बिहार के 25 जिलों में मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट', तेज आंधी-बिजली और भारी बारिश की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई 2026 को बिहार के 25 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, क्योंकि राज्य में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। चेतावनी में तेज आंधी, वज्रपात और भारी वर्षा के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की हवा की गति का अनुमान जताया गया है।
किन जिलों पर सबसे अधिक असर
मौसम विभाग के अनुसार इस मौसम प्रणाली का सर्वाधिक प्रभाव उत्तरी बिहार, पूर्वी बिहार और सीमांचल क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। अलर्ट के दायरे में आने वाले जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और खगड़िया शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कैमूर, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई में भी गरज के साथ तूफान आने की संभावना जताई गई है।
दक्षिण-मध्य बिहार में अलग तस्वीर
इसके विपरीत, पटना सहित दक्षिण और मध्य बिहार में मौसम की स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है। राजधानी में बीच-बीच में बादल छाने की संभावना है, लेकिन भारी बारिश के आसार कम बताए जा रहे हैं। तेज धूप और उच्च आर्द्रता के संयोजन से मौसम असहज बना रह सकता है, हालाँकि शाम को छिटपुट बूंदाबांदी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। गया, नालंदा और नवादा में भी इसी तरह की स्थिति रहने का पूर्वानुमान है।
तापमान और उमस का हाल
पिछले 24 घंटों में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान बक्सर में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद भोजपुर में 36.3 डिग्री, पटना में 35.9 डिग्री और औरंगाबाद में 35.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राज्य के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का स्तर काफी ऊँचा बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों की राय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में मानसूनी हवाओं की तीव्रता में भिन्नता के कारण वर्षा का वितरण असमान हो रहा है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं उत्तरपूर्वी बिहार तक अधिक सीधे पहुँच रही हैं, जिससे वहाँ अधिक बादल बन रहे हैं और ज़्यादा बारिश हो रही है। दक्षिण-मध्य बिहार की ओर बढ़ते हुए मानसून का प्रवाह काफी कमज़ोर पड़ जाता है, और स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादलों से ही कभी-कभी बारिश होती है।
सामान्य से 42% कम बारिश, किसानों में चिंता
मानसून की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति ने प्रशासन और किसान समुदाय दोनों में चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, बिहार में इस मौसम में अब तक सामान्य से 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है — जहाँ 494.8 मिमी बारिश की उम्मीद थी, वहाँ केवल लगभग 288 मिमी ही हो पाई है। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ फसलों की बुआई का अहम दौर चल रहा है। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों से बचें, इमारतों में शरण लें और वज्रपात की सूचना मिलने पर विशेष सावधानी बरतें।