से में बने चक्रवाती प्रभाव के कारण बिहार के मौसम में 29 मई 2026 को बड़ा बदलाव दर्ज किया गया। राजधानी पटना सहित राज्य के कई जिलों में बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई।
मुख्य मौसम घटनाक्रम
पटना में शुक्रवार की सुबह तेज बारिश हुई। घने बादलों के कारण दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बना रहा। ठंडी हवाओं ने पिछले कई दिनों से पड़ रही तपन को कम किया। रोहतास और मधुबनी जिलों में हवा की रफ्तार करीब 37 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
पिछले 24 घंटों में गया के इमामगंज में 6.4 मिमी, बांके बाजार में 1.4 मिमी और मधेपुरा में 1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग का अलर्ट
पटना स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग केंद्र के अनुसार, अगले 24 घंटों में बिहार के अधिकांश जिलों में आंशिक बादल, गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं और बीच-बीच में बारिश की संभावना है। विभाग ने सीमांचल क्षेत्र के कटिहार और पूर्णिया जिलों के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का विशेष अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दो से तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
तापमान का हाल
गुरुवार को पटना समेत कम से कम 10 जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, कैमूर जिले के भभुआ में राज्य का सर्वाधिक तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है, हालांकि रुक-रुककर होने वाली बारिश से कुछ राहत बनी रहेगी।
मानसून की संभावित तिथि
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 12 जून से 18 जून 2026 के बीच बिहार पहुंचने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र सक्रिय है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि यह तंत्र और मजबूत होता है, तो मानसून तय समय से पहले भी राज्य में दस्तक दे सकता है।
आम जनता पर असर
गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन विभाग ने आगाह किया है कि कुछ जिलों में उमस बनी रह सकती है। कटिहार और पूर्णिया जैसे सीमांचल जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों पर जाने से बचने की भी हिदायत दी गई है।