बिहार में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट; सीतामढ़ी-मधुबनी के लिए रेड अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने 31 अक्टूबर 2026 को बिहार के कई जिलों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। सीतामढ़ी और मधुबनी के लिए सर्वोच्च स्तर का 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँ मौसम की स्थिति सबसे अधिक गंभीर रहने की आशंका है।
अलर्ट का स्तर और प्रभावित जिले
मौसम विभाग ने राज्य के जिलों को तीन श्रेणियों में बाँटते हुए अलर्ट जारी किए हैं। सीतामढ़ी और मधुबनी के लिए 'रेड अलर्ट' घोषित किया गया है — यह सर्वाधिक खतरे का संकेत है।
पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, भोजपुर, सारण, सीवान, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, बांका, भागलपुर, लखीसराय, बेगूसराय और जमुई के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिसमें 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की चेतावनी दी गई है।
जनजीवन पर असर
पिछले दो-तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में आम जनजीवन को प्रभावित किया है। बारिश के चलते तापमान में 5-7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम अचानक ठंडा हो गया है और सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिजली कड़कने और आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न खड़े हों। विभाग ने यह भी कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट का ही पालन करें।
किसानों की चिंता बढ़ी
इस मौसमी चेतावनी ने बिहार के किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। खबरों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में धान की खड़ी फसलें गिर गई हैं — तेज हवाओं और पानी के दबाव में बालियों से लदे पौधे झुककर भूमि पर आ गए हैं। इससे किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी निकाल दें और कटी हुई या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करें, ताकि नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के अधिकांश किसान धान की कटाई के अंतिम चरण में थे।
प्रशासन की अपील और सुरक्षा निर्देश
जिला प्रशासन ने विशेष रूप से रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लोगों को हिदायत दी गई है कि तेज बारिश और बिजली कड़कने की स्थिति में वे पक्के मकानों में रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
मौसम की यह प्रवृत्ति अक्टूबर के अंत में असामान्य मानी जा रही है, और विशेषज्ञों के अनुसार यह मानसून की वापसी में देरी या बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से जुड़ी हो सकती है। आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार की उम्मीद है, लेकिन तब तक प्रशासन और मौसम विभाग पूरी निगरानी बनाए हुए हैं।