अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के प्रभाव: 10 देश हुए प्रभावित, हरि नारायण सिंह का बयान

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अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के प्रभाव: 10 देश हुए प्रभावित, हरि नारायण सिंह का बयान

सारांश

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष का प्रभाव अब केवल इन तीन देशों तक सीमित नहीं रहा है। जदयू विधायक हरि नारायण सिंह के अनुसार, इससे लगभग दस अन्य देशों पर भी असर पड़ा है, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ गई है।

Key Takeaways

  • संघर्ष ने लगभग 10 देशों को प्रभावित किया है।
  • भारत की तटस्थता नीति महत्वपूर्ण है।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल निर्यात का महत्वपूर्ण मार्ग है।
  • ईरान और भारत के बीच साझा हित हैं।
  • संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय है।

पटना, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर जदयू विधायक हरि नारायण सिंह ने अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अब केवल इन तीन देशों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लगभग दस अन्य देश भी इससे प्रभावित हो चुके हैं। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर चिंता को बढ़ा दिया है।

हरि नारायण सिंह ने आगे कहा कि भारत की नीति हमेशा से तटस्थ रहने की रही है। उनका मानना है कि विवादों का समाधान युद्ध के बजाय वार्ता के माध्यम से होना चाहिए।

बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का निर्णय है। मुख्यमंत्री पद या अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कौन रहेगा, यह तय करने की जिम्मेदारी पार्टी की है। व्यक्तिगत रूप से मैं इस पर कोई निर्णय नहीं ले सकता और कल एनडीए गठबंधन की बैठक में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे गंभीर संघर्ष का असर कई देशों पर देखने को मिल रहा है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने संकेत दिया है कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की अनुमति जल्द दी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच क्षेत्र में साझा हित हैं और भारत एक मित्र देश है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में ईरान की मदद की है। यह बयान उस समय आया जब ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने कहा था कि तेहरान ने कुछ देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है।

तख्त-रवांची ने यह भी कहा कि ईरान पर आरोप लगाना कि उसने जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, गलत है। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान यह मार्ग बंद था और ईरान दुश्मन देशों को इस जलडमरूमध्य का उपयोग नहीं करने देगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत निर्यात होता है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि यह केवल तीन देशों का मामला नहीं है। इसके व्यापक प्रभाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता को जन्म दिया है। भारत की तटस्थता और वार्ता की नीति इस स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष का क्या प्रभाव है?
इस संघर्ष से लगभग 10 देशों पर असर पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी है।
भारत की इस संघर्ष में क्या भूमिका है?
भारत हमेशा से तटस्थ रहने की नीति पर चल रहा है और विवादों का समाधान वार्ता के माध्यम से चाहता है।
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