चक्रवात 'अर्नब' का असर: IMD ने पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया, मऊगंज-सीधी-सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अक्टूबर 2026 को बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों को इस अलर्ट के दायरे में रखा गया है, जहाँ 5 से 15 मिमी प्रति घंटे की दर से बारिश और बादलों से जमीन पर बिजली गिरने की 30 से 60 प्रतिशत संभावना जताई गई है।
किन जिलों में कैसा रहेगा मौसम
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बालाघाट, मंडला, कान्हा, डिंडोरी, शहडोल, बाणसागर बांध, अनूपपुर, अमरकंटक, सीधी और सिंगरौली में बिजली कड़कने के साथ मध्यम दर्जे की आंधी-तूफान और बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा सिवनी, जबलपुर, भेड़ाघाट, कटनी, उमरिया, बांधवगढ़, सतना, चित्रकूट, मैहर, रीवा, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश और आंधी-तूफान की उम्मीद है।
वहीं भोपाल, ग्वालियर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
कितनी बारिश की आशंका
रीवा, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में गुरुवार को भारी बारिश हो सकती है। विभाग के अनुसार, कुछ स्थानों पर चार इंच या उससे अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बारिश की दर 5 से 15 मिमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि शेष क्षेत्रों में 5 मिमी प्रति घंटे से कम बारिश होने की उम्मीद है।
मानसून के बाद भी जारी है बारिश का सिलसिला
गौरतलब है कि 3 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद पूरे महीने बारिश का दौर अनवरत जारी रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती मौसम प्रणालियों के कारण है, जो सामान्य मानसून पैटर्न से अलग है। दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग 100 दिनों तक सक्रिय रहा।
यह ऐसे समय में आया है जब विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर महीने में बारिश, गर्मी और ठंड — तीनों का मिला-जुला असर देखा जा सकता है।
IMD की सलाह और एहतियाती उपाय
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे निचले इलाकों में जाने से बचें, आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और गीली सड़कों पर यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें। प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में बदलाव की संभावना को देखते हुए, प्रभावित जिलों के निवासियों को IMD के अपडेट पर नज़र रखने की सलाह दी गई है।