31 जुलाई 2026
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बिहार के 25 जिलों में मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट', तेज आंधी-बिजली और भारी बारिश की चेतावनी

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बिहार के 25 जिलों में मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट', तेज आंधी-बिजली और भारी बारिश की चेतावनी

सारांश

बिहार में मानसून फिर सक्रिय, पर असमान — उत्तर-पूर्व में 25 जिलों पर येलो अलर्ट और 40 किमी/घंटे की आंधी का खतरा, जबकि दक्षिण-मध्य बिहार में उमस भरी गर्मी। राज्य में अब तक सामान्य से 42% कम बारिश दर्ज, किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ी।

मुख्य बातें

मौसम विभाग ने 31 जुलाई 2026 को बिहार के 25 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया।
चेतावनी में तेज आंधी, वज्रपात और 40 किमी प्रति घंटे तक की हवा की गति का अनुमान।
सर्वाधिक खतरा उत्तरी बिहार , पूर्वी बिहार और सीमांचल क्षेत्र को।
पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक तापमान बक्सर में 36.5°C दर्ज।
राज्य में इस मौसम में अब तक सामान्य से 42% कम वर्षा — अपेक्षित 494.8 मिमी के मुकाबले केवल 288 मिमी ।
अधिकारियों ने नागरिकों को आंधी के दौरान खुले स्थानों से बचने की सलाह दी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई 2026 को बिहार के 25 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, क्योंकि राज्य में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। चेतावनी में तेज आंधी, वज्रपात और भारी वर्षा के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की हवा की गति का अनुमान जताया गया है।

किन जिलों पर सबसे अधिक असर

मौसम विभाग के अनुसार इस मौसम प्रणाली का सर्वाधिक प्रभाव उत्तरी बिहार, पूर्वी बिहार और सीमांचल क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। अलर्ट के दायरे में आने वाले जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और खगड़िया शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कैमूर, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई में भी गरज के साथ तूफान आने की संभावना जताई गई है।

दक्षिण-मध्य बिहार में अलग तस्वीर

इसके विपरीत, पटना सहित दक्षिण और मध्य बिहार में मौसम की स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है। राजधानी में बीच-बीच में बादल छाने की संभावना है, लेकिन भारी बारिश के आसार कम बताए जा रहे हैं। तेज धूप और उच्च आर्द्रता के संयोजन से मौसम असहज बना रह सकता है, हालाँकि शाम को छिटपुट बूंदाबांदी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। गया, नालंदा और नवादा में भी इसी तरह की स्थिति रहने का पूर्वानुमान है।

तापमान और उमस का हाल

पिछले 24 घंटों में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान बक्सर में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद भोजपुर में 36.3 डिग्री, पटना में 35.9 डिग्री और औरंगाबाद में 35.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राज्य के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का स्तर काफी ऊँचा बना हुआ है।

मौसम वैज्ञानिकों की राय

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में मानसूनी हवाओं की तीव्रता में भिन्नता के कारण वर्षा का वितरण असमान हो रहा है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं उत्तरपूर्वी बिहार तक अधिक सीधे पहुँच रही हैं, जिससे वहाँ अधिक बादल बन रहे हैं और ज़्यादा बारिश हो रही है। दक्षिण-मध्य बिहार की ओर बढ़ते हुए मानसून का प्रवाह काफी कमज़ोर पड़ जाता है, और स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादलों से ही कभी-कभी बारिश होती है।

सामान्य से 42% कम बारिश, किसानों में चिंता

मानसून की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति ने प्रशासन और किसान समुदाय दोनों में चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, बिहार में इस मौसम में अब तक सामान्य से 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है — जहाँ 494.8 मिमी बारिश की उम्मीद थी, वहाँ केवल लगभग 288 मिमी ही हो पाई है। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ फसलों की बुआई का अहम दौर चल रहा है। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों से बचें, इमारतों में शरण लें और वज्रपात की सूचना मिलने पर विशेष सावधानी बरतें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो धान की रोपाई पर सीधा असर डाल सकता है। येलो अलर्ट जारी करना ज़रूरी कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि वज्रपात और बाढ़ की स्थिति में ज़िला स्तर पर त्वरित राहत तंत्र कितना तैयार है — क्योंकि पिछले वर्षों में अलर्ट के बावजूद जनहानि के मामले सामने आते रहे हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में येलो अलर्ट किन जिलों के लिए जारी किया गया है?
मौसम विभाग ने 31 जुलाई 2026 को बिहार के 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार सहित उत्तरी और पूर्वी बिहार के अधिकांश जिले शामिल हैं।
बिहार में येलो अलर्ट का मतलब क्या है और इससे क्या खतरा है?
येलो अलर्ट का अर्थ है कि संबंधित क्षेत्रों में तेज आंधी, वज्रपात और भारी बारिश की संभावना है तथा नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए। इस अलर्ट में 40 किमी प्रति घंटे तक की हवा और बिजली गिरने की चेतावनी शामिल है।
बिहार में इस मानसून सीज़न में कितनी बारिश हुई है?
आँकड़ों के अनुसार बिहार में इस मौसम में अब तक सामान्य से 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। जहाँ 494.8 मिमी बारिश की उम्मीद थी, वहाँ केवल लगभग 288 मिमी ही हो पाई है।
पटना और दक्षिण बिहार में मौसम कैसा रहेगा?
पटना सहित दक्षिण और मध्य बिहार में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है। वहाँ भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन तेज धूप और उच्च आर्द्रता के कारण मौसम असहज रह सकता है।
बिहार में मानसून वर्षा का वितरण असमान क्यों है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं उत्तरपूर्वी बिहार तक अधिक सीधे पहुँचती हैं, जिससे वहाँ अधिक बादल और बारिश होती है। दक्षिण-मध्य बिहार की ओर बढ़ते हुए मानसून का प्रवाह कमज़ोर पड़ जाता है, जिससे वर्षा का वितरण असमान हो जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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