चक्रवात 'अर्नब': बिहार के सीतामढ़ी-मधुबनी में रेड अलर्ट, 31 अक्टूबर तक भारी बारिश की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव के चलते बिहार के कई जिलों के लिए मौसम चेतावनी जारी की है। सीतामढ़ी और मधुबनी जिलों को सर्वाधिक गंभीर 'रेड अलर्ट' श्रेणी में रखा गया है, जहाँ अत्यंत भारी वर्षा एवं वज्रपात का खतरा बताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह मौसमी प्रणाली 31 अक्टूबर 2026 तक सक्रिय रह सकती है।
जिलावार अलर्ट की स्थिति
सीतामढ़ी और मधुबनी के लिए जारी रेड अलर्ट सबसे ऊँचे खतरे का संकेत है — यहाँ बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। दरभंगा, शिवहर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँ भारी बारिश, आँधी-तूफान और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चल सकती हैं।
राज्य की राजधानी पटना सहित कई अन्य जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' दिया गया है, जिसमें वर्षा, आँधी और वज्रपात की चेतावनी है। पटना में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश के कारण तापमान में पहले ही उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हो चुकी है।
व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव
चक्रवात 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्से भी इस मौसमी प्रणाली की चपेट में आए हैं। गौरतलब है कि यह चक्रवात उस समय आया है जब उत्तर-पूर्व भारत में सर्दी की दस्तक अभी शुरू ही हुई थी, जिससे मौसम में असामान्य बदलाव और तेज़ हो गया है।
आम जनता पर असर
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी वर्षा के कारण प्रभावित इलाकों में जलभराव हो सकता है, जिससे सामान्य जनजीवन बाधित होने की आशंका है। घर से बाहर काम करने वाले लोगों के लिए तेज़ हवाएँ और वज्रपात विशेष जोखिम पैदा कर सकते हैं।
बिहार के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में भी काफी गिरावट आने का अनुमान है — बारिश के बाद मौसम और ठंडा हो सकता है, जिससे राज्य के कुछ क्षेत्रों में समय से पहले ही शीतकालीन ठंड का एहसास होने लगा है।
सुरक्षा निर्देश
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने नागरिकों को सलाह दी है कि आँधी-तूफान के दौरान किसी सुरक्षित और बंद इमारत में शरण लें। वज्रपात के समय खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और खुली जगहों से दूर रहें।
विभाग ने यह भी अपील की है कि लोग अफ़वाहों पर ध्यान न दें और सटीक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन तथा सरकारी परामर्श पर भरोसा करें।
क्या होगा आगे
IMD की ताज़ा जिलावार चेतावनी के अनुसार, बिहार के कुछ हिस्सों में प्रतिकूल मौसम की स्थिति शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 तक बनी रह सकती है। इसके बाद मौसमी प्रणाली के कमज़ोर पड़ने और तापमान में क्रमिक स्थिरता आने की संभावना जताई गई है। प्रशासन को सतर्क रहने और राहत उपायों को तैयार रखने की आवश्यकता है।