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मध्य प्रदेश में 5 दिन आंधी-ओलावृष्टि-लू का अलर्ट: मौसम विभाग ने 28 जिलों को किया सतर्क

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मध्य प्रदेश में 5 दिन आंधी-ओलावृष्टि-लू का अलर्ट: मौसम विभाग ने 28 जिलों को किया सतर्क

सारांश

मध्य प्रदेश में मौसम का दोहरा संकट — एक ओर पूर्वी जिलों में 70 किमी/घंटा की आँधी और ओलावृष्टि, दूसरी ओर पश्चिमी जिलों में लू। मौसम विभाग ने 28 से अधिक जिलों को अगले पाँच दिनों के लिए सतर्क किया है, ठीक मानसून आगमन से पहले के इस संवेदनशील दौर में।

मुख्य बातें

मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने 11 जून 2025 को 28 से अधिक जिलों में अगले 5 दिनों के लिए मौसम चेतावनी जारी की।
निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सिंगरौली में 70 किमी/घंटा तक की आँधी और आकाशीय बिजली का खतरा।
दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में ओलावृष्टि की आशंका।
छिंदवाड़ा और खजुराहो (छतरपुर) में लू की स्थिति पहले ही दर्ज।
बजाग में 15 मिमी, बालाघाट में 12.4 मिमी, डिंडोरी में 9.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड।
दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना समेत कई राज्यों में पहुँचा; महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ने की स्थिति अनुकूल।

मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने 11 जून 2025 को मध्य प्रदेश के 28 से अधिक जिलों के लिए अगले पाँच दिनों तक गरज-चमक, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, तेज़ आँधी और लू की एक साथ चेतावनी जारी की है। यह असामान्य मौसमी संयोग — एक ओर पूर्वी जिलों में मानसून पूर्व वर्षा और दूसरी ओर पश्चिमी जिलों में लू — राज्य के किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

मुख्य मौसमी चेतावनियाँ

भोपाल मौसम केंद्र की ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, निवाड़ी, ओरछा, टीकमगढ़, छतरपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और सिंगरौली जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। दतिया, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, मऊगंज, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर (अमरकंटक) और शहडोल में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाओं के साथ हल्की गरज-चमक का अनुमान है।

इसके अलावा दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। छिंदवाड़ा और खजुराहो (छतरपुर) में लू की स्थिति पहले ही दर्ज की जा चुकी है।

हाल में दर्ज हुई वर्षा और हवाओं का असर

राज्य के कई हिस्सों में बारिश रिकॉर्ड की गई है — बजाग में 15 मिमी, बालाघाट में 12.4 मिमी और डिंडोरी में 9.2 मिमी वर्षा दर्ज हुई। तेज़ हवाओं के मामले में सागर में 54 किमी प्रति घंटा, शहडोल में 43 किमी प्रति घंटा और जबलपुर में 41 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलीं। भिंड, बालाघाट, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला, खजुराहो, दमोह, पन्ना, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, सतना, सीधी और डिंडोरी में व्यापक गरज-चमक की गतिविधियाँ देखी गईं।

मानसून की स्थिति और आगे की राह

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुँच चुका है। आने वाले दिनों में इसके महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश के अन्य इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बताई जा रही हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश से पहले का यह संक्रमण काल आमतौर पर तीव्र मौसमी उतार-चढ़ाव लेकर आता है।

प्रशासन की सलाह और एहतियाती उपाय

प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहने और तेज़ धूप में बाहर निकलने से बचने की अपील की है। किसानों को समय पर सिंचाई और फसल कटाई करने, तथा ओलावृष्टि व तेज़ हवाओं से फसलों, पशुधन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आम नागरिकों को पर्याप्त पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखने का निर्देश दिया गया है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य के कई इलाके पहले से ही गर्मी की मार झेल रहे हैं और खरीफ बुवाई की तैयारियाँ चल रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कृषि संकट की पूर्व-सूचना है। खरीफ बुवाई की तैयारी के ठीक इस दौर में ओलावृष्टि और तेज़ आँधी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा सकती है, जबकि लू पशुधन और मज़दूरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। मुख्यधारा की कवरेज ज़िलेवार चेतावनियाँ सूचीबद्ध करती है, लेकिन यह सवाल नहीं उठाती कि राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र एक साथ दो विपरीत मौसमी आपात स्थितियों से निपटने के लिए कितना तैयार है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने किन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है?
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने भोपाल, विदिशा, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, बालाघाट, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली सहित 28 से अधिक जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। इनमें से कुछ जिलों में 70 किमी/घंटा तक की आँधी और ओलावृष्टि का खतरा है।
मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि का सबसे अधिक खतरा किन जिलों को है?
दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में ओलावृष्टि की सबसे अधिक आशंका जताई गई है। किसानों को फसलों और पशुधन की सुरक्षा के लिए तत्काल एहतियाती उपाय करने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में मानसून कब तक पहुँचेगा?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुँचा है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ने की परिस्थितियाँ अनुकूल हैं, जिसके बाद मध्य प्रदेश में प्रवेश संभव है।
खराब मौसम में आम नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने, तेज़ धूप में बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीकर हाइड्रेट रहने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना ज़रूरी है।
मध्य प्रदेश के किन जिलों में लू की स्थिति दर्ज की गई है?
छिंदवाड़ा और खजुराहो (छतरपुर) में लू की स्थिति पहले ही दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में लू जारी रहने की आशंका जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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