मध्य प्रदेश में 8 मई तक आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी, IMD ने 30+ जिलों को किया अलर्ट

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मध्य प्रदेश में 8 मई तक आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी, IMD ने 30+ जिलों को किया अलर्ट

सारांश

IMD भोपाल ने मध्य प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में 8 मई तक आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त असर से 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं — किसानों और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें

IMD भोपाल ने 4 मई 2026 को मध्य प्रदेश के 30+ जिलों में अगले चार दिनों के लिए आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की।
दतिया, भिंड, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में 60-70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने का अनुमान।
सिंगरौली, सीधी और उत्तरी नीमच में मध्यम आंधी, ओलावृष्टि और 60 किमी/घंटे तक हवाओं की संभावना।
पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा-पूर्वी MP के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण इस मौसमी उथल-पुथल की वैज्ञानिक वजह।
किसानों को फसलें ढकने या समय से पहले कटाई करने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह।
खराब मौसम का असर 8 मई 2026 तक बने रहने का अनुमान।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने 4 मई 2026 को मध्य प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अगले चार दिनों तक आंधी, बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, यह खराब मौसम का दौर 8 मई 2026 तक जारी रह सकता है, जिससे कृषि, संपत्ति और नागरिक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

किन जिलों में है सबसे अधिक खतरा

सीधी, संजय दुबरी राष्ट्रीय उद्यान, पूर्वी अनूपपुर और उत्तरी नीमच में मध्यम आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। सिंगरौली में मध्यम गरज के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि का अनुमान जताया गया है।

दतिया, भिंड, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी के कुछ हिस्सों में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा शाम के समय दक्षिणी नीमच, पश्चिमी अनूपपुर, अमरकंटक, उत्तर-पूर्वी मंदसौर, विदिशा, भोपाल, आगर, राजगढ़, उत्तरी बड़वानी, दक्षिणी रीवा, मऊगंज, शहडोल, बाणसागर बांध, सागर, दमोह, उत्तरी सिवनी, उत्तरी मंडला और पश्चिमी रायसेन में बिजली चमकने के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है।

व्यापक क्षेत्र में बारिश और गरज-चमक का अनुमान

भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पन्ना और सागर सहित कई अन्य जिलों में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में रबी फसल की कटाई का काम अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

मौसम की वैज्ञानिक वजह

मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में सक्रिय है। इसके साथ ही हरियाणा और पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से 8 मई तक राज्य में तूफानी गतिविधियाँ जारी रहने का अनुमान है।

किसानों और आम नागरिकों के लिए सलाह

IMD के बुलेटिन में चेतावनी दी गई है कि ओलावृष्टि से खड़ी फसलों, फलों, सब्जियों और नाजुक इमारतों को नुकसान पहुँच सकता है। किसानों को फसलों को ढकने या जहाँ संभव हो, समय से पहले कटाई करने के सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। पशुओं और वाहनों को सुरक्षित स्थान पर रखने का भी आग्रह किया गया है।

नागरिकों से कहा गया है कि आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें और पेड़ों के नीचे या बिजली की तारों के पास शरण लेने से बचें। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि इस अस्थिर मौसम में जान, माल और कृषि को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एहतियात बरतना अनिवार्य है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार 30 से अधिक जिलों को एक साथ अलर्ट पर रखना असाधारण है। गौरतलब है कि राज्य में रबी फसल की कटाई अभी पूरी तरह नहीं हुई है, ऐसे में ओलावृष्टि किसानों के लिए दोहरी मार साबित हो सकती है। IMD की चेतावनी समय पर जारी हुई है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि जिला प्रशासन किसानों तक यह सूचना कितनी तेज़ी से और कितने प्रभावी तरीके से पहुँचाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान की चेतावनी कब तक है?
IMD भोपाल के अनुसार, मध्य प्रदेश में आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की गतिविधियाँ 8 मई 2026 तक जारी रहने का अनुमान है। यह चेतावनी 4 मई 2026 को जारी की गई थी।
किन जिलों में सबसे तेज हवाएं चलने की संभावना है?
दतिया, भिंड, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। सीधी, उत्तरी नीमच और सिंगरौली में भी 60 किमी/घंटे तक की हवाओं के साथ ओलावृष्टि की संभावना है।
इस खराब मौसम की वैज्ञानिक वजह क्या है?
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में सक्रिय है। इसके साथ हरियाणा और पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है, जिससे राज्यभर में तूफानी गतिविधियाँ हो रही हैं।
किसान इस मौसम में अपनी फसलें कैसे बचाएं?
IMD ने किसानों को सलाह दी है कि वे खड़ी फसलों को ढकें या जहाँ संभव हो, समय से पहले कटाई करें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और वाहनों को भी ढककर सुरक्षित जगह पर खड़ा करें।
आंधी-तूफान के दौरान नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
IMD की सलाह है कि नागरिक आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें और पेड़ों के नीचे या बिजली की तारों के पास शरण लेने से बचें। आधिकारिक अलर्ट पर नज़र बनाए रखें।
राष्ट्र प्रेस
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