क्या बिहार में ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना है?
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में लगातार ठंड और कोहरा बना हुआ है।
- अधिकतम तापमान में गिरावट हुई है।
- विद्यालयों की गतिविधियाँ 7 जनवरी तक बंद रहेंगी।
- मौसम में सुधार की उम्मीद कम है।
- बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए गए हैं।
पटना, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के दक्षिण-पश्चिम और उत्तरी क्षेत्र फिर से कोहरे की गिरफ्त में हैं। इस दौरान, तेज पछुआ हवा ने ठंड को और बढ़ा दिया है। इस वजह से पटना सहित कई जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बहुत कम अंतर होने के कारण ठंड का असर दिनभर बना रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य का मौसम शुष्क बना रहा। अधिकतम तापमान 13.4 से 20.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। अनेक जगहों पर अधिकतम तापमान में 5-7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस छपरा में देखा गया, जबकि राज्य का न्यूनतम तापमान 8.2 से 14.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, सबसे कम दृश्यता 50 मीटर वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण) में दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा कि अगले सात दिनों तक राज्य का मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 2-3 दिनों में राज्य के कई क्षेत्रों में मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है। अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव है।
वहीं, मुजफ्फरपुर में लगातार पड़ रही ठंड और न्यूनतम तापमान में गिरावट को देखते हुए, बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने एहतियाती कदम उठाते हुए विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों को 7 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। इस आदेश के तहत सभी सरकारी और निजी विद्यालयों की कक्षा आठ तक की गतिविधियां 5 से 7 जनवरी तक बंद रहेंगी। इसके साथ ही, आठवीं कक्षा से ऊपर की कक्षाओं का संचालन पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 3:30 बजे के बीच किया जाएगा।