बिहार मौसम अलर्ट: 7 जिलों में ऑरेंज, 12 में येलो चेतावनी; 30-40 किमी/घंटा तेज हवाओं का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त 2026 को बिहार के 19 जिलों के लिए मौसम अलर्ट जारी किया है, जिसमें गुरुवार को भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब बिहार में अब तक सामान्य से 39 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
मौसम विभाग ने सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार — कुल 7 जिलों — के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। अधिकारियों ने निवासियों को सलाह दी है कि जब भी संभव हो, वे घर के अंदर ही रहें।
येलो अलर्ट वाले जिले
शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुज़फ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई — इन 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक पूरे बिहार में मौसम खराब बने रहने की आशंका है। 21 अगस्त को उत्तर-पूर्वी और पूर्वी बिहार में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है — विशेष रूप से पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, अररिया और किशनगंज में भारी बारिश हो सकती है।
22 अगस्त को उत्तरी बिहार के अधिकांश हिस्सों में येलो अलर्ट जारी रहने की उम्मीद है, जबकि दक्षिणी बिहार के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट की संभावना है। इस दिन प्रभावित होने वाले जिलों में गोपालगंज, सिवान, रोहतास, कैमूर और बक्सर शामिल हैं।
राजधानी पटना की स्थिति
पटना में 20 अगस्त की सुबह मौसम साफ रहा, हालांकि दिन में बाद में बादल छाने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। उत्तर-पूर्वी और मध्य बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान जारी रहने की उम्मीद है।
सावधानी और आगे की राह
मौसम विभाग के अधिकारियों ने आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान लोगों को खुले मैदानों और अकेले खड़े पेड़ों से दूर रहने तथा आधिकारिक मौसम सलाह का पालन करने की हिदायत दी है। गौरतलब है कि बिहार में अब तक सामान्य से 39% कम बारिश दर्ज हुई है, लेकिन मानसून अभी भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में संभावित बारिश से राज्य में वर्षा की इस कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकता है।